431 फर्जी मौतें... और डकार गए 17 करोड़, बिलासपुर सर्पदंश घोटाले में 14 FIR दर्ज

Harrison Masih | Jun 20, 2026, 13:04 IST
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बिलासपुर सर्पदंश घोटाला 2026
बिलासपुर सर्पदंश घोटाला 2026

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक ऐसा घोटाला सामने आया, जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां कागजों पर सांप के काटने से 431 फर्जी मौतें दिखाई गईं, और सरकार से 17 करोड़ 24 लाख का मुआवजा हड़प लिया गया। इस पर 14 FIR दर्ज की गई हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

बिलासपुर जिले में 431 फर्जी सर्पदंश मौतें दिखाकर 17 करोड़ 24 लाख रुपए का मुआवजा घोटाला हुआ है। विधानसभा में मामला उठने के बाद जांच शुरू हुई। 24 दिनों में 5 थानों में 14 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। डॉक्टर, वकील, तहसील कर्मचारी और मृतकों के परिजन सब इसमें शामिल पाए गए हैं। जांच में और नाम सामने आने की उम्मीद है।

जशपुर में 96, बिलासपुर में 431 मौतें

जशपुर जिले को छत्तीसगढ़ का नागलोक कहा जाता है। यहां पिछले तीन साल में केवल 96 सर्पदंश मौतें दर्ज हुईं।

इसके उलट अकेले बिलासपुर जिले में 431 मौतें बताकर 17 करोड़ 24 लाख रुपए का मुआवजा बांटा गया। यह आंकड़ा ही पूरे घोटाले की पोल खोल देता है।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने 5 मार्च 2024 को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के तहत यह मामला उठाया था। काफी हंगामे के बाद राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया था।

सांप काटने की फर्जी रिपोर्ट कैसे बनाई जाती थी

सरकारी नियमों के मुताबिक सर्पदंश से मौत होने पर 4 लाख रुपए मुआवजा मिलता है। इसी का फायदा उठाया गया।

सामान्य मौत को सांप काटने से हुई मौत बताकर मुआवजे के लिए आवेदन किए गए। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।

तिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP - Additional Superintendent of Police) पंकज पटेल ने बताया कि किसी मौत को सर्पदंश साबित करने के लिए पटवारी का पंचनामा, कोटवार की गवाही और सरकारी डॉक्टर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जरूरी होती है। बिना विभागीय स्तर की मिलीभगत के यह संभव नहीं था।

असली मामले जो जांच में सामने आए

महमंद निवासी संतोष कुमार सूर्यवंशी ने अपनी पत्नी लता सूर्यवंशी की मौत को सर्पदंश बताकर 4 लाख रुपए का मुआवजा लिया। सफीना बानो ने अपने पति निसार खां की मौत को सांप काटने से हुई बताकर 4 लाख रुपए प्राप्त किए।

दोनों मामलों में वास्तविक मौत का कारण छिपाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी पंचनामा और मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई गई।

bilaspur Compensation Scam
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कौन-कौन पकड़ा गया

इस घोटाले में तहसील कार्यालय में नगर निगम से अटैच ड्राइवर गोविंद विश्वकर्मा, अधिवक्ता खांडेकर और बिल्हा के वकील रंजीत चतुर्वेदी समेत दर्जन भर लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

बिल्हा क्षेत्र में महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी और सह-आरोपी कामता साहू ने सामान्य मौत को सर्पदंश बताया था। उनके खिलाफ बिल्हा थाने में मामला दर्ज हो चुका है।

पुलिस अभी और डॉक्टरों के नाम का खुलासा नहीं कर रही। जांच में सिम्स और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं।

तहसील में वकीलों और बिचौलियों का नेटवर्क

जांच में पता चला कि तहसील कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों, ड्राइवरों और चपरासियों की वकीलों से गहरी सांठगांठ थी।

ड्राइवर गोविंद विश्वकर्मा पहले छोटे-मोटे काम करता था और बाद में कंप्यूटर ऑपरेटर बन गया। उसे पुलिस ने पूरे दिन पूछताछ की। कुछ मामलों में बिना परिजनों की सहमति के आरोपियों ने मुआवजा लेकर बंदरबांट कर ली थी।

कहां-कहां दर्ज हुए मामले

सरकंडा थाने में 5 मामले, सिविल लाइन और कोनी में 6 मामले और कोतवाली थाने में 1 मामला दर्ज किया गया है। तोरवा पुलिस ने 2 मामलों में बिल्हा के एक वकील समेत तीन लोगों को कोर्ट में पेश किया है।

एक मामले में तहसीलदार ने रतनपुर पुलिस को एफआईआर (FIR - First Information Report) के लिए पत्र लिखा है। इस तरह अब तक 15 मामले सामने आ चुके हैं।

विधायक बोले, जांच से संतुष्ट नहीं

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि शासन ने जांच कराई यह स्वागत योग्य है। लेकिन वे इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। 400 केस में करोड़ों का मुआवजा घोटाला हुआ है। हर मामले की बारीकी से जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

FAQ

  1. बिलासपुर सर्पदंश मुआवजा घोटाला क्या है?
    बिलासपुर जिले में 431 फर्जी सर्पदंश मौतें दिखाकर 17 करोड़ 24 लाख रुपए का मुआवजा हड़पा गया। डॉक्टर, वकील और तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज बनाए गए। 24 दिनों में 14 FIR दर्ज हो चुकी हैं।
  2. क्या सर्पदंश से मौत पर मुआवजा मिलता है?
    हाँ, भारत में सर्पदंश से मौत होने पर सरकार की आपदा राहत नीति के तहत मुआवजा दिया जाता है। सामान्यतः यह राशि ₹4 लाख तक होती है, जो राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन योजना के अनुसार मृतक के परिजनों को दी जाती है।
  3. बिलासपुर सर्पदंश घोटाले में क्या कार्रवाई हुई है?
    बिलासपुर में कथित सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच के दौरान अब तक विभिन्न थानों में लगभग 14 FIR दर्ज की गई हैं। कई मामलों में आरोपियों से पूछताछ की गई है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।


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