MP विवाह सहायता योजना से शादी में आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार करती है मदद
Kaushiki | May 13, 2025, 13:19 IST
MP Vivah Sahayata Yojana
मध्य प्रदेश की विवाह सहायता योजना निर्माण श्रमिकों, खासकर रजिस्टर्ड महिला श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत 55 हजार रुपए तक की वित्तीय मदद दी जाती है, जिससे शादी या पुनर्विवाह के खर्चों को पूरा किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश राज्य के श्रम विभाग के तहत विवाह सहायता योजना की शुरुआत 2018 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को विवाह के समय आर्थिक बोझ को कम करने के लिए वित्तीय मदद देना है।
यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है, जो निर्माण क्षेत्र में काम कर रही हैं और उनके पास विवाह के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
ये खबर भी पढ़ें...MP सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से गरीब और वृद्धजनों को मिलती है छह सौ रुपए की आर्थिक मदद
इस योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के निर्माण श्रमिकों को शादी या पुनर्विवाह के लिए वित्तीय सहायता देना है। यह योजना विशेष रूप से रजिस्टर्ड महिला श्रमिकों के लिए है और इसके अंतर्गत निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को कुल 55 हजार रुपए की सहायता दी जाती है, जो निम्नलिखित तरीके से बांटी जाती है:
विवाह सहायता योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है:
आवेदन करने के लिए निम्नलिखित डॉक्यूमेंट जरूरत हैं:
विवाह सहायता योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। इच्छुक आवेदनकर्ता निम्नलिखित चरणों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
विवरण-1
विवरण-2
आवेदन फार्म
ये खबर भी पढ़ें... महिला क्रिकेटरों को Anjum Chopra Scholarship से मिलती है एक लाख रुपए की मदद, जानें कैसे
MP News | Madhya Pradesh | government schemes | government scheme for women | सरकारी योजनाएं | मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश न्यूज
यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है, जो निर्माण क्षेत्र में काम कर रही हैं और उनके पास विवाह के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
ये खबर भी पढ़ें...MP सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से गरीब और वृद्धजनों को मिलती है छह सौ रुपए की आर्थिक मदद
योजना का उद्देश्य
- रजिस्टर्ड महिला श्रमिकों के अपने विवाह या पुनर्विवाह के लिए।
- रजिस्टर्ड श्रमिकों की दो बेटियों के विवाह के लिए।
योजना के लाभ
- 11 हजार रुपए नकद के रूप में।
- 38 हजार रुपए घरेलू सामान के रूप में।
- 6 हजार रुपए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजक को (यदि लागू हो)।
- यह वित्तीय सहायता उन श्रमिकों के लिए एक जरूरी मदद प्रदान करती है, जो अपने शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
योजना के शर्तें
- श्रम कल्याण निधि के तहत रजिस्ट्रेशन: श्रमिक का कार्यस्थल मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के तहत रजिस्ट्रेशन होना चाहिए और वहां से नियमित योगदान हो रहा हो।
- आवेदन का समय: आवेदन शादी की तारीख से 15 दिन पहले या शादी के बाद 60 दिन के अंदर किया जा सकता है।
ऐज क्राइटेरिया
- दुल्हन की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- दूल्हे की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
- रोजगार की शर्तें: आवेदनकर्ता को संबंधित संस्थान में कम से कम एक वर्ष तक कार्य करना चाहिए।
- पहले किसी अन्य योजना का लाभ: अगर एप्लिकेंट ने पहले किसी अन्य योजना के तहत विवाह सहायता प्राप्त की है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
जरूरी डॉक्यूमेंट
- आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में।
- आयु प्रमाण पत्र।
- शादी का निमंत्रण कार्ड की ओरिजिनल कॉपी।
- आधार कार्ड और समग्र आईडी (यदि उपलब्ध हो) की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी।
- बैंक पासबुक का फर्स्ट पेज की फोटोकॉपी।
- श्रमिक के पहचान पत्र/ईएसआई या पीएफ कार्ड (यदि उपलब्ध हो) की फोटोकॉपी।
- आवेदनकर्ता और दुल्हन/महिला श्रमिक का नवीनतम फोटो।
- आवेदन की तिथि: विवाह की तिथि से 15 दिन पहले या शादी के 60 दिन बाद तक आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया
- चरण 1: मध्य प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और "विवाह सहायता योजना" के लिए खोज करें।
- चरण 2: आवेदन पत्र डाउनलोड करें या ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें।
- चरण 3: पोर्टल पर जिला का चयन करें और "लोक सेवा केंद्र" का विकल्प चुनें और निकटतम स्थान पर जाएं।
- चरण 4: आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन सबमिट करें।
- आवेदनकर्ताओं का चयन पात्रता मानदंड को पूरा करने के आधार पर किया जाएगा।
विवरण-1
विवरण-2
आवेदन फार्म
ये खबर भी पढ़ें... महिला क्रिकेटरों को Anjum Chopra Scholarship से मिलती है एक लाख रुपए की मदद, जानें कैसे
MP News | Madhya Pradesh | government schemes | government scheme for women | सरकारी योजनाएं | मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश न्यूज
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman