मैं जेल में होता या पागलखाने में, अमित जोगी बोले, यदि सुप्रीम कोर्ट में वो न हुआ होता जो हुआ
Arun Tiwari | Apr 25, 2026, 16:14 IST
amit-jogi-rebirth-statement-supreme-court-relief
अमित जोगी को 23 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने हाईकोर्ट के उम्रकैद और सरेंडर के आदेश पर रोक लगा दी है। राहत मिलने के बाद अमित जोगी ने इसे पुनर्जन्म बताते हुए ‘जोगी स्थल’ जाने की घोषणा की है।
Raipur. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को 23 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जोगी को हाईकोर्ट से मिली उम्रकैद और सरेंडर पर रोक लगा दी है। जोगी ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट में यह न हुआ होता तो मैं या तो जेल में होता या पागलखाने में।
अमित ने सोशल मीडिया पर कहा कि मैं फैसले के पहले विजय की घोषणा कर रहा था, तो लोग सोच रहे होंगे कि मैं पागल हो गया हूं। वहीं अमित जोगी ने एक और बात कही। उनके पिता यानी अजीत जोगी की तस्वीर को पिंजरे में कैद कर रखा गया है। अमित जोगी अपने पुनर्जन्म की बात भी कर रहे हैं। आपको बताते हैं कि कब होगा अमित जोगी का पुनर्जन्म।
अमित ने एक्स पर पोस्ट किया कि 23 साल पुराना मुकदमा। बिना सुनवाई के दोषसिद्धि। मेरी आज़ादी दाँव पर थी। और मैं सोशल मीडिया पर विजय की घोषणा कर रहा था। आप गलत नहीं थे अगर आपने सोचा “पागल हो गए।” क्योंकि अगर 11 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में वह न होता जो हुआ तो जेल तो थी ही। शायद पागलखाना भी।
वह पोस्ट पागलपन नहीं था। उसका नाम है ACTUS FIDEI यानी विश्वास का कार्य। कानून में actus reus होता है वह कृत्य जो अपराध सिद्ध करता है। स्वर्ग के न्यायालय में actus fidei होता है वह कृत्य जो आज़ाद करता है। देखने से पहले बोलना। होने से पहले घोषित करना।
जो दाँव नहीं लगाता वह घोषित नहीं करता। 23 अप्रैल की शाम। ठीक 11 दिन बाद। देश की दिग्गज कानूनी हस्तियाँ एक शब्द नहीं बोलीं। सर्वोच्च न्यायालय ने खुद पूछा “बिना सुनवाई के दोषसिद्धि? यह कैसा निर्णय है? फिर मुस्कुराते हुए “आपने एक शब्द नहीं बोला और सब कुछ मिल गया! सारे आदेश निलंबित। आज़ादी बहाल।
अमित जोगी को मिली सुप्रीम राहत के बाद उनका पुनर्जन्म होने वाला है। अमित के पुनर्जन्म की तारीख 29 अप्रैल है। अमित ने कहा (Amit Jogi Statement) कि 29 अप्रैल 2026 को अपने पिताजी छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की समाधि गौरेला स्थित ‘जोगी स्थल’ जाऊँगा, उनका आशीर्वाद लेने।
इस दिन पापा की 80वीं जयंती है। इससे उचित अवसर और क्या हो सकता था कि उन्हीं के चरणों में, मैं परम पिता परमेश्वर के असीम अनुग्रह से अपने जीवन को एक बार फिर छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा में समर्पित करूँ। अमित ने आगे कहा कि यह दिन मेरा नया जन्म है।
अमित जोगी ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं आजाद हो गया लेकिन पापा पिंजरे में कैद हैं। उन्होंने लिखा कि जोगी स्थल गौरेला में पापा की समाधि। फूलों से सजी, रोशनी से दमकती, लाखों दिलों में जीवित। उसी गौरेला में, उन्हीं के जन्मस्थान पर पापा की मूर्ति आज भी जाली के पिंजरे में बंद है कपड़े और प्लास्टिक में ढकी हुई, जालीदार पिंजरे में कैद।
राज्य सरकार के निर्देश पर। मैं एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में लौट रहा हूं। पापा अभी भी कैद में हैं। यही कारण है कि 29 अप्रैल को उनके चरणों में जाना और भी आवश्यक हो जाता है।
सरेंडर नहीं करेंगे अमित जोगी, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर दिया स्टे
उम्रकैद पर स्टे के बाद बोले जोगी, थैंक यू गॉड, पहले ही तैयार थी राहत की स्क्रिप्ट
Jaggi Murder Case पर हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई, अमित जोगी के वकील ने मांगा समय
रायपुर में अमित जोगी का बयान- पहले राज्य बनाने के लिए लड़े, अब बचाने की लड़ाई, टेंडर निरस्त करने सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम
अमित ने सोशल मीडिया पर कहा कि मैं फैसले के पहले विजय की घोषणा कर रहा था, तो लोग सोच रहे होंगे कि मैं पागल हो गया हूं। वहीं अमित जोगी ने एक और बात कही। उनके पिता यानी अजीत जोगी की तस्वीर को पिंजरे में कैद कर रखा गया है। अमित जोगी अपने पुनर्जन्म की बात भी कर रहे हैं। आपको बताते हैं कि कब होगा अमित जोगी का पुनर्जन्म।
जेल या पागलखाना :
वह पोस्ट पागलपन नहीं था। उसका नाम है ACTUS FIDEI यानी विश्वास का कार्य। कानून में actus reus होता है वह कृत्य जो अपराध सिद्ध करता है। स्वर्ग के न्यायालय में actus fidei होता है वह कृत्य जो आज़ाद करता है। देखने से पहले बोलना। होने से पहले घोषित करना।
जो दाँव नहीं लगाता वह घोषित नहीं करता। 23 अप्रैल की शाम। ठीक 11 दिन बाद। देश की दिग्गज कानूनी हस्तियाँ एक शब्द नहीं बोलीं। सर्वोच्च न्यायालय ने खुद पूछा “बिना सुनवाई के दोषसिद्धि? यह कैसा निर्णय है? फिर मुस्कुराते हुए “आपने एक शब्द नहीं बोला और सब कुछ मिल गया! सारे आदेश निलंबित। आज़ादी बहाल।
कब होगा अमित जोगी का पुनर्जन्म :
29 अप्रैल 2026 को अपने पिताजी, छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री अजीत जोगी जी की समाधि — गौरेला स्थित ‘जोगी स्थल’ — जाऊँगा, उनका आशीर्वाद लेने। इस दिन पापा की 80वीं जयंती है।
इससे उचित अवसर और क्या हो सकता था — कि उन्हीं के चरणों में, मैं परम पिता परमेश्वर के असीम… pic.twitter.com/Hi4KEyaOd9
— 𝐀𝐦𝐢𝐭 𝐀𝐣𝐢𝐭 𝐉𝐨𝐠𝐢 (@AmitJogi) April 23, 2026
पिंजरे में बंद अजीत जोगी :
राज्य सरकार के निर्देश पर। मैं एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में लौट रहा हूं। पापा अभी भी कैद में हैं। यही कारण है कि 29 अप्रैल को उनके चरणों में जाना और भी आवश्यक हो जाता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
उम्रकैद पर स्टे के बाद बोले जोगी, थैंक यू गॉड, पहले ही तैयार थी राहत की स्क्रिप्ट
Jaggi Murder Case पर हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई, अमित जोगी के वकील ने मांगा समय
रायपुर में अमित जोगी का बयान- पहले राज्य बनाने के लिए लड़े, अब बचाने की लड़ाई, टेंडर निरस्त करने सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari