कब से शुरू होगा चैत्र माह 2026, सुख-समृद्धि के लिए क्या करें और किन कामों से बचें
Kaushiki | Mar 01, 2026, 14:15 IST
chaitra-month
चैत्र माह 2026 की शुरुआत 4 मार्च से हो रही है। जानिए इस पावन महीने के नियम, महत्व और नवरात्रि की सही तारीख। बता दें कि हिंदू कैलेंडर का यह पहला महीना है।
Chaitra Month 2026: हिंदू पंचांग के मुताबिक, चैत्र का महीना ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। यह साल का पहला महीना है। इसी माह से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इस साल चैत्र माह की शुरुआत 4 मार्च 2026 से हो रही है।
शास्त्रों में इस दिन चित्रा नक्षत्र का शुभ संयोग बनता है। इसी कारण से इस महीने को चैत्र मास कहा जाता है। इस समय बसंत विदा होता है और ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है।
प्रकृति में चारों ओर नई पत्तियां और फूल खिलते हैं। इसे मधु मास भी कहा जाता है क्योंकि यह महीना मिठास और उत्साह भर देता है। आइए जानें इस महीनें में क्या करें और क्या न करें...
हिंदू धर्मग्रंथों के मुताबिक, चैत्र माह केवल एक महीना नहीं बल्कि पूरी सृष्टि के जन्म का गवाह है। पौराणिक मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्मा जी ने ब्रह्मांड की रचना शुरू की थी। इसी कारण इसे हिंदू नववर्ष का प्रथम मास माना जाता है।
एक अन्य कथा के मुताबिक, भगवान विष्णु ने अधर्म का नाश करने के लिए अपना पहला अवतार मत्स्य अवतार (मछली का रूप) इसी चैत्र माह में धारण किया था। सतयुग की शुरुआत भी इसी पावन समय से मानी जाती है।
अध्यात्म की दृष्टि से ये समय आत्म-शुद्धि और नई ऊर्जा के संचार का है। मान्यता के मुताबिक, चैत्र के महीने में की गई पूजा और भक्ति से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ये महीना हमें अंधकार से प्रकाश और पुरानी यादों को छोड़कर नई शुरुआत की प्रेरणा देता है।
चैत्र माह में अपनी शारीरिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए इन नियमों का पालन करना चाहिए।
चैत्र के महीने में अपनी सेहत और सौभाग्य को बनाए रखने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:
साल 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इसी दिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार हिंदू नववर्ष का भी भव्य स्वागत किया जाएगा। यह समय भक्ति और नई शक्ति के संचार का माना जाता है।
नौ दिनों की श्रद्धा और साधना के बाद, 27 मार्च को राम नवमी का त्योहार मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि चैत्र शुक्ल नवमी के दिन ही भगवान श्री राम का जन्म हुआ था।
इन विशेष तिथियों पर पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और व्रत करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। Chaitra Pratipada
ये खबरें भी पढ़ें....
कब से शुरू हो रहा चैत्र नवरात्रि 2026, घटस्थापना के लिए मिलेंगे दो सबसे शुभ मुहूर्त
भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये में होगा होलिका दहन 2026, जानें पूजा का सही मुहूर्त
पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे
तीन मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें भारत में सूतक काल का समय
शास्त्रों में इस दिन चित्रा नक्षत्र का शुभ संयोग बनता है। इसी कारण से इस महीने को चैत्र मास कहा जाता है। इस समय बसंत विदा होता है और ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है।
प्रकृति में चारों ओर नई पत्तियां और फूल खिलते हैं। इसे मधु मास भी कहा जाता है क्योंकि यह महीना मिठास और उत्साह भर देता है। आइए जानें इस महीनें में क्या करें और क्या न करें...
चैत्र माह की पौराणिक कथा
एक अन्य कथा के मुताबिक, भगवान विष्णु ने अधर्म का नाश करने के लिए अपना पहला अवतार मत्स्य अवतार (मछली का रूप) इसी चैत्र माह में धारण किया था। सतयुग की शुरुआत भी इसी पावन समय से मानी जाती है।
अध्यात्म की दृष्टि से ये समय आत्म-शुद्धि और नई ऊर्जा के संचार का है। मान्यता के मुताबिक, चैत्र के महीने में की गई पूजा और भक्ति से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ये महीना हमें अंधकार से प्रकाश और पुरानी यादों को छोड़कर नई शुरुआत की प्रेरणा देता है।
चैत्र माह में क्या करें
- सूर्य देव को जल दें:
रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इससे समाज में आपका मान-सम्मान और तेज बढ़ता है। - ठंडे पानी का उपयोग:
इस महीने से गर्मी शुरू होती है, इसलिए शीतल जल से स्नान करें और अधिक से अधिक पानी पिएं। प्यासे लोगों और पशुओं के लिए पानी का इंतजाम करना बहुत पुण्यकारी होता है। - खान-पान में बदलाव:
सेहत को ठीक रखने के लिए इस महीने चने का सेवन करना चाहिए। भारी भोजन की जगह हल्का और सुपाच्य आहार लेना आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहता है। - नवरात्रि का व्रत:
चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्रि का व्रत रखें। मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है। - दान-पुण्य का महत्व:
इस पावन महीने में लाल रंग के फलों और अनाज का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों की मदद करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। - मंत्रों का जाप:
भगवान विष्णु और श्री राम के मंत्रों का जाप करें। चैत्र में भक्ति करने से पुराने पापों का नाश होता है और जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चैत्र माह में क्या न करें
- गुड़ का सेवन न करें:
इस महीने में गुड़ खाना पूरी तरह वर्जित माना गया है। आयुर्वेद के मुताबिक गर्मी बढ़ने पर गुड़ सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होता है। - बासी भोजन से बचें:
चैत्र में बासी खाना खाने से परहेज करना बहुत जरूरी है। गर्मी के कारण खाना जल्दी खराब होता है, जिससे बीमार होने का डर रहता है। - तामसिक चीजों का त्याग:
इस पावन माह में मांस, मदिरा या प्याज-लहसुन का सेवन न करें। मन की शांति के लिए सात्विक भोजन करना ही सबसे उत्तम माना जाता है। - क्रोध और विवाद न करें:
किसी भी व्यक्ति पर गुस्सा करने या वाद-विवाद से बचना चाहिए। अपशब्द बोलने से पूजा का फल खत्म होता है और मानसिक तनाव बढ़ता है। - ब्रह्मचर्य का पालन:
चैत्र माह, खासकर नवरात्रि के दौरान ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें। विलासिता और सुख-सुविधाओं के मोह को त्याग कर सादा जीवन व्यतीत करना चाहिए। - शारीरिक नियमों का ध्यान:
नवरात्रि के नौ दिनों में बाल काटना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित है। शास्त्रों के अनुसार इन दिनों शरीर की पवित्रता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
चैत्र नवरात्रि और राम नवमी की तिथि
नौ दिनों की श्रद्धा और साधना के बाद, 27 मार्च को राम नवमी का त्योहार मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि चैत्र शुक्ल नवमी के दिन ही भगवान श्री राम का जन्म हुआ था।
इन विशेष तिथियों पर पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और व्रत करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। Chaitra Pratipada
ये खबरें भी पढ़ें....
कब से शुरू हो रहा चैत्र नवरात्रि 2026, घटस्थापना के लिए मिलेंगे दो सबसे शुभ मुहूर्त
भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये में होगा होलिका दहन 2026, जानें पूजा का सही मुहूर्त
पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे
तीन मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें भारत में सूतक काल का समय
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari