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Photograph: (the sootr)
News in Short
- भाजपा नेता राजू सोनकर ने पार्षद बंधु मौर्य की हत्या हेतु 25 लाख की सुपारी दी।
- यूपी से शूटर बुलाकर 18 दिसंबर की रात कार रोकने और मारने की साजिश रची।
- दुकान खाली कराने के विवाद और गांजा तस्करी के आरोपों के कारण रंजिश शुरू हुई।
- ज्वेलरी लूटकांड के आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने इस बड़े षड्यंत्र का खुलासा किया।
- बंधु मौर्य ने अब आरोपी नेता की अवैध संपत्ति और तस्करी की निष्पक्ष जांच मांगी है।
News in Detail
BILASPUR.छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सियासत का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसे देखकर आम जनता दंग रह गई है। यहां एक ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच की जंग अब 'सुपारी' और 'शूटरों' तक पहुंच गई है। यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं बल्कि हकीकत है। भाजपा नेता राजू सोनकर ने अपने ही साथी पार्षद बंधु मौर्य को रास्ते से हटाने के लिए उत्तर प्रदेश से पेशेवर शूटर बुलवाए थे।
पुलिस ने जब सराफा कारोबारी संतोष तिवारी लूटकांड के आरोपियों को पकड़ा, तब इस सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने लूट से पहले पार्षद बंधु मौर्य की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट लिया था।
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25 लाख की डील और गांजे की तस्करी का सच
इस पूरी साजिश की जड़ में एक मामूली दुकान का विवाद बताया जा रहा है। भाजपा पार्षद और MIC सदस्य बंधु मौर्य ने बताया कि राजू सोनकर पिछले 10 साल से उनकी दुकान किराए पर लेकर नारियल का व्यापार कर रहा था। विवाद तब शुरू हुआ जब मौर्य ने दुकान खाली करने को कहा।
मौर्य का आरोप है कि राजू सोनकर नारियल की आड़ में गांजा तस्करी का बड़ा सिंडिकेट चला रहा था। ओडिशा और बिहार से लोग आकर वहां संदिग्ध गतिविधियां करते थे। जब मौर्य ने दुकान खाली कराई, तो राजू रंजिश पाल बैठा और उसने मर्डर की प्लानिंग कर डाली।
जेल में हुई दोस्ती और शूटरों का 'बड़ा काम'
इस वारदात का मास्टरमाइंड राजू सोनकर अकेले नहीं था। उसने स्थानीय हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास की मदद ली। नारद की जान-पहचान जेल में मध्य प्रदेश के गांजा तस्कर विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति से हुई थी। राजू ने नारद को 25 लाख रुपए की सुपारी दी और 6 लाख रुपए एडवांस भी दिए।
नारद ने बिन्नु और उत्तर प्रदेश के कुछ खतरनाक शूटरों को यह कहकर बिलासपुर बुलाया कि एक 'बहुत बड़ा काम' हाथ लगा है। 18 दिसंबर की रात इन शूटरों ने बंधु मौर्य की कार रोकने की कोशिश की, लेकिन मौर्य की सूझबूझ ने उन्हें बचा लिया।
वारदात की रात क्या हुआ था?
बंधु मौर्य के अनुसार, जब वह रात में शनिचरी मार्केट से घर लौट रहे थे, तब कुछ लोगों ने उनकी कार को रोकने की कोशिश की। उस वक्त उन्हें लगा कि शायद कुछ शराबी युवक झगड़ रहे हैं। उन्होंने ब्रेक मारने के बजाय अपनी गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कार के बाहर खड़ी मौत उनका इंतजार कर रही थी। जब पुलिस ने लूट की एक घटना का खुलासा किया, तब उन्हें पता चला कि वह हमला महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या की कोशिश थी।
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पुलिस की जांच और कार्रवाई
इस खुलासे के बाद भाजपा की अंदरूनी कलह सड़क पर आ गई है। बंधु मौर्य ने अब मांग की है कि राजू सोनकर की पिछले 10 सालों की संपत्ति की जांच हो। उन्होंने सवाल उठाया कि एक नारियल बेचने वाला अचानक इतना करोड़पति कैसे बन गया? पुलिस अब इस मामले में कड़ियां जोड़ रही है ताकि साजिश में शामिल हर शख्स को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने मीडिया को बताया कि इस मामले में सात लोगों को पकड़ा गया है। इन लोगों को लूट के एक मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया। इन लोगों ने सुपारी की बात भी कबूली है।
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