कैदियों की रिहाई पर सिस्टम की कैद! SP की देरी पर गृह विभाग नाराज़
VINAY VERMA | Jul 06, 2026, 15:22 IST
फाइलों में कैद 127 कैदियों की उम्मीद
छत्तीसगढ़ की जेलों में अच्छे आचरण वाले 127 कैदी रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। उनकी फाइलें SP रिपोर्ट के कारण अटकी हैं। गृह विभाग ने नाराजगी जताकर समय पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- 127 कैदी रिहाई का इंतजार
- SP की रिपोर्ट से अटकी फाइलें
- गृह विभाग ने जताई नाराजगी
- सालभर रिहाई का नियम बेअसर
- अच्छे आचरण का नहीं मिल रहा लाभ
Raipur। छत्तीसगढ़ की केंद्रीय जेलों में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी रिहाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इन कैदियों ने जेल में अच्छे आचरण का रिकॉर्ड बनाया है और नियमानुसार उनकी समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी। लेकिन यह प्रक्रिया पुलिस अधीक्षकों (SP) के स्तर पर अटक गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि पुलिस से समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण रिहाई की फाइलें मुख्यालय तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
ऐसे होती है रिहाई की पूरी प्रक्रिया
थानों से लेकर एसपी कार्यालय तक सुस्त व्यवस्था
गृह विभाग ने दिखाई सख्ती
CG में 127 कैदियों की रिहाई SP रिपोर्ट में अटकी
लेकिन व्यवस्था नहीं बदली
केंद्रीय जेल में आजीवन कारावास के कैदी
सुधार की नीति पर सुस्ती भारी
छत्तीसगढ़ की जेलों की तस्वीर
केंद्रीय जेल 5
जिला जेल 20
उप जेल 8
रिहाई का इंतजार कर रहे पात्र कैदी 127
IMP FACTS
ये सभी आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी हैं।
कैदियों का जेल में अच्छा आचरण दर्ज है।
रिहाई की फाइलें SP की रिपोर्ट नहीं मिलने से अटकी हैं।
जेल अधीक्षक पहले संबंधित जिले के SP से राय मांगते हैं।
SP स्थानीय थाने से सामाजिक और पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट मंगाते हैं।
कई थानों में फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं।
गृह विभाग ने सभी SP को समय पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
पहले रिहाई केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे मौकों पर होती थी।
नए नियम के तहत पात्र कैदियों की रिहाई सालभर हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में कुल 33 जेल हैं।
इनमें 5 केंद्रीय जेल, 20 जिला जेल और 8 उप जेल हैं।
आजीवन कारावास के कैदी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर की केंद्रीय जेलों में रखे जाते हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में 127 कैदियों की रिहाई क्यों अटकी है?
छत्तीसगढ़ की केंद्रीय जेलों में बंद 127 पात्र कैदियों की समयपूर्व रिहाई पुलिस अधीक्षकों की रिपोर्ट के कारण अटकी है। जेल प्रशासन को संबंधित SP कार्यालय से समय पर सत्यापन रिपोर्ट नहीं मिल रही है। - समयपूर्व रिहाई के लिए SP रिपोर्ट क्यों जरूरी होती है?
SP रिपोर्ट में कैदी के सामाजिक माहौल, पीड़ित पक्ष की स्थिति, थाना जांच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राय शामिल होती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग रिहाई पर अंतिम फैसला करता है। - छत्तीसगढ़ में आजीवन कारावास के कैदी किन जेलों में रखे जाते हैं?
छत्तीसगढ़ में आजीवन कारावास के कैदियों को केवल केंद्रीय जेलों में रखा जाता है। ये केंद्रीय जेल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर में स्थित हैं।
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