खुशखबरी: छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों को मिलेगा 2800 ग्रेड पे, हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश
Sanjay Dhiman | Oct 31, 2025, 12:03 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 'समान काम, समान वेतन' के सिद्धांत पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इसके तहत, सभी लैब टेक्नीशियनों को अब नियुक्ति की तिथि से 2800 ग्रेड पे मिलेगा। सरकार को दो माह में 6% ब्याज सहित बकाया राशि चुकानी होगी।
BILASPUR. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हजारों कर्मचारियों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जो कर्मचारी एक ही तरह की पढ़ाई करके एक ही तरह का काम करते हैं उन्हें अलग-अलग सैलरी देना गलत है। यह आदेश खास तौर पर छत्तीसगढ़ सरकार के लैब टेक्नीशियन पदों पर लागू किया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी लैब टेक्नीशियनों को अब 2800 ग्रेड पे दिया जाए।
यह नया वेतनमान उनकी नौकरी शुरू करने की तारीख से ही लागू माना जाएगा। सरकार को यह भी निर्देश दिया गया है कि पिछले समय की सभी बकाया सैलरी को 6% ब्याज के साथ, दो महीने के अंदर चुकाया जाए। इस निर्णय से अब सभी लैब टेक्नीशियनों को उनके काम के हिसाब से एक समान और सही वेतन मिलेगा। उन्हें पिछला रुका हुआ पैसा भी ब्याज के साथ वापस मिल जाएगा।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार 2 मई 2014 को जब सरकार लैब टेक्नीशियन के लिए भर्ती विज्ञापन निकाला था। इस विज्ञापन साफ-साफ लिखा था कि इस पद के लिए वेतनमान ₹5200–₹20200 होगा और ग्रेड पे ₹2800 दिया जाएगा।
लेकिन जब चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति के समय सरकार ने अचानक ग्रेड पे घटाकर ₹2400 कर दिया। यानी वही काम करने वाले लोगों को कम वेतन मिलने लगा। लैब टेक्नीशियनों ने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा कि यह फैसला न सिर्फ मनमाना है, बल्कि समानता के अधिकार का भी उल्लंघन करता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 2013 में कुछ पदों के लिए 2800 ग्रेड पे और कुछ के लिए 2400 ग्रेड पे तय किया था। इसी कारण एक ही पद पर काम करने वाले कर्मचारियों के बीच वेतन विसंगति पैदा हो गई,जो बिल्कुल गलत है।
यह खबरें भी पढ़ें..
छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए खुशखबरी! डिजिटल फसल सर्वे की समय सीमा बढ़ाई गई, अब 30 नवंबर तक होगा सत्यापन
छत्तीसगढ़ व्यापम भर्ती परीक्षा में लागू हुआ ड्रेस कोड, अब इन कलर्स के कपडे़ पहने तो नहीं मिलेगी परीक्षा हाल में एंट्री
न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी की एकलपीठ ने कहा कि यह समझ से परे है कि एक ही पद के लिए दो अलग-अलग वेतन नियम क्यों और कैसे हो सकतें हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में 2015 के सेवा नियमों का हवाला दिया। न्यायालय ने कहा कि छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी सेवा भर्ती नियम, 2015 में लैब टेक्नीशियन के लिए 2800 ग्रेड पे निर्धारित है।
इसलिए 2400 ग्रेड पे देना न केवल नियम विरुद्ध है बल्कि “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के भी विपरीत है।
यह निर्णय राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के हजारों लैब टेक्नीशियनों को राहत देने वाला साबित होगा। अब सरकार को दो माह के भीतर बकाया वेतन 6% ब्याज सहित चुकाना होगा। यह फैसला भविष्य में समान पदों पर वेतन निर्धारण के लिए एक उदाहरण भी बनेगा।
यह खबरें भी पढ़ें..
छत्तीसगढ़ में SIR पर सवाल, कांग्रेस बोली कहां से आए 60 लाख वोटर, बीजेपी ने कहा घुसपैठिए ही कांग्रेस के मतदाता
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: छत्तीसगढ़ में 13 हजार परिवारों को मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर, जानें कैसे
न्यायालय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह सभी विभागों में सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करे। इससे समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के साथ भेदभाव समाप्त हो सके।
इस आदेश के बाद अन्य विभागों के कर्मचारी भी समान वेतन की मांग को लेकर याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं। जिससे राज्य प्रशासन पर सैलरी स्ट्रक्चर ठीक करने का दबाव बढ़ेगा।
यह नया वेतनमान उनकी नौकरी शुरू करने की तारीख से ही लागू माना जाएगा। सरकार को यह भी निर्देश दिया गया है कि पिछले समय की सभी बकाया सैलरी को 6% ब्याज के साथ, दो महीने के अंदर चुकाया जाए। इस निर्णय से अब सभी लैब टेक्नीशियनों को उनके काम के हिसाब से एक समान और सही वेतन मिलेगा। उन्हें पिछला रुका हुआ पैसा भी ब्याज के साथ वापस मिल जाएगा।
नियुक्ति विज्ञापन और वेतन में गड़बड़ी
लेकिन जब चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति के समय सरकार ने अचानक ग्रेड पे घटाकर ₹2400 कर दिया। यानी वही काम करने वाले लोगों को कम वेतन मिलने लगा। लैब टेक्नीशियनों ने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा कि यह फैसला न सिर्फ मनमाना है, बल्कि समानता के अधिकार का भी उल्लंघन करता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 2013 में कुछ पदों के लिए 2800 ग्रेड पे और कुछ के लिए 2400 ग्रेड पे तय किया था। इसी कारण एक ही पद पर काम करने वाले कर्मचारियों के बीच वेतन विसंगति पैदा हो गई,जो बिल्कुल गलत है।
यह खबरें भी पढ़ें..
छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए खुशखबरी! डिजिटल फसल सर्वे की समय सीमा बढ़ाई गई, अब 30 नवंबर तक होगा सत्यापन
छत्तीसगढ़ व्यापम भर्ती परीक्षा में लागू हुआ ड्रेस कोड, अब इन कलर्स के कपडे़ पहने तो नहीं मिलेगी परीक्षा हाल में एंट्री
न्यायालय की टिप्पणी: अलग-अलग वेतन समझ से परे है...
इसलिए 2400 ग्रेड पे देना न केवल नियम विरुद्ध है बल्कि “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के भी विपरीत है।
सरकार के सैलरी स्ट्रक्चर और कोर्ट के आदेश को ऐसे समझें
|
आदेश का असर
यह खबरें भी पढ़ें..
छत्तीसगढ़ में SIR पर सवाल, कांग्रेस बोली कहां से आए 60 लाख वोटर, बीजेपी ने कहा घुसपैठिए ही कांग्रेस के मतदाता
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: छत्तीसगढ़ में 13 हजार परिवारों को मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर, जानें कैसे
सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करे सरकार
इस आदेश के बाद अन्य विभागों के कर्मचारी भी समान वेतन की मांग को लेकर याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं। जिससे राज्य प्रशासन पर सैलरी स्ट्रक्चर ठीक करने का दबाव बढ़ेगा।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari