एम्स की बदहाल व्यवस्था; एक्स-रे और सोनोग्राफी के लिए 8 महीने का इंतजार

Aishwarya Dwivedi | Apr 10, 2026, 13:16 IST
Share
aiims-delayed-x-ray-sonography-putting-patients-lives-at-risk
aiims-delayed-x-ray-sonography-putting-patients-lives-at-risk

एम्स में मरीजों को जरूरी जांचों के लिए छः से आठ महीने का इंतजार करना पड़ रहा है। रिपोर्ट लेने के लिए भी महीनों तक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।

NEWS IN SHORT

  • एम्स में मरीजों को जरूरी जांचों के लिए छः से आठ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।
  • फ्रैक्चर या महिलाओं की जांच में भी महीनों की देरी हो रही है।
  • मरीजों को निजी अस्पतालों का महंगा सहारा लेना पड़ रहा है।
  • एम्स में रोजाना 3 हजार से अधिक ओपीडी होते हैं, जिससे दबाव बढ़ता है।
  • एम्स ने सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही है, और ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रक्रिया शुरू की गई है।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित एम्स स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंता का विषय बन चुकी है। मरीजों को एक्स-रे, सोनोग्राफी और बायोप्सी जैसी आवश्यक जांचों के लिए छः से आठ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस देरी के कारण मरीजों का इलाज समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो रही है।

मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार

हालात इतने खराब हैं कि जिन मरीजों को हड्डी में फ्रैक्चर है या महिलाओं को सोनोग्राफी की जरूरत है, उन्हें भी महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि महीनों बाद किसी तरह जांच के लिए नंबर मिल जाता है, लेकिन फिर रिपोर्ट लेने के लिए 15 से 20 दिन तक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह स्थिति मरीजों के लिए काफी तनावपूर्ण और दर्दनाक बन चुकी है।

एम्स में ओपीडी और जांचों का बोझ

एम्स में रोजाना करीब 3 हजार से अधिक ओपीडी होते हैं। इसके अतिरिक्त, सैकड़ों मरीजों को एमआरआई, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन जैसी जटिल जांचों की आवश्यकता रहती है। इन जांचों में देरी के कारण कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहां इलाज महंगा होता है।

जांच के लिए खराब व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एम्स के बेसमेंट स्थित CT-स्कैन और MRI कक्ष में मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। नाम पुकारे जाने के बाद मरीजों को तीन से छः महीने बाद की तारीख दी जाती थी। इसी प्रकार, रेडियोग्राफी विभाग में भी एक्स-रे और सोनोग्राफी के लिए महीनों बाद की डेट दी जा रही थी।

अब सवाल यह उठता है की इस लापरवही की जिम्मेदारी कौन लेगा। क्या एम्स प्रशासन इस व्यवस्था में बदलाव करेगा या स्थिति जस की तस बनी रहेगी।

निष्कर्ष

हालांकि एम्स ने सुधारात्मक कदम उठाने का दावा किया है, लेकिन वर्तमान में मरीजों को जांचों के लिए लंबा इंतजार और बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने की समस्या बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल सुधारने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों का इलाज समय पर शुरू हो सके और उनकी स्थिति गंभीर न हो।

यह खबरें भी पढ़ें...

एम्स भोपाल का हाईटेक हेलमेट, AI से दांत और जबड़े का 3D एक्स-रे करेगा

भोपाल एम्स से 5 साल में 830 महिला नर्स-लैब टेक्नीशियन ने ली विदाई, आखिर क्या है वजह ?

एम्स भोपाल में SPECT-CT से पीठ दर्द की सही जांच, मरीजों को मिलेगी राहत

यूपीएससी में चमका एम्स जोधपुर, चार डॉक्टर को मिली अच्छी रैंक, इनमें अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • MRI
  • एम्स
  • सोनोग्राफी
  • रेडियोग्राफी विभाग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा