बिलासपुर में भारी बारिश, 93 साल का रिकॉर्ड टूटा, बाढ़ से एक की मौत

Aishwarya Dwivedi | Jul 18, 2026, 09:39 IST
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बिलासपुर में भारी बारिश ने 93 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
बिलासपुर में भारी बारिश ने 93 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारी बारिश ने 93 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 24 घंटे में 16 इंच पानी बरसने से बाढ़ आ गई है, जिससे एक महिला की मौत हो गई।

समझें क्या है पूरा मामला

बिलासपुर में 93 साल बाद रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है। महज 24 घंटों में यहाँ 16 इंच से अधिक पानी बरसा है। इस भारी बारिश के कारण पूरा शहर पानी-पानी हो गया है। सड़कों पर कमर तक पानी भरने से नावें चलानी पड़ी हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

बिलासपुर में आसमानी आफत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। यहाँ पिछले 24 घंटे में इतनी बारिश हुई कि इतिहास बदल गया। शहर की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। चारों तरफ सिर्फ पानी ही नजर आ रहा है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार शहर में 415.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यह बारिश 16 इंच से भी ज्यादा बैठती है। इसने साल 1933 में बने 14.93 इंच बारिश के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस आपदा में डूबने से एक महिला की मौत भी हुई है।

कॉलोनियों में चलीं नावें

शहर के हालात इतने खराब हैं कि सड़कों पर कमर तक पानी है। कई पॉश कॉलोनियों और मोहल्लों के घर पूरी तरह डूब गए हैं। प्रशासन को लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मोटर बोट लगानी पड़ी। लोग अपने घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं।

जलभराव के कारण बिजली विभाग को बड़ा झटका लगा है। शहर के तीन बड़े सब-स्टेशन पानी में डूब गए हैं। इसके साथ ही करीब 17 ट्रांसफार्मर भी जलमग्न हो गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से कई इलाकों की बिजली काट दी गई है। लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।

ट्रेन और बस सेवाएं ठप

भारी बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर सबसे ज्यादा पड़ा है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यार्ड के ट्रैक पानी में डूब गए हैं। इस वजह से रेलवे ने 7 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा 4 ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा है।

सड़क यातायात भी पूरी तरह चरमरा गया है। शहर से जुड़ने वाले सभी हाईवे का संपर्क टूट गया है। पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है। करीब 80 बसों का परिचालन बंद करना पड़ा है। कई रूटों पर यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।

क्युमलोनिम्बस बादल का असर

मौसम वैज्ञानिकों ने इस भारी बारिश की तकनीकी वजह बताई है। उनके अनुसार बिलासपुर के ऊपर क्युमलोनिम्बस (Cumulonimbus) बादल बने थे। गंगा के मैदानी इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ था। इस सिस्टम ने तेजी से भारी नमी को अपनी ओर खींचा।

इस वजह से रात के समय बेहद सक्रिय बादल बन गए। इन बादलों में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। क्युमलोनिम्बस बादलों के कारण महज दो घंटे में 150 मिलीमीटर बारिश हो गई। इसी वजह से बिलासपुर में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए।

पूरे प्रदेश में भारी बारिश

बिलासपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। जांजगीर में 170 मिलीमीटर पानी बरसा है। वहीं राजधानी रायपुर में 24 घंटे में 90 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। स्कूल और कॉलेज फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।

FAQ

  1. बिलासपुर में कितने साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा है?
    उत्तर: बिलासपुर में कुल 93 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूटा है। इससे पहले साल 1933 में यहाँ 14.93 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
  2. बिलासपुर में अचानक इतनी ज्यादा बारिश क्यों हुई?
    उत्तर: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिलासपुर के ऊपर क्युमलोनिम्बस बादल सक्रिय हुए थे। इन बादलों में पानी की मात्रा अत्यधिक होती है, जिससे कम समय में मूसलाधार बारिश हुई।
  3. बिलासपुर में भारी बारिश के कारण यातायात पर क्या असर पड़ा है?
    उत्तर: रेलवे ट्रैक डूबने से 7 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा हाईवे बंद होने से करीब 80 बसों का संचालन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

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