बिलासपुर में गुरु घासीदास जयंती पर बवाल: भड़के सतनामी युवाओं ने लगाए RSS वापस जाओ और मुर्दाबाद के नारे
Harrison Masih | Dec 19, 2025, 16:54 IST
bilaspur-guru-ghasidas-jayanti-satnami-society-protest-rss the sootr
बिलासपुर के जरहाभाठा मिनी बस्ती में गुरु घासीदास जयंती समारोह के दौरान जमकर हंगामा हुआ। राजमहंत डॉ. बसंत अंचल द्वारा आमंत्रित RSS के पदाधिकारियों की मौजूदगी पर समाज के युवाओं ने कड़ी आपत्ति जताई और 'वापस जाओ' के नारे लगाए।
Bilaspur. छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में गुरु घासीदास जयंती समारोह के दौरान उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों की मौजूदगी को लेकर समाज के युवा और बुजुर्ग आमने-सामने आ गए।
मामला इतना बढ़ गया कि युवाओं ने RSS के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल से जाने के लिए विवश कर दिया। पूरी घटना जरहाभाठा मिनी बस्ती स्थित महंत बाड़ा की है।
ये खबर भी पढ़ें... बलौदा बाजार का नाम गुरु घासीदास धाम करने की प्रक्रिया शुरू
गुरुवार 18 दिसंबर को प्रदेशभर में बाबा गुरु घासीदास की 269वीं जयंती मनाई जा रही थी। बिलासपुर के जरहाभाठा महंत बाड़ा में भी बड़े पैमाने पर पूजा-अर्चना और समारोह का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में महंत बाड़ा के राजमहंत डॉ. बसंत अंचल ने RSS के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया था।
समारोह में शामिल होने के लिए विभाग संघ चालक डॉ. राजकुमार सचदेव, जिला संघ चालक रामधन रजक, नगर संघ चालक प्रदीप शर्मा सहित अन्य RSS कार्यकर्ता पहुंचे थे।
जैसे ही संघ के पदाधिकारी जैतखंभ और पूजा स्थल के पास पहुंचे, समाज के युवा, जिनका नेतृत्व जितेन्द्र बंजारे कर रहे थे, भड़क गए। युवाओं का तर्क था कि यह समाज का पारिवारिक और धार्मिक आयोजन है, इसमें किसी भी ऐसी संस्था की उपस्थिति स्वीकार्य नहीं है जिसकी विचारधारा समाज के मूल सिद्धांतों से मेल न खाती हो।
ये खबर भी पढ़ें... कथावाचक आशुतोष चैतन्य बिलासपुर में गिरफ्तार, सतनामी समाज पर टिप्पणी मामले में हुआ एक्शन
युवाओं ने RSS पदाधिकारियों के सामने ही जमकर नारेबाजी की। उनसे तुरंत कार्यक्रम छोड़कर जाने के लिए कहा गया। दबाव बढ़ता देख पदाधिकारियों ने यह कहते हुए वहां से प्रस्थान किया कि "हम केवल पूजा करने आए थे, यदि आपत्ति है तो हम जा रहे हैं।"
ये खबर भी पढ़ें... बिलासपुर में कथावाचक के विवादित बयान से बवाल, सतनामी समाज सड़कों पर, FIR दर्ज, अब मांगी माफी
हंगामे के दौरान राजमहंत डॉ. बसंत अंचल ने युवाओं को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास के संदेश 'मनखे-मनखे एक समान' (सभी मनुष्य एक समान हैं) का हवाला देते हुए कहा कि बाबा किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के गुरु हैं।
हालांकि, युवा उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। युवाओं ने पलटवार करते हुए कहा- "अगर उन्हें जयंती मनानी है, तो अपने घर में मनाएं। यह हमारे समाज का निजी कार्यक्रम है।" राजमहंत ने इस हरकत को बाबा के आदर्शों के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
ये खबर भी पढ़ें... सतनामी समाज के गढ़ में तोड़ी बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति, मचा बवाल
घटना के बाद सतनामी समाज के एक धड़े ने हंगामा करने वाले जितेंद्र बंजारा और उनके साथियों पर 'साम्प्रदायिक उन्माद' फैलाने का आरोप लगाया है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस अपमानजनक व्यवहार की शिकायत मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और बिलासपुर SSP से करेंगे।
दूसरी ओर, युवाओं के समूह का कहना है कि वे अपनी सामाजिक पहचान और स्वायत्तता को बचाने के लिए यह विरोध कर रहे थे।
मामला इतना बढ़ गया कि युवाओं ने RSS के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल से जाने के लिए विवश कर दिया। पूरी घटना जरहाभाठा मिनी बस्ती स्थित महंत बाड़ा की है।
ये खबर भी पढ़ें... बलौदा बाजार का नाम गुरु घासीदास धाम करने की प्रक्रिया शुरू
कैसे शुरू हुआ विवाद?
समारोह में शामिल होने के लिए विभाग संघ चालक डॉ. राजकुमार सचदेव, जिला संघ चालक रामधन रजक, नगर संघ चालक प्रदीप शर्मा सहित अन्य RSS कार्यकर्ता पहुंचे थे।
युवाओं ने जताई कड़ी आपत्ति
ये खबर भी पढ़ें... कथावाचक आशुतोष चैतन्य बिलासपुर में गिरफ्तार, सतनामी समाज पर टिप्पणी मामले में हुआ एक्शन
देखें वीडियो...
हंगामे के मुख्य बिंदु
ये खबर भी पढ़ें... बिलासपुर में कथावाचक के विवादित बयान से बवाल, सतनामी समाज सड़कों पर, FIR दर्ज, अब मांगी माफी
राजमहंत और युवाओं के बीच तीखी बहस
हालांकि, युवा उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। युवाओं ने पलटवार करते हुए कहा- "अगर उन्हें जयंती मनानी है, तो अपने घर में मनाएं। यह हमारे समाज का निजी कार्यक्रम है।" राजमहंत ने इस हरकत को बाबा के आदर्शों के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
ये खबर भी पढ़ें... सतनामी समाज के गढ़ में तोड़ी बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति, मचा बवाल
पुलिस और प्रशासन तक पहुंचेगा मामला
दूसरी ओर, युवाओं के समूह का कहना है कि वे अपनी सामाजिक पहचान और स्वायत्तता को बचाने के लिए यह विरोध कर रहे थे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari