Gen Z Entrepreneurship: कॉर्पोरेट के बजाय खुद का एंपायर बनाने की चाहत, कैसा बदला ट्रेंड

Manya Jain | Mar 23, 2026, 22:40 IST
Share
gen z entrepreneurship trends
gen z entrepreneurship trends

पुराने दौर की सरकारी नौकरी के बजाय आज की जेन जी (Gen Z) आजादी और खुद का बॉस बनना पसंद करती है। फोर्ब्स के अनुसार 84% युवा अपनी शर्तों पर काम करने को सफलता मानते हैं।

पुराने समय में सरकारी नौकरी ही सफलता की निशानी मानी जाती थी। लोग बॉस के नीचे रहकर धीरे-धीरे प्रमोशन पाना चाहते थे। आज की नई पीढ़ी यानी जेन-Z काफी बदल गई है। वे अब पुराने और घिसे-पिटे रास्तों पर नहीं चलना चाहते। यह पीढ़ी मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटती है। लेकिन वे काम को अपनी शर्तों और आजादी से करना चाहते हैं।

फोर्ब्स के अनुसार 84% युवा अपना खुद का बिजनेस चाहते हैं। आज का युवा ऑफिस (corporate Gen Z Employees) की गुलामी के बजाय आजादी पसंद करता है। वे किसी के नीचे काम करने के बजाय खुद मालिक बनना चाहते हैं।

केवल सीढ़ी चढ़ना काफी नहीं

आज के युवाओं (Gen Z जनरेशन) का लक्ष्य केवल किसी बड़ी कंपनी में ऊंचे पद पर पहुंचना नहीं है, बल्कि कुछ नया और अपना खड़ा करना है।

  • दुनिया भर का हाल: एक बड़े सर्वे के अनुसार, 16 से 25 साल के आधे युवा अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं। वे किसी और की नौकरी करने के बजाय खुद मालिक बनना पसंद कर रहे हैं।
  • भारतीय युवाओं का जोश: भारत में यह क्रेज और भी ज्यादा है। यहां करीब 85% युवा अपना काम शुरू करने की इच्छा रखते हैं। इनमें से 36% तो इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य मानते हैं।
  • साइड हसल (Side Hustle): आजकल के युवा नौकरी के साथ-साथ कुछ अलग काम भी कर रहे हैं। करीब 66% युवा पहले ही अपना कोई छोटा-मोटा साइड बिज़नेस शुरू कर चुके हैं या उसकी प्लानिंग कर रहे हैं।
  • आजादी की चाहत: यह पीढ़ी ऑफिस की 9 से 5 वाली शिफ्ट के बजाय काम में आजादी और लचीलापन (Flexibility) ढूंढ रही है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और सोशल मीडिया

इस वैचारिक बदलाव के पीछे डिजिटल इकोनॉमी (Digital Economy) का बहुत बड़ा हाथ है। आज एक लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन के साथ कोई भी व्यक्ति अपना ब्रांड या फ्रीलांस करियर शुरू कर सकता है।

सोशल मीडिया ने काम के बारे में होने वाली बातचीत को बदल दिया है। अब युवा पेशेवर ऑनलाइन उन अनुभवों को साझा करते हैं जहां वे कठोर शेड्यूल या टॉक्सिक वर्क कल्चर (Toxic Work Culture) के कारण नौकरियां छोड़ रहे हैं। उनके लिए अब केवल वेतन (Salary) सब कुछ नहीं है; मानसिक स्वास्थ्य (Mental Well-being) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Freedom) भी उतनी ही मायने रखती है।

जेन जी एंट्रेप्रेन्योरशिप (entrepreneurship) के कारण

  • स्वायत्तता (Autonomy): अपने प्रोजेक्ट्स और समय को खुद प्रबंधित करने की आजादी।
  • डिजिटल टूल्स: रिमोट वर्क और ऑनलाइन मार्केटप्लेस ने प्रयोग करना आसान बना दिया है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: काम और जीवन के बीच संतुलन (Work-Life Balance) को प्राथमिकता देना।

पारिवारिक सलाह और जनरेशनल गेप

काम को लेकर अक्सर घरों में बहस देखने को मिलती है। पिछली पीढ़ी के लिए नौकरी का दबाव सहना बहुत जरूरी था। घर के बड़े अक्सर कहते हैं कि थोड़ा सहन करना सीखो। उनके अनुसार हर जॉब में थोड़ा बहुत प्रेशर तो होता ही है। लेकिन आज की पीढ़ी के पास करियर के बहुत विकल्प हैं।

वे अब मजबूरी में ऑफिस का तनाव झेलना नहीं चाहते हैं। उनके लिए अपना खुद का काम शुरू करना काफी आकर्षक है। अपना बिजनेस उन्हें खुद का मालिक बनने का मौका देता है। हालांकि स्वतंत्र रूप से काम करना इतना आसान भी नहीं होता है।

एंट्रेप्रेन्योरशिप में आने वाली चुनौतियां

स्वतंत्र काम या व्यवसाय शुरू करने का मतलब यह नहीं है कि इसमें मुश्किलें नहीं हैं। पारंपरिक नौकरियों के विपरीत यहां कोई निश्चित वेतन या संरचित करियर पथ नहीं होता। जेन जी अभी भी यह समझने की कोशिश कर रही है कि इस तेजी से बदलती दुनिया में काम को कैसे नेविगेट किया जाए।

वे स्थिरता (Stability) के बजाय कल्याण (Well-being) और काम के बीच संतुलन बना रहे हैं। भविष्य की असली चुनौती यह होगी कि इस स्वतंत्रता और संतुलन को बनाए रखते हुए दीर्घकालिक सफलता (Long-term Success) के लिए धैर्य और लचीलापन कैसे विकसित किया जाए।

ये भी पढ़ें...

Gen Z Solo Travelling Trend: जेन-जी महिलाओं में बढ़ता सोलो ट्रैवलिंग क्रेज, पढ़ें रिपोर्ट

Gen Z प्रोफेशनल को क्यों पसंद हैं लेजी गर्ल जॉब्स, जानें इसका रीजन

जल्दबाजी में प्यार नहीं, अब Slow Love का है जमाना, जानें क्यों Gen Z है क्रेजी

Transgender Rights Bill 2024: पहचान की एक और लड़ाई…

Tags:
  • corporate
  • Gen Z जनरेशन
  • entrepreneurship
  • जेन-Z
  • Gen Z Employees
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती