कार्यक्रम के बीच भड़के सेंट्रल विश्वविद्यालय के कुलपति, आयोजन से साहित्यकार को भगाया

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान कुलपति और साहित्यकार के बीच विवाद हुआ। कुलपति ने साहित्यकार को कार्यक्रम से बाहर कर दिया। जिससे विवाद खड़ा हो गया।

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VINAY VERMA
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Vice Chancellor of Central University got angry and sent the litterateur away from the event.

Photograph: (the sootr)

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Bilaspur. बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एक विवाद का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ है। विवाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम का है। जिसमें कुलपति और साहित्यकार के बीच जमकर विवाद और हंगामा हुआ।

विवाद के बाद कुलपति आलोक चक्रवाल भड़क गए और महाराष्ट्र से आए साहित्यकार को कार्यक्रम से ही भगा दिया। जिसके बाद फैकल्टी सहित कुछ साहित्यकारों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इन्हें भी कुलपति ने जाने के लिए कह दिया। 

क्या था विवाद का कारण

दरअसल, बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में हिन्दी विभाग और साहित्य अकादमी, नई दिल्ली की तरफ से बुधवार को एक राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसका विषय ‘समकालीन हिन्दी कहानी बदलते जीवन‘ तय था। इस विषय पर बोलने के लिए देशभर से कथाकारों और साहित्यकारों को विश्वविद्यालय ने आमंत्रित किया था।

इस दौरान कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल मंच पर बोलने के लिए पहुंचे। विषय से भटकने के दौरान महाराष्ट्र से आए साहित्यकार मनोज रुपड़ा ने टोक दिया और विषय पर बोलने के लिए कहा। जिससे कुलपति आलोक चक्रवाल का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। 

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विवाद का वीडियो हो रहा वायरल

कार्यक्रम के दौरान बने इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कुलपति ने साहित्सकार से पूछ लिया कि आप बोर तो नहीं हो रहे? जिसके बाद साहित्यकार रूपड़ा ने उनसे कहा, “आप इधर-उधर की जगह विषय पर बात कीजिए।” इतना सुनते ही कुलपति आलोक चक्रवाल उनसे कहते हुए दिख रहे हैं कि “कुलपति से कैसे बात करनी चाहिए, आपको नहीं पता, आप निकल जाइए, आपका यहां स्वागत नहीं है।”

साथ ही उन्होंने आयोजको से यह भी पूछा कि इन्हें बुलाया किसने है। आगे से इन्हें आमंत्रित नहीं करना है। इन्हें कुलपति से बात करने की तमीज नहीं.. जिसके बाद मनोज रुपड़ा कार्यक्रम से निकल जाते हैं। फैकल्टी सहित एक साहित्यकार उन्हें मनाने की कोशिश करते हैं तो कुलपति उन्हें भी कार्यक्रम से बाहर जाने का आदेश दे देते हैं। 

सवालों के घेरे में जीजीयू की संस्कृति

कुछ महीने पहले एनएसएस के एक कार्यक्रम के दौरान धर्म विशेष की सामूहिक प्रार्थना विवादों में रही। प्रार्थना को लेकर विवि में कुछ दिनों तक जमकर हंगामा हुआ था। जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने सभी धर्मो के छात्र-छात्राओं को जबरियां प्रार्थना सभा में शामिल करवाने का आरोप लगाया था। लंबे जांच के बाद एनएसएस के अधिकारियों और विवि प्रशासन ने मामले को गलत बताया था।

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