विवाह पंचमीः इस दिन हुआ था माता सीता और भगवान श्रीरामचंद्र का विवाह

Shyam Kishor Suryawanshi | Nov 25, 2024, 22:53 IST
Share
Vivah Panchami On this day Ramlala of Ayodhya got married to Mother Sita
Vivah Panchami On this day Ramlala of Ayodhya got married to Mother Sita

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन अविवाहितों के विवाह में देरी होती है, अगर वें इस विवाह पंचमी के दिन श्रद्धापूर्वक माता सीता एवं भगवान श्रीरामचन्द्र का विधिपूर्वक पूजन करते हैं तो उनको शीघ्र ही मनचाहा जीवन साथी मिल जाता है।

सनातन धर्म में प्रति वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है, इस दिन जगतपति भगवान श्री रामचंद्र जी और जगत माता सीता जी का विवाह हुआ था। इस दिन ही अयोध्या के राजा राम ने जनकपुरी में जाकर के अपने गुरु विश्वामित्र के आदेश पर राजा जनक के संकट को दूर करने के लिए भगवान शिव के धनुष को तोड़ा था और माता सीता से उनका स्वयंवर हुआ था।

अविवाहितों को मिल जाता है मनचाहा जीवन साथी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन अविवाहितों के विवाह में देरी होती है, अगर वें इस विवाह पंचमी के दिन श्रद्धापूर्वक माता सीता एवं भगवान श्रीरामचन्द्र का विधिपूर्वक पूजन करते हैं, उनको शीघ्र ही मनाचाहा जीवन साथी मिल जाता है

इस शुभ मुहूर्त में करें पूजन

इस विवाह पंचमी के दिन रवि योग, ध्रुव योग, और सर्वार्थ सिद्धि शुभ योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि दिसंबर को बजकर 59 मिनट पर आरंभ होगी और पंचमी तिथि का समापन दिसंबर को 12 बजकर 7 मिनट पर होगा। इसलिए उदया तिथि के अनुसार ही विवाह पंचमी का त्यौहार 6 दिसंबर 2024 शुक्रवार को मनाया जाएगा।

जिनके विवाह में देरी हो रही हो वे शीघ्र विवाह के लिए विवाह पंचमी के दिन 21राम-जानकी स्तुति का पाठ

॥दोहा॥

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन

हरण भवभय दारुणं।

नव कंज लोचन कंज मुख

कर कंज पद कंजारुणं।।

कन्दर्प अगणित अमित छवि

नव नील नीरद सुन्दरं।

पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि

नोमि जनक सुतावरं।।

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव

दैत्य वंश निकन्दनं।

रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल

चन्द दशरथ नन्दनं।।

शिर मुकुट कुंडल तिलक

चारु उदारु अङ्ग विभूषणं।

आजानु भुज शर चाप धर

संग्राम जित खरदूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर

शेष मुनि मन रंजनं।

मम् हृदय कंज निवास कुरु

कामादि खलदल गंजनं।।

मन जाहि राच्यो मिलहि सो

वर सहज सुन्दर सांवरो।

करुणा निधान सुजान शील

स्नेह जानत रावरो।।

एहि भांति गौरी असीस सुन सिय

सहित हिय हरषित अली।

तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि

मुदित मन मन्दिर चली।।

॥सोरठा॥

जानी गौरी अनुकूल सिय, हिय हरषु न जाइ कहि।

मंजुल मंगल मूल वाम, अङ्ग फरकन लगे।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • भगवान राम
  • विवाह
  • माता सीता
  • अयोध्या धाम की तर्ज सजा विवाह मंडप
  • माता सीता और प्रभु श्रीराम
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं