पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने क्यों बोला, मोहोब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते केवल बाबू बदल जाते हैं

छत्तीसगढ़ में बीजेपी के फायर ब्रांड नेता, पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर की शायरी बहुत चर्चा में है। उन्होंने कहा कि मोहोब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते बस बाबू बदल जाते हैं। उनका भ्रष्टाचार पर कटाक्ष है लेकिन देखें तो बात बहुत गहरी है।

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Arun Tiwari
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NEWS IN SHORT

    .चर्चा में अजय चंद्राकर की शायरी
    .चंद्राकर की भ्रष्टाचार पर शायरी
    . मोहोब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते
    . बस बाबू बदल जाते हैं : चंद्राकर

    NEWS IN DETAIL

    चंद्राकर का शायराना अंदाज : 

    पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। विधानसभा में भी उनके तीखे सवाल सरकार को परेशानी में डाल देते हैं। एक बार फिर उनका बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने अंदाज में ऐसा कुछ कहा जिस पर चर्चा होना लाजिमी है।

    मीडिया ने जब अजय चंद्राकर से पूछा कि रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आग लगी है, कहा ये जा रहा है कि गड़बड़ी के अहम सबूत मिटाए गए हैं। इस पर चंद्राकर ने कहा कि एक कविता सुनाता हूं, मोहोब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते,केवल बाबू बदल जाते हैं। बात चिंता और चिंतन दोनों की है। यह बयान चर्चा में इसलिए है क्योंकि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है।

    बयान के हिसाब से बाबू बदले हैं और भ्रष्टाचार मोहोब्बत की तरह जारी है तो यह तो सीधे सरकार पर चोट है। यानी भले ही छत्तीसगढ़ में सरकार बदल गई हो लेकिन सिस्टम में भ्रष्टाचार पहले की तरह जारी है। 

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    यह है विष्णु का सुशासन : कांग्रेस

    वहीं कांग्रेस ने अजय चंद्राकर के इस बयान पर तंज कसा है। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला कहते हैं कि चंद्राकर ने दो पंक्तियों में विष्णु के सुशासन की पोल खोल दी है। सरकार में भ्रष्टाचार अनवरत जारी है। शुक्ला ने कहा कि वैसे भी अजय चंद्राकर का अपना अनुभव भी है। वे भी पहले मंत्री रहे हैं और उन पर भी इस तरह के खूब आरोप लगे हैं इसलिए वे अपने अनुभव से ही यह बात कह रहे हैं। 

    निष्कर्ष : 

    इस बयानबाजी का यही निष्कर्ष निकलता है कि भ्रष्टाचार सिस्टम की नसों में बस गया है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का एक बयान का बीजेपी बहुत उदाहरण देती है कि वे कहते थे कि दिल्ली से एक रुपए निकलता है लेकिन नीचे तक 15 पैसे ही पहुंचता है। अजय चंद्राकर का यह बयान भी कुछ इसी तरह का है। बाबू बदल जाते हैं भ्रष्टचार खत्म नहीं होता।

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    छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार रायपुर अजय चंद्राकर छत्तीसगढ़ विधानसभा
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