6 या 7 जनवरी कब रखा जाएगा सकट चौथ व्रत, नोट करें पूजा मुहूर्त
Kaushiki | Jan 04, 2026, 13:13 IST
Sakat Chauth 2026
सकट चौथ 2026 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय यहाँ देखें। 6 जनवरी को गणेश पूजन और तिलकुट भोग से दूर होंगे सभी संकट। यहां जानें...
साल 2026 की शुरुआत में ही सकट चौथ व्रत की तारीख को लेकर भ्रम बना हुआ है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक, माघ मास की चतुर्थी तिथि दो दिनों तक रहने वाली है। शास्त्रों के मुताबिक, संकष्टी चतुर्थी का व्रत उसी दिन रखा जाता है जब चंद्रोदय चतुर्थी में हो।
6 जनवरी 2026 को रात में चतुर्थी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए व्रत इसी दिन होगा। ये व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखती हैं। इसे तिलकुट चतुर्थी, माघी चतुर्थी और संकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है।
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![सकट चौथ व्रत 2025 | Sakat Chauth Vrat 2025 - Durlabh Darshan]()
पंचांग के मुताबिक, 6 जनवरी को सुबह के समय 46 मिनट के लिए भद्रा का साया भी रहेगा। भद्रा सुबह 7:15 बजे से शुरू होकर सुबह 8:01 बजे तक रहने वाली है। शास्त्रों में भद्रा काल में कोई भी मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है।
भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 9:51 से दोपहर 1:45 है। राहुकाल दोपहर 3:03 से शाम 4:21 तक रहेगा। इस समय पूजा करने से बचना चाहिए। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:48 तक रहेगा जो पूजा के लिए श्रेष्ठ है। भगवान गणेश की कृपा बनी रहेगी।
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सकट चौथ
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सकट चौथ की
पौराणिक कथा के मुताबिक, एक बार भगवान गणेश और कार्तिकेय के बीच ब्रह्मांड की परिक्रमा की प्रतिस्पर्धा हुई। कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर निकल गए। लेकिन बुद्धि के स्वामी गणेश जी ने अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) की सात परिक्रमा की।
उन्होंने बताया कि माता-पिता के चरणों में ही पूरा संसार है। उनकी इस बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया। माघ चतुर्थी के दिन गणेश जी ने अपने भक्तों के संकट दूर किए थे। इसलिए इसे संकट चौथ या सकट चौथ कहा जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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6 जनवरी 2026 को रात में चतुर्थी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए व्रत इसी दिन होगा। ये व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखती हैं। इसे तिलकुट चतुर्थी, माघी चतुर्थी और संकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है।
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सकट चौथ व्रत 2025 | Sakat Chauth Vrat 2025 - Durlabh Darshan
सकट चौथ 2026 की सही तिथि
पंचांग के मुताबिक, माघ महिना कृष्ण चतुर्थी 6 जनवरी सुबह 8:01 बजे से शुरू हो जाएगी। ये तिथि अगले दिन यानी 7 जनवरी को सुबह 6:52 बजे तक समाप्त होगी। 6 जनवरी की रात को चंद्रमा चतुर्थी तिथि में उदय होगा। इसलिए व्रत मान्य होगा। पंचांग के मुताबिक, इस साल सकट चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग और प्रीति योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक रहने वाला है। इन शुभ योगों में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
सकट चौथ 2026 में भद्रा का साया
भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 9:51 से दोपहर 1:45 है। राहुकाल दोपहर 3:03 से शाम 4:21 तक रहेगा। इस समय पूजा करने से बचना चाहिए। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:48 तक रहेगा जो पूजा के लिए श्रेष्ठ है। भगवान गणेश की कृपा बनी रहेगी।
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सकट चौथ पूजा विधि और चंद्रोदय का समय
- इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल वस्त्र धारण करें।
- भगवान गणेश के सामने बैठकर हाथ में जल लेकर व्रत का सच्चा संकल्प लें।
- दिनभर फलाहार करें और शाम को गणेश जी की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें।
- गणेश जी को दूर्वा, अक्षत, रोली और विशेष रूप से तिलकुट का भोग लगाएं।
- रात को चंद्रोदय का समय 8:54 बजे रहेगा तब चंद्रमा को अर्घ्य देना जरूरी है।
- अर्घ्य के जल में कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्रमा को चढ़ाएं।
Sakat Chauth 2026 Date: 6 या 7 कब है सकट चौथ? नोट कर लें तिथि, पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
सकट चौथ की पौराणिक कथाएं
उन्होंने बताया कि माता-पिता के चरणों में ही पूरा संसार है। उनकी इस बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया। माघ चतुर्थी के दिन गणेश जी ने अपने भक्तों के संकट दूर किए थे। इसलिए इसे संकट चौथ या सकट चौथ कहा जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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