CG Congress Delhi Rally: कांग्रेस की दिल्ली रैली से पहले रेलवे ने दिया झटका, 22.49 लाख का खर्च बताने के बाद स्पेशल ट्रेन देने से इनकार
Umeshwari Baghel | Oct 28, 2026, 18:26 IST
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की दिल्ली रैली पर ब्रेक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की दिल्ली रैली से पहले रेलवे ने स्पेशल ट्रेन देने से इनकार कर दिया है। पार्टी ने 1 नवंबर की रैली के लिए विशेष ट्रेन मांगी थी। रेलवे ने पहले 22 लाख 49 हजार 510 रुपए का खर्च बताया। इसके बाद प्रतिबंधित अवधि का हवाला देकर बुकिंग से मना कर दिया। कांग्रेस अब कार्यकर्ताओं को दिल्ली भेजने के दूसरे इंतजाम कर रही है।
पार्टी ने रेलवे के फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि रैली में भागीदारी रोकने की कोशिश हो रही है। हालांकि, रेलवे ने अपने फैसले की वजह नियमों को बताया है।
दिल्ली में 1 नवंबर को वोट बचाओ, देश बचाओ रैली प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को भेजना चाहती है। इसी कारण पार्टी ने रेलवे से विशेष ट्रेन की मांग की थी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने पत्र भेजा था। यह पत्र 24 अक्टूबर को रेलवे प्रशासन के नाम भेजा गया। इसमें रायपुर से दिल्ली तक विशेष ट्रेन चलाने की अनुमति मांगी गई।
पार्टी की योजना कार्यकर्ताओं को एक साथ दिल्ली पहुंचाने की थी। रैली खत्म होने के बाद उनकी वापसी भी उसी ट्रेन से होती। इसके लिए कांग्रेस ने चार दिन का यात्रा कार्यक्रम तैयार किया था।
कांग्रेस ने रेलवे से 15 कोच वाली विशेष ट्रेन मांगी थी। पार्टी ने इसकी बुकिंग के लिए औपचारिक अनुरोध किया। इसके बाद रेलवे ने संचालन का खर्च तैयार किया।
इस प्रस्ताव से कार्यकर्ताओं की यात्रा का इंतजाम एक साथ हो सकता था। लेकिन रेलवे की अनुमति नहीं मिलने से यह योजना प्रभावित हो गई।
कांग्रेस की मांग पर रेलवे ने विशेष ट्रेन का अनुमानित खर्च बताया था। दस्तावेजों के मुताबिक, यह रकम 22 लाख 49 हजार 510 रुपए थी। यह एस्टीमेट 15 कोच वाली ट्रेन के संचालन के लिए तैयार हुआ था।
खर्च सामने आने के बाद कांग्रेस को ट्रेन मिलने की उम्मीद थी। लेकिन रेलवे ने इसके बाद बुकिंग की अनुमति नहीं दी। यहीं से कांग्रेस स्पेशल ट्रेन विवाद शुरू हुआ।
अब सवाल है कि एस्टीमेट देने के बाद बुकिंग क्यों रोकी गई? रेलवे ने इसके लिए प्रतिबंधित अवधि का हवाला दिया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कांग्रेस को पत्र भेजकर अपना पक्ष स्पष्ट किया। रेलवे के मुताबिक, प्रस्तावित यात्रा प्रतिबंधित अवधि के दौरान पड़ रही थी। यह अवधि रेलवे बोर्ड की ओर से निर्धारित की गई है।
रेलवे ने कहा कि इस दौरान विशेष ट्रेन की बुकिंग नहीं हो सकती। इसी वजह से कांग्रेस का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि खत्म होने के बाद योजना बनाने का सुझाव दिया।
लेकिन कांग्रेस दिल्ली रैली 1 नवंबर को प्रस्तावित है। इसलिए पार्टी के लिए यात्रा की तारीख बदलना मुश्किल है।
कांग्रेस ने रायपुर से दिल्ली जाने का कार्यक्रम पहले ही तैयार किया था। इसके मुताबिक, ट्रेन 30 अक्टूबर की शाम 7 बजे रवाना होती। कार्यकर्ताओं को 31 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचना था।
इसके बाद 1 नवंबर को रैली में हिस्सा लेने का कार्यक्रम था। उसी रात 8 बजे ट्रेन दिल्ली से वापस रवाना होती। वापसी की तारीख 2 नवंबर तय की गई थी।
कांग्रेस ने 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक यात्रा की योजना बनाई थी। इसमें दिल्ली पहुंचने और वापस रायपुर आने का समय तय था। लेकिन रेलवे ने स्पेशल ट्रेन की बुकिंग स्वीकार नहीं की।
अब कार्यकर्ताओं के लिए दूसरे साधनों का इंतजाम करना पड़ रहा है। पार्टी के सामने अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की चुनौती है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रेलवे के फैसले पर केंद्र सरकार को घेरा है। प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की भागीदारी कम करने की कोशिश हो रही है।
गैदू के मुताबिक, पार्टी ने नियमों के तहत विशेष ट्रेन मांगी थी। रेलवे ने पहले संचालन का खर्च भी बताया था। इसके बाद ट्रेन देने से इनकार कर दिया गया।
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए केंद्र पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे ने अपने पत्र में किसी राजनीतिक कारण का उल्लेख नहीं किया।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस दिल्ली रैली से पहले दोनों पक्षों के अलग तर्क सामने आए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल हो रहा है। रेलवे का कहना है कि बुकिंग निर्धारित नियमों के कारण रोकी गई।
इस मामले में कांग्रेस की विशेष ट्रेन की बुकिंग प्रमुख विवाद बन गई है। कांग्रेस इसे रैली की तैयारी में बाधा बता रही है। रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि को ही अपने फैसले का आधार बताया है।
रेलवे ने स्पेशल ट्रेन देने से इनकार किया, लेकिन कांग्रेस की तैयारी जारी है। पार्टी का दावा है कि छत्तीसगढ़ से हजारों कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे। इसके लिए परिवहन के दूसरे साधन इस्तेमाल किए जाएंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियमित यात्री ट्रेनों और बसों से दिल्ली भेजने की तैयारी है। कुछ कार्यकर्ता निजी वाहनों से भी जा सकते हैं। पार्टी के कुछ पदाधिकारी हवाई यात्रा कर सकते हैं।
अब अलग-अलग जिलों से दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए कांग्रेस को यात्रा का नया कार्यक्रम बनाना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि रैली में शामिल होने की योजना नहीं बदली है।
वोट बचाओ देश बचाओ रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की भागीदारी प्रस्तावित है। पार्टी ने स्पेशल ट्रेन नहीं मिलने के बाद वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था चुनी है। हालांकि, अब कार्यकर्ताओं को अलग-अलग साधनों से दिल्ली पहुंचना होगा।
कांग्रेस का दावा है कि हजारों कार्यकर्ता रैली में शामिल होंगे। वास्तविक संख्या रैली के दिन ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल रेलवे के फैसले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
यह मामला सिर्फ कांग्रेस की यात्रा व्यवस्था से नहीं जुड़ा है। इसमें रेलवे की बुकिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। रेलवे ने पहले 22.49 लाख रुपए का खर्च बताया था। बाद में प्रतिबंधित अवधि के आधार पर बुकिंग से इनकार किया। कांग्रेस इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ रही है। वहीं, रेलवे अपने फैसले को नियमों के मुताबिक बता रहा है। सार्वजनिक संस्थानों की निष्पक्षता और राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलने के लिहाज से यह विवाद महत्वपूर्ण है। हालांकि, राजनीतिक दबाव के आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।
सवाल 1: छत्तीसगढ़ कांग्रेस को स्पेशल ट्रेन क्यों नहीं मिली?
जवाब: रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का हवाला देकर स्पेशल ट्रेन की बुकिंग से इनकार किया। रेलवे के मुताबिक, इस अवधि में ऐसी बुकिंग की अनुमति नहीं है।
सवाल 2: कांग्रेस की स्पेशल ट्रेन का कितना खर्च बताया गया था?
जवाब: रेलवे ने 15 कोच वाली ट्रेन का 22 लाख 49 हजार 510 रुपए एस्टीमेट दिया था। यह रकम ट्रेन के प्रस्तावित संचालन के लिए बताई गई थी।
सवाल 3: कांग्रेस की दिल्ली रैली कब है और कार्यकर्ता कैसे जाएंगे?
जवाब: दिल्ली में कांग्रेस की रैली 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ से कार्यकर्ता अब बसों, नियमित ट्रेनों और निजी वाहनों से जाने की तैयारी कर रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने दिल्ली रैली के लिए स्पेशल ट्रेन मांगी थी।
- रेलवे ने 15 कोच वाली ट्रेन का खर्च 22.49 लाख रुपए बताया।
- रेलवे ने बाद में प्रतिबंधित अवधि के कारण बुकिंग से इनकार किया।
- कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाए।
- अब कार्यकर्ता बसों और नियमित ट्रेनों से दिल्ली जाएंगे।
कांग्रेस ने क्यों मांगी थी स्पेशल ट्रेन?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने पत्र भेजा था। यह पत्र 24 अक्टूबर को रेलवे प्रशासन के नाम भेजा गया। इसमें रायपुर से दिल्ली तक विशेष ट्रेन चलाने की अनुमति मांगी गई।
पार्टी की योजना कार्यकर्ताओं को एक साथ दिल्ली पहुंचाने की थी। रैली खत्म होने के बाद उनकी वापसी भी उसी ट्रेन से होती। इसके लिए कांग्रेस ने चार दिन का यात्रा कार्यक्रम तैयार किया था।
15 कोच वाली ट्रेन की थी मांग
इस प्रस्ताव से कार्यकर्ताओं की यात्रा का इंतजाम एक साथ हो सकता था। लेकिन रेलवे की अनुमति नहीं मिलने से यह योजना प्रभावित हो गई।
रेलवे का 22.49 लाख का एस्टीमेट
खर्च सामने आने के बाद कांग्रेस को ट्रेन मिलने की उम्मीद थी। लेकिन रेलवे ने इसके बाद बुकिंग की अनुमति नहीं दी। यहीं से कांग्रेस स्पेशल ट्रेन विवाद शुरू हुआ।
अब सवाल है कि एस्टीमेट देने के बाद बुकिंग क्यों रोकी गई? रेलवे ने इसके लिए प्रतिबंधित अवधि का हवाला दिया है।
रेलवे ने बुकिंग से क्यों किया इनकार?
रेलवे ने कहा कि इस दौरान विशेष ट्रेन की बुकिंग नहीं हो सकती। इसी वजह से कांग्रेस का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि खत्म होने के बाद योजना बनाने का सुझाव दिया।
लेकिन कांग्रेस दिल्ली रैली 1 नवंबर को प्रस्तावित है। इसलिए पार्टी के लिए यात्रा की तारीख बदलना मुश्किल है।
रायपुर से 30 अक्टूबर को निकलती ट्रेन
इसके बाद 1 नवंबर को रैली में हिस्सा लेने का कार्यक्रम था। उसी रात 8 बजे ट्रेन दिल्ली से वापस रवाना होती। वापसी की तारीख 2 नवंबर तय की गई थी।
चार दिन का बनाया था यात्रा कार्यक्रम
अब कार्यकर्ताओं के लिए दूसरे साधनों का इंतजाम करना पड़ रहा है। पार्टी के सामने अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की चुनौती है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
गैदू के मुताबिक, पार्टी ने नियमों के तहत विशेष ट्रेन मांगी थी। रेलवे ने पहले संचालन का खर्च भी बताया था। इसके बाद ट्रेन देने से इनकार कर दिया गया।
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए केंद्र पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे ने अपने पत्र में किसी राजनीतिक कारण का उल्लेख नहीं किया।
रेलवे और कांग्रेस के अलग-अलग दावे
इस मामले में कांग्रेस की विशेष ट्रेन की बुकिंग प्रमुख विवाद बन गई है। कांग्रेस इसे रैली की तैयारी में बाधा बता रही है। रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि को ही अपने फैसले का आधार बताया है।
अब दिल्ली कैसे पहुंचेंगे कार्यकर्ता?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियमित यात्री ट्रेनों और बसों से दिल्ली भेजने की तैयारी है। कुछ कार्यकर्ता निजी वाहनों से भी जा सकते हैं। पार्टी के कुछ पदाधिकारी हवाई यात्रा कर सकते हैं।
अब अलग-अलग जिलों से दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए कांग्रेस को यात्रा का नया कार्यक्रम बनाना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि रैली में शामिल होने की योजना नहीं बदली है।
वोट बचाओ देश बचाओ रैली पर असर?
कांग्रेस का दावा है कि हजारों कार्यकर्ता रैली में शामिल होंगे। वास्तविक संख्या रैली के दिन ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल रेलवे के फैसले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
जवाब: रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का हवाला देकर स्पेशल ट्रेन की बुकिंग से इनकार किया। रेलवे के मुताबिक, इस अवधि में ऐसी बुकिंग की अनुमति नहीं है।
सवाल 2: कांग्रेस की स्पेशल ट्रेन का कितना खर्च बताया गया था?
जवाब: रेलवे ने 15 कोच वाली ट्रेन का 22 लाख 49 हजार 510 रुपए एस्टीमेट दिया था। यह रकम ट्रेन के प्रस्तावित संचालन के लिए बताई गई थी।
सवाल 3: कांग्रेस की दिल्ली रैली कब है और कार्यकर्ता कैसे जाएंगे?
जवाब: दिल्ली में कांग्रेस की रैली 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ से कार्यकर्ता अब बसों, नियमित ट्रेनों और निजी वाहनों से जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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