हेट स्पीच केस: अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कही ये बात

Harrison Masih | Nov 22, 2025, 17:00 IST
Share
amit-baghel-hate-speech-case-high-court-dismisses-arrest-petition the sootr
amit-baghel-hate-speech-case-high-court-dismisses-arrest-petition the sootr

छत्तीसगढ़ HC ने 'जोहार छत्तीसगढ़' प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी और जांच निगरानी की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा- आपराधिक जांच का माइक्रो मैनेजमेंट संभव नहीं।

Raipur. जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ कथित हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) के आरोपों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने बघेल की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने वाली याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि न्यायालय चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

कोर्ट ने गिरफ्तारी और जांच की निगरानी की मांग ठुकराई

रायपुर निवासी अमित अग्रवाल द्वारा दायर याचिका में बघेल की तत्काल गिरफ्तारी, पुलिस जांच की निगरानी करने और एक समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया: "किसी जांच की निगरानी, तरीका तय करना या वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख के आदेश देना न्यायालय द्वारा 'क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन का माइक्रो मैनेजमेंट' होगा, जो अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।"

कोर्ट ने साफ कहा कि आपराधिक जांच जारी रहने के दौरान, न्यायालय न तो हस्तक्षेप कर सकता है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश जारी कर सकता है।

ये खबर भी पढ़ें...

रायपुर पुलिस ने अमित बघेल को भगोड़ा घोषित किया, गिरफ्तारी पर 5 हजार का इनाम, कई राज्यों में FIR

अमित बघेल की तलाश जारी, परिचितों के घर पुलिस ने मारा छापा, विवादित बयान से बढ़ा तनाव

इन समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

याचिकाकर्ता अमित अग्रवाल ने स्वयं अदालत में पैरवी करते हुए आरोप लगाया कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल लगातार भड़काऊ भाषण दे रहे हैं और सिंधी, जैन तथा अग्रवाल समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि बघेल के खिलाफ जगदलपुर सहित राज्य के कई स्थानों पर FIR दर्ज हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार 'राजनीतिक संरक्षण' के कारण कार्रवाई में जानबूझकर देरी कर रही है, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

ऐसे समझें पूरा मामला:

अमित बघेल हेट स्पीच केस: बघेल पर सिंधी, जैन और अग्रवाल समुदायों के खिलाफ लगातार भड़काऊ भाषण (हेट स्पीच) देने का आरोप है।

याचिका की मांग: याचिकाकर्ता (अमित अग्रवाल) ने हाई कोर्ट से बघेल की तत्काल गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी करने का निर्देश देने की मांग की थी।

कोर्ट का मुख्य फैसला: चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया।

हस्तक्षेप से इनकार: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया का काम 'क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन का माइक्रो मैनेजमेंट' करना नहीं है; इसलिए जांच जारी होने पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

कोर्ट ने माना कि जब एफआईआर दर्ज हैं और जांच चल रही है, तो आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश देना या जांच का तरीका तय करना कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

सरकार ने निष्क्रियता के आरोपों को नकारा

राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं ने अदालत को सूचित किया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है और सरकार पर निष्क्रियता का आरोप निराधार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाई कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि चूंकि मामले में कई एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी हैं और उनकी जांच प्रगति पर है, इसलिए अदालत इस चरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।

ये खबर भी पढ़ें...

भगवान झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी: मुंबई में अमित बघेल के खिलाफ केस, छत्तीसगढ़ में गिरफ्तारी की मांग

अब जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने जारी की अपने उम्मीदवारों की लिस्ट, धरसीवां में छाया वर्मा, अनुज शर्मा को टक्कर देंगे अमित बघेल



Tags:
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • हेट स्पीच
  • जस्टिस रमेश सिन्हा
  • अमित बघेल
  • अमित बघेल हेट स्पीच केस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा