छग-मप्र, राजस्थान के हेल्थ सिस्टम की खुली पोल, 10 में 6 मौतों के वक्त डॉक्टर गायब
VINAY VERMA | Jun 08, 2026, 11:35 IST
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल
छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में स्वास्थ्य संकट गहरा होता जा रहा है। 10 में 6 मौतों के समय डॉक्टर मौजूद नहीं। गांवों में झोलाछापों का राज, नए मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर नहीं, करोड़ों खर्च के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हैं।
News in Short
- बिहार और झारखंड के बाद छत्तीसगढ़ तीसरे नंबर पर
- 60.4% मौतों के समय प्रशिक्षित मेडिकल कर्मी मौजूद नहीं थे
- डॉक्टरों के पद खाली, गांवों में झोलाछापों का राज
- नए मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर नहीं मिल रहे
- करोड़ों खर्च के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल
News in Detail
छत्तीसगढ़ में जितनी मौतें हुईं, उनमें से 60.4 प्रतिशत मरीजों की मौत ऐसे समय हुई, जब कोई प्रशिक्षित मेडिकल कर्मी मौजूद नहीं था। जबकि राजस्थान में 54.2 प्रतिशत मरीजों के पास डॉक्टर मौजूद नहीं थे। मप्र के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। यहां भी 100 में से 40 मरीज झोलछाप के हाथों मर रहे हैं।
छग तीसरे और राजस्थान चौथे नंबर पर
झोलाछापों के भरोसे चल रहा इलाज
अगर इन मरीजों को समय रहते प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों तक पहुंचाया जाता, तो मौतों के आंकड़े काफी कम हो सकते थे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें, जांच की कमी, बेड की समस्या और डॉक्टरों की अनुपलब्धता लोगों को वैकल्पिक रास्तों की ओर धकेल रही है।
चार साल में भयावह उछाल
करोड़ों खर्च, फिर भी डॉक्टर नहीं
विशेषज्ञ डॉक्टरों के 10,773 स्वीकृत पदों में से 1,418 पद खाली हैं। दंत चिकित्सकों के 112 पदों में से 102 पद रिक्त हैं। बस्तर संभाग में तो कई स्थानों पर नियमित डेंटल डॉक्टर तक नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण मरीजों को इलाज कहां से मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।
नए मेडिकल कॉलेजों में पहले से संकट
बस्तर-सुकमा में सबसे गंभीर हालात
कई गांव ऐसे हैं, जहां मरीज को अस्पताल पहुंचाने में घंटों लग जाते हैं। एंबुलेंस की उपलब्धता सीमित है। सड़क और संचार सुविधाएं कमजोर हैं। ऐसे में कई मौतें घरों में ही हो जाती हैं।
एम्स रायपुर भी नहीं बचा संकट से
cg-health-system-report
क्यों छोड़ रहे सरकारी नौकरी?
केरल ने दिखाया रास्ता
FAQ
- किस राज्य में मौतों के समय प्रशिक्षित मेडिकल कर्मी सबसे कम मौजूद थे?
छत्तीसगढ़ में 60.4% मौतों के समय डॉक्टर मौजूद नहीं थे। - छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों और दंत चिकित्सकों के कितने पद खाली हैं?
डॉक्टरों के 10,773 पदों में 1,418 खाली, दंत चिकित्सकों के 112 पदों में 102 रिक्त। - नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी नियुक्ति की स्थिति क्या है?
175 पदों के लिए सिर्फ 9 डॉक्टर पहुंचे और 8 की नियुक्ति हुई।
यह खबरें भी पढ़े...
छत्तीसगढ़ का हेल्थ सिस्टम लकवे का शिकार, प्रदेश का डेथ रेट सबसे हाई, कहां खर्च हुए 14 हजार करोड़
हेल्थ: मध्यप्रदेश में हेल्थ सिस्टम अब नई ऊंचाई पर पहुंच रहा
Sootrdhar Live | MP का हेल्थ सिस्टम ICU में... खुद BJP विधायकों ने उठाए सवाल | Dr Mohan Yadav
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman