छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र ने बनाई जॉइंट टास्क फोर्स, अब 100 किमी बॉर्डर पर शिकंजा
VINAY VERMA | Jul 13, 2026, 14:34 IST
बाघ की खाल की तस्करी 2026
बस्तर में बाघ की खाल के साथ पुलिस के दो जवानों की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार अलर्ट हो गई हैं। अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए दोनों राज्यों ने 6 सदस्यीय संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है।
बस्तर में बाघ की खाल के साथ दो पुलिसवालों की गिरफ्तारी के बाद छग और महाराष्ट्र सकते में हैं। पुलिस जवान महाराष्ट्र के हैं इसलिस वहां की सरकार छत्तीसगढ़ से इनपुट ले रही। इधर दोनों राज्यों ने अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए संयुक्त टास्क फोर्स गठित की है। यह टीम दोनों राज्यों के करीब 100 किलोमीटर लंबे सीमा क्षेत्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क पर नजर रखेगी। इतना ही नहीं, पुराने मामलों की भी दोबारा जांच होगी।
6 सदस्य वाली टीम में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के लोग होंगे। एक डीएफओ स्तर का अधिकारी और इंस्पेक्टर लेबल मे 2-2 अधिकारी होंगे। बस्तर आईजी की ओर से छत्तीसगढ़ पुलिस के दो अधिकारियों के नाम भी टास्क फोर्स के लिए भेज दिए गए हैं।
पूरा मामला तब सामने आया जब कांकेर वन विभाग की एंटी क्राइम यूनिट ने ’’ऑपरेशन सेफ पैसेज’’ के तहत छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा के बांडे इलाके में कार्रवाई की। यहां महाराष्ट्र पुलिस के दो जवान बाबूराव मडावी और बिजेश्वर गेडाम को दो बाघों की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस की वर्दी पहनने वाले जवानों का वन्यजीव तस्करी में नाम आने से दोनों राज्यों के सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े हो गए।
जांच के दौरान मुख्य आरोपी बिजेश्वर गेडाम के महाराष्ट्र के अहेरी स्थित घर की तलाशी ली गई। वहां से बड़ी मात्रा में पैंगोलिन के शल्क भी बरामद हुए। इससे साफ संकेत मिले कि मामला सिर्फ बाघ की खाल तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों की संगठित तस्करी का बड़ा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।
वन अधिकारियों की शुरुआती जांच में सामने आया कि बरामद दोनों बाघों का शिकार इंद्रावती टाइगर रिजर्व या अबुझमाड़ के घने जंगलों में किया गया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद बीजापुर क्षेत्र से पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इससे यह साफ हो गया कि शिकारी, सप्लायर और खरीदारों की पूरी चेन सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थी।
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच करीब 100 किलोमीटर का घना वन क्षेत्र है, जिसे लंबे समय से वन्यजीव तस्करों का सुरक्षित कॉरिडोर माना जाता रहा है। अब इसी इलाके में संयुक्त गश्त, खुफिया निगरानी और समन्वित कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई है। बाघ की खाल बरामदगी ने जिस नेटवर्क की परतें खोली हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बाघों की खाल के साथ दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का खुलासा
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 3 बाघों का शिकार, स्टाफ ने ही लीक की थी लोकेशन
छत्तीसगढ़ में बाघों का शिकार : ऑन-डिमांड शिकार का बड़ा नेटवर्क उजागर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार; सिर काटकर ले गए शिकारी, STR की टीम संदिग्धों से कर रही पूछताछ
6 सदस्यों की होगी टीम
पुलिस की वर्दी में तस्करी का खेल!
घर से निकले पैंगोलिन के शल्क
इंद्रावती बना शिकारी गिरोह के निशाने पर
100 किलोमीटर बॉर्डर पर सख्त निगरानी
FAQ
- बाघों के शिकार का मामला कहां सामने आया?
बाघों के शिकार का मामला छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व और अबुझमाड़ के जंगलों से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यहीं बाघों का शिकार कर उनकी खाल तस्करी के लिए छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा तक पहुंचाई गई थी। - बाघों की खाल का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?
बाघों की खाल की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में ऊंची कीमत मिलती है। इसका इस्तेमाल अवैध रूप से सजावटी वस्तुओं, ट्रॉफी और कुछ देशों में पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े उत्पादों के नाम पर किया जाता है। यही वजह है कि बाघों का शिकार और उनकी खाल की तस्करी वन्यजीव अपराध की गंभीर श्रेणी में आती है।
ये खबरें भी पढ़ें...
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 3 बाघों का शिकार, स्टाफ ने ही लीक की थी लोकेशन
छत्तीसगढ़ में बाघों का शिकार : ऑन-डिमांड शिकार का बड़ा नेटवर्क उजागर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार; सिर काटकर ले गए शिकारी, STR की टीम संदिग्धों से कर रही पूछताछ
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari