आज है हलछठ यानी बलराम जन्मोत्सव, जानें संतान की लंबी उम्र के लिए कैसे करें पूजा
Kaushiki | Aug 07, 2025, 13:04 IST
hal chhat 2025
हरछठ व्रत, जिसे हलषष्ठी भी कहते हैं 14 अगस्त, 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख के लिए व्रत रखती हैं और हल से जुती हुई किसी भी चीज का सेवन नहीं करतीं।
धर्म ज्योतिष न्यूज: हरछठ व्रत हिंदू धर्म का एक बहुत ही खास और महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए बिना कुछ खाए-पिए व्रत रखती हैं। इस व्रत को हलषष्ठी, ललही छठ या रांधण छठ के नाम से भी जाना जाता है। ये भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई, भगवान बलराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
ये व्रत जन्माष्टमी (भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव)से कुछ दिन पहले आता है इसलिए इसकी तारीख को लेकर कभी-कभी थोड़ा कन्फ्यूजन हो सकता है। यह व्रत हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।
इस दिन हल का उपयोग वर्जित होता है, क्योंकि भगवान बलराम का मुख्य शस्त्र हल है। इस व्रत में हल से जुती हुई किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता। ऐसे में अगस्त 2025 में यह शुभ पर्व कब मनाया जाएगा और इसके नियम क्या हैं, आइए जानते हैं इस पर पूरी जानकारी।
ये खबर भी पढ़ें...8 या 9 अगस्त, कब है सावन पूर्णिमा 2025? इस दिन कैसे करें पूजा और व्रत की तैयारी
ये खबर भी पढ़ें.. महाकालेश्वर से लेकर ओंकारेश्वर तक, सावन के सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
![Keep Harshasti Vrat, Know Pujan Vidhi, Katha for long life of children-Hal Shasti 2021: संतान की लंबी आयु के लिए रखें 'हलपष्ठी' व्रत, जानिए पूजन विधि, कथा - India TV Hindi]()
इस व्रत के दिन पूजा के लिए कुछ विशेष समय बहुत ही शुभ माने जाते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक, आप अपनी सुविधा के मुताबिक इन मुहूर्तों में पूजा कर सकती हैं:
हरछठ व्रत की पूजा विधि बहुत ही सरल और खास होती है। इसे सही तरीके से करने से ही व्रत का पूरा फल मिलता है।
कथा के मुताबिक, एक बार एक राजा था जिसकी एक रानी और एक दूसरी महिला भी थी। रानी ने एक बार हरछठ व्रत का उल्लंघन किया और हल से जुते हुए खेत का अन्न खा लिया। इस कारण उसके सारे बच्चे बीमार हो गए।
वहीं दूसरी ओर, एक गरीब महिला ने पूरे मन से व्रत का पालन किया, भैंस के दूध से बने दही और बिना हल से जुते हुए अन्न का सेवन किया, तो उसके बच्चे हमेशा स्वस्थ रहे। इस कथा से हमें व्रत के नियमों का पालन करने का महत्व पता चलता है।
ये खबर भी पढ़ें...भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सावन पूर्णिमा पर करें ये खास दान, जीवन में आएगी खुशहाली
हरछठ व्रत के कुछ खास नियम होते हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है। ये नियम इस व्रत के महत्व को और भी बढ़ा देते हैं।
👩👦👨👩👧👧
ये व्रत जन्माष्टमी (भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव)से कुछ दिन पहले आता है इसलिए इसकी तारीख को लेकर कभी-कभी थोड़ा कन्फ्यूजन हो सकता है। यह व्रत हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।
इस दिन हल का उपयोग वर्जित होता है, क्योंकि भगवान बलराम का मुख्य शस्त्र हल है। इस व्रत में हल से जुती हुई किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता। ऐसे में अगस्त 2025 में यह शुभ पर्व कब मनाया जाएगा और इसके नियम क्या हैं, आइए जानते हैं इस पर पूरी जानकारी।
ये खबर भी पढ़ें...8 या 9 अगस्त, कब है सावन पूर्णिमा 2025? इस दिन कैसे करें पूजा और व्रत की तैयारी
सही तिथि और शुभ मुहूर्तहिंदू पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में हरछठ व्रत भाद्रपद मास की षष्ठी तिथि को पड़ रहा है।
|
Keep Harshasti Vrat, Know Pujan Vidhi, Katha for long life of children-Hal Shasti 2021: संतान की लंबी आयु के लिए रखें 'हलपष्ठी' व्रत, जानिए पूजन विधि, कथा - India TV Hindi
पूजन के लिए मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:23 AM से 05:07 AM तक। यह समय ध्यान और पूजा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 AM से दोपहर 12:52 PM तक। इस मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य करने से सफलता जरूर मिलती है।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:37 PM से 03:30 PM तक। यह समय किसी भी कार्य में विजय पाने के लिए बहुत ही शुभ होता है।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:01 PM से 07:23 PM तक। शाम की पूजा और आरती के लिए यह समय बहुत ही उत्तम है।
- अमृत काल: सुबह 06:50 AM से 08:20 AM तक। इस समय की गई पूजा से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है।
पूजा विधि
- व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
- घर के पूजा स्थल पर एक साफ चौकी रखें। इस पर भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बलराम की मूर्तियां या तस्वीरें स्थापित करें।
- हरछठ व्रत में भगवान बलराम के शस्त्र, हल को भी पूजा जाता है, इसलिए उनके पास एक छोटा सा हल या उसकी प्रतिकृति रखें।
- चंदन, फूल, माला, फल और मिठाई से भगवान को भोग लगाएं।
- पूजा में महुआ और पसई का चावल जरूर शामिल करें, क्योंकि यह इस व्रत की खास परंपरा है।
- पूजा शुरू करने से पहले मन ही मन अपनी संतान की लंबी आयु और सुख के लिए व्रत का संकल्प लें।
- भगवान की पूजा के बाद उनकी आरती उतारें और उन्हें प्रसाद अर्पित करें। प्रसाद के रूप में महुआ और पसई का चावल चढ़ाएं।
हरछठ व्रत की कथा
वहीं दूसरी ओर, एक गरीब महिला ने पूरे मन से व्रत का पालन किया, भैंस के दूध से बने दही और बिना हल से जुते हुए अन्न का सेवन किया, तो उसके बच्चे हमेशा स्वस्थ रहे। इस कथा से हमें व्रत के नियमों का पालन करने का महत्व पता चलता है।
ये खबर भी पढ़ें...भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सावन पूर्णिमा पर करें ये खास दान, जीवन में आएगी खुशहाली
व्रत के नियम और महत्व
- हल का उपयोग नहीं: इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को हल से जुती हुई धरती पर नहीं चलना चाहिए। साथ ही, हल से जुते हुए खेत में उगाया गया अन्न (जैसे गेहूं, चावल) नहीं खाना चाहिए।
- भैंस के दूध का महत्व: हरछठ व्रत में गाय का दूध और उससे बने उत्पादों (दही, घी) का सेवन नहीं किया जाता है। इसके बजाय, भैंस का दूध और उससे बने दही का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि भगवान बलराम गायों के पालक और रक्षक थे।
- पसई का चावल और महुआ: व्रत के दौरान बिना हल चलाए उगने वाले अनाज जैसे पसई का चावल (छोटे दाने वाला चावल) और महुआ का सेवन किया जाता है।
- साग-सब्जी वर्जित: इस दिन साग-सब्जी खाना भी वर्जित माना जाता है। व्रत के नियमों का पालन करने के बाद ही महिलाएं व्रत खोलती हैं और भोजन करती हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari