हर्षा रिछारिया ने साध्वी होने से किया इंकार, माता-पिता ने बताई सच्चाई

Ravi Singh | Jan 16, 2025, 22:34 IST
Share
Harsha Richhariya Mahakumbh 2025
Harsha Richhariya Mahakumbh 2025 Photograph: (the sootr)

गले में रुद्राक्ष और फूल माला, माथे पर तिलक और साध्वी के वस्त्र पहनकर संगम नगरी में घूम रहीं हर्षा रिछारिया इन दिनों चर्चा में हैं। आइए जानते हैं विवादों में घिरी हर्षा के माता-पिता का क्या कहना है...

पिछले कुछ समय से अपने आध्यात्मिक रुझान और समाजसेवा के कारण चर्चा में रहीं हर्षा रिछारिया के बारे में एक नई और रोचक जानकारी सामने आई है। हर्षा को सोशल मीडिया पर 'सुंदर साध्वी' के रूप में पहचाना जा रहा था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह साध्वी नहीं हैं। वे स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की शिष्या हैं।

साध्वी के कपड़ों में देखकर रो पड़ी थीं मां

हर्षा की मां किरण रिछारिया ने मीडिया को बताया कि जब उन्होंने पहली बार अपनी बेटी को साध्वी के कपड़ों में देखा तो वह रो पड़ीं। हालांकि हर्षा ने उन्हें समझाया कि वह साध्वी नहीं हैं और न ही उनका संन्यास लेने का कोई इरादा है। उन्होंने अपनी मां को बताया कि वह स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की शिष्या हैं और केवल आध्यात्मिक मार्ग पर चल रही हैं और उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है।

bc5eca91-cdb
bc5eca91-cdb


हर्षा ने एनजीओ से की शुरुआत

हर्ष के पिता दिनेश रिछारिया ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के बाद हर्ष का झुकाव आध्यात्म की ओर हुआ। यात्रा के बाद हर्ष ने समाज सेवा में रुचि दिखाई और अपना स्वयं का एनजीओ शुरू किया। उनके पिता ने यह भी कहा कि हर्ष का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और दूसरों की मदद करना है। हर्षा रिछारिया के पिता दिनेश ने स्पष्ट किया कि हर्षा ने कभी संन्यास नहीं लिया है और वह केवल धर्म और भक्ति में रुचि रखती हैं।

Who is Harsha Richhariya who created a ruckus on social media Followers  increased by more than 3 lakh in one day | एक दिन में 3 लाख से ज्यादा बढ़  गए फॉलोअर्स!
Who is Harsha Richhariya who created a ruckus on social media Followers increased by more than 3 lakh in one day | एक दिन में 3 लाख से ज्यादा बढ़ गए फॉलोअर्स!


आपको बता दें कि हर्षा की मां सिलाई और घरेलू काम करती हैं जबकि पिता कंडक्टर का काम करते हैं। हर्षा एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हर्षा रिछारिया ने बीबीए की पढ़ाई की और फिर एंकरिंग का कोर्स भी किया। हर्षा आचार्य महामंडलेश्वर की शिष्या हैं और महाकुंभ में वह निरंजनी अखाड़े से जुड़ी हैं।

ट्रोलिंग पर परिवार की अपील

हर्षा को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की गलतफहमियां और ट्रोलिंग हो चुकी हैं। कई लोग उन्हें साध्वी समझकर उनका मजाक उड़ा रहे हैं। इस पर दिनेश रिछारिया ने लोगों से अपील की है कि वे हर्षा को साध्वी कहकर ट्रोल करना बंद करें। उन्होंने कहा कि हर्षा ने संन्यास नहीं लिया है, वह एक सामान्य लड़की है जो धर्म और भक्ति में रुचि रखती है।"

Untold Story Of Harsha Richhariya kaun hain glamorous sadhvi harsha |  महाकुंभ में छा गईं सुंदर संन्यासिन हर्षा रिछारिया, पुरानी जिंदगी छोड़ किस  चीज की तलाश में बनीं ...
Untold Story Of Harsha Richhariya kaun hain glamorous sadhvi harsha | महाकुंभ में छा गईं सुंदर संन्यासिन हर्षा रिछारिया, पुरानी जिंदगी छोड़ किस चीज की तलाश में बनीं ...


ये खबर भी पढ़ें...

MahaKumbh 2025 | Harsha Richharia की अब क्यों हो रही है आलोचना | रथ का मामला क्या है ?

कौन हैं इंफ्लुएंसर से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया, MP से है खास कनेक्शन

हर्षा की शादी की तैयारियां

हर्षा के आध्यात्मिक रुझान की जहां चर्चा हो रही है, वहीं उसके परिवार ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। हर्षा की मां ने कहा कि जब वह दूसरों की बेटियों को शादी के जोड़े में देखती हैं तो क्यों न अपनी बेटी को भी पहनाएं। उन्होंने बताया कि हर्षा ने अभी तक किसी लड़के को पसंद करने की बात नहीं कही है, लेकिन परिवार उसकी शादी की तैयारियों में पूरी तरह से जुटा हुआ है।

21cb697c-b12
21cb697c-b12


क्या है पूरा मामला

प्रयागराज महाकुंभ में हर्षा रिछारिया के रथ पर बैठने को लेकर विवाद बढ़ गया था। 14 जनवरी को निरंजनी अखाड़े के जुलूस में 30 वर्षीय मॉडल हर्षा रिछारिया साधु-संतों के साथ रथ पर नजर आईं, जिसके बाद धार्मिक और सामाजिक नेताओं की ओर से विरोधी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने इसे गलत कदम बताते हुए कहा कि धर्म को ऐसे प्रदर्शनों का हिस्सा बनाना खतरनाक हो सकता है और इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों को ऐसी घटनाओं से बचना चाहिए, क्योंकि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह ऐसी परंपरा है, जिससे सनातन धर्म की गरिमा प्रभावित हो सकती है।

ये खबर भी पढ़ें...

महाकुंभ में महिला नागा साधु : शक्ति, तप और श्रद्धा का प्रतीक

महाकुंभ 2025: शाही स्नान में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने लगाई पहली डुबकी

हर्षा रिछारिया ने खुद को किया स्पष्ट

इस विवाद के बीच हर्षा रिछारिया ने खुद को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह साध्वी नहीं हैं। महाकुंभ के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे साध्वी बनने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने शांति की तलाश में यह जीवन चुना है और उन्होंने हर उस चीज का त्याग किया है जो उन्हें आकर्षित करती है। हर्षा ने कहा कि वह सिर्फ दीक्षा ले रही हैं, उन्होंने संन्यास नहीं लिया है।

Tags:
  • Prayagraj Mahakumbh 2025
  • प्रयागराज महाकुंभ
  • हर्षा रिछारिया
  • साध्वी हर्षा रिछारिया
  • Harsha Richaria
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा