Paush Amavasya 2025: आज है साल की आखिरी अमावस्या, पितृ दोष से मुक्ति और मां लक्ष्मी की कृपा के लिए करें ये काम
Kaushiki | Dec 13, 2025, 14:29 IST
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हिंदू धर्म में पौष अमावस्या 2025 का खास महत्व है, जो आज 19 दिसंबर को है। इस दिन कुछ विशेष महाउपाय करने से पितृ दोष दूर होता है, भाग्य के बंद दरवाजे खुलते हैं और घर में मां लक्ष्मी की अपार कृपा बरसती है।
Latest Religious News:हिंदू धर्म में पौष अमावस्या को बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दिन विशेष रूप से स्वर्गवासी पितरों को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस पवित्र तिथि पर पितर धरती पर आते हैं।
वे अपने वंशजों द्वारा किए गए तर्पण, दान और पूजा को खुशी से स्वीकार करते हैं। वे परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का शुभ आशीर्वाद देते हैं। वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस साल पौष अमावस्या आज 19 दिसंबर को मनाई जा रही है।
इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दिन कुछ खास महाउपाय करने से निश्चित रूप से शुभ फल मिलेगा।
![पौष अमावस्या 2021 - Paush Amavasya Date & Mahatva]()
पंचांग के मुताबिक, पौष अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:19 से 6:14 बजे तक रहेगा। यह समय स्नान, ध्यान और सभी धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है।
![Paush Amavasya 2025: पितरों के तर्पण के लिए अच्छी मानी जाती है पौष अमावस्या, जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व - paush amavasya 2025 is considered auspicious for pitra tarpan know date]()
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, पौष महीना मेंपौष अमावस्या की सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ होता है। अगर नदी तक जाना संभव न हो, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
स्नान के बाद पितृ तर्पण करने की परंपरा है। तर्पण हमेशा दक्षिण दिशा की ओर मुख करके किया जाता है। यह दिशा पितरों की दिशा मानी गई है।
जल में काले तिल मिलाकर तर्पण करने से पितरों की आत्मा को परम शांति मिलती है। इससे घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ती है।
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![Paush Amavasya: साल की आखिरी अमावस्या पर करें ये महाउपाय, खुल जाएंगे बंद किस्मत के दरवाजे - paush amavasya 2025 date shubh muhurat upay dhan prapti tvisz - AajTak]()
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, पौष अमावस्या की शाम घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना चाहिए। पितरों को समर्पित स्थान पर भी दीपक जलाने की परंपरा है। दीपक को दक्षिण दिशा की ओर रखकर जलाना बहुत शुभ माना जाता है।
माना जाता है कि इस दिशा में रखा दीपक पितरों तक प्रकाश पहुंचाता है। ये उन्हें प्रसन्न करता है। इसके अलावा, अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।
शाम को पीपल के पेड़ की तीन बार परिक्रमा करें। इसके बाद, उसके नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। मान्यता है कि इस महाउपाय से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
![Paush Amavasya 2025: 19 या 20 दिसंबर, कब है पौष अमावस्या? यहां जानें सही तिथि और स्नान-दान का मुहूर्त - paush amavasya 2025 date tithi know snan daan shubh muhurat significance upay tvisg - AajTak]()
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, यदि आपके जीवन में लगातार समस्याएं और बाधाएं आ रही हैं, तो इसका कारण पितृ दोष हो सकता है। इससे मुक्ति पाने के लिए अमावस्या पर एक सरल उपाय किया जाता है।
किसी शांत और सुनसान स्थान पर एक दीपक जलाएं। यहां थोड़ा सा भोजन या मिठाई रख दें। इस उपाय को करने के बाद घर लौटते समय पीछे मुड़कर बिलकुल नहीं देखना चाहिए।
मान्यता है कि इस उपाय से पितृ दोष दूर होता है और किस्मत का साथ मिलता है। इससे करियर और सफलता के नए अवसर भी खुलने लगते हैं।
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ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, पौष अमावस्या के दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ के साथ एक विशेष कार्य अवश्य करना चाहिए। इस दिन कम से कम 11 या 21 बार शनि स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है।
ऐसा करने से व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की अपार कृपा बनी रहती है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर का वातावरण भी शांत और सकारात्मक बना रहता है।
पौष अमावस्या 2025 (पितृ मोक्ष अमावस्या)केवल एक खगोलीय घटना नहीं है। यह भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक शुद्धि और पितरों की स्मृति की पवित्र घड़ी है।
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, अगर व्यापार या नौकरी में कोई शत्रु बाधा बन रहा है, तो अमावस्या तिथि परएक खास उपाय कर सकते हैं। पौष अमावस्या के दिन भगवान विष्णु के 12 नाम लेते हुए उन्हें पीले फूल अर्पित करें।
शाम को चढ़ाए गए फूलों को बहते पानी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। मान्यता है कि इससे शत्रु शांत होता है और जीवन की बाधाओं का नाश होता है। इस दिन हवन करना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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वे अपने वंशजों द्वारा किए गए तर्पण, दान और पूजा को खुशी से स्वीकार करते हैं। वे परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का शुभ आशीर्वाद देते हैं। वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस साल पौष अमावस्या आज 19 दिसंबर को मनाई जा रही है।
इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दिन कुछ खास महाउपाय करने से निश्चित रूप से शुभ फल मिलेगा।
पौष अमावस्या 2021 - Paush Amavasya Date & Mahatva
स्नान-दान और पूजा का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 से 12:39 बजे तक रहेगा। यह समय दान-पुण्य करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
- लाभ-उन्नति का शुभ मुहूर्त सुबह 8:26 से 9:43 बजे तक रहेगा।
- इसके बाद, अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9:43 से 11:01 बजे तक रहेगा।
- इन शुभ समयों में किए गए कार्य विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं, जो जीवन में सकारात्मकता लाते हैं।
Paush Amavasya 2025: पितरों के तर्पण के लिए अच्छी मानी जाती है पौष अमावस्या, जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व - paush amavasya 2025 is considered auspicious for pitra tarpan know date
पितरों को शांति देने के लिए तर्पण और दीपदान
स्नान के बाद पितृ तर्पण करने की परंपरा है। तर्पण हमेशा दक्षिण दिशा की ओर मुख करके किया जाता है। यह दिशा पितरों की दिशा मानी गई है।
जल में काले तिल मिलाकर तर्पण करने से पितरों की आत्मा को परम शांति मिलती है। इससे घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ती है।
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न्यू ईयर पर महाकाल मंदिर जाने का है प्लान, तो भस्म आरती बुकिंग से जुड़ी ये जरूरी लेटेस्ट जानकारी जरूर पढ़ें
Paush Amavasya: साल की आखिरी अमावस्या पर करें ये महाउपाय, खुल जाएंगे बंद किस्मत के दरवाजे - paush amavasya 2025 date shubh muhurat upay dhan prapti tvisz - AajTak
पीपल पूजा और दीपक का विशेष महत्व
माना जाता है कि इस दिशा में रखा दीपक पितरों तक प्रकाश पहुंचाता है। ये उन्हें प्रसन्न करता है। इसके अलावा, अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।
शाम को पीपल के पेड़ की तीन बार परिक्रमा करें। इसके बाद, उसके नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। मान्यता है कि इस महाउपाय से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
Paush Amavasya 2025: 19 या 20 दिसंबर, कब है पौष अमावस्या? यहां जानें सही तिथि और स्नान-दान का मुहूर्त - paush amavasya 2025 date tithi know snan daan shubh muhurat significance upay tvisg - AajTak
पितृ दोष से मुक्ति का उपाय
किसी शांत और सुनसान स्थान पर एक दीपक जलाएं। यहां थोड़ा सा भोजन या मिठाई रख दें। इस उपाय को करने के बाद घर लौटते समय पीछे मुड़कर बिलकुल नहीं देखना चाहिए।
मान्यता है कि इस उपाय से पितृ दोष दूर होता है और किस्मत का साथ मिलता है। इससे करियर और सफलता के नए अवसर भी खुलने लगते हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
भगवान शिव और रावण से जुड़ा कर्नाटक का विरुपाक्ष मंदिर, झुकी हुई शिवलिंग से है प्रसिद्ध, जानें रहस्य
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मां लक्ष्मी की कृपा
ऐसा करने से व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की अपार कृपा बनी रहती है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर का वातावरण भी शांत और सकारात्मक बना रहता है।
पौष अमावस्या 2025 (पितृ मोक्ष अमावस्या)केवल एक खगोलीय घटना नहीं है। यह भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक शुद्धि और पितरों की स्मृति की पवित्र घड़ी है।
नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
शाम को चढ़ाए गए फूलों को बहते पानी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। मान्यता है कि इससे शत्रु शांत होता है और जीवन की बाधाओं का नाश होता है। इस दिन हवन करना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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