असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती विवाद: हाईकोर्ट ने खारिज की M.Tech डिग्री धारकों की याचिका

Harrison Masih | Aug 20, 2025, 20:14 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती मामले में बड़ा फैसला सुनाया। एम.टेक (मृदा एवं जल अभियांत्रिकी) डिग्री धारकों की याचिका खारिज कर दी गई।

Geo Hydrologist Recruitment Dispute: छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट ने असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें एम.टेक (सॉयल एंड वाटर इंजीनियरिंग) डिग्री धारकों को भी पात्रता सूची में शामिल करने की बात कही गई थी।

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क्या है जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती मामला?

साल 2020 में राज्य सरकार ने इस पद के लिए भर्ती विज्ञापन निकाला था। नियमों के मुताबिक केवल जियोलॉजी (Geology) में मास्टर डिग्री धारक ही पात्र माने गए। इस पर एम.टेक (सॉयल एंड वाटर इंजीनियरिंग) पास युवाओं ने आपत्ति जताई और कहा कि उनकी डिग्री भी भूविज्ञान के समकक्ष है, इसलिए उन्हें भी पात्रता मिलनी चाहिए।

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हाईकोर्ट का फैसला

मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह साफ किया कि –

  • भर्ती नियम बनाना राज्य सरकार का अधिकार है।
  • 2014 के भर्ती नियमों में भूविज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री को ही मान्यता दी गई है।
  • एम.टेक (सॉयल एंड वाटर इंजीनियरिंग) कृषि क्षेत्र के लिए उपयुक्त है, लेकिन यह भू-जल (Hydrogeology) के कामकाज में लागू नहीं होती।

सरकार की दलील

राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि भूविज्ञान और मृदा-जल अभियांत्रिकी (Soil & Water Engineering) दो अलग-अलग विषय हैं। इसलिए इन्हें एक-दूसरे के समकक्ष मानना संभव नहीं है।
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क्या है असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती विवाद?

  1. भर्ती का नियम – 2020 में राज्य सरकार ने असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट पद के लिए विज्ञापन निकाला, जिसमें केवल भूविज्ञान (Geology) में मास्टर डिग्री को पात्रता मान्यता दी गई।
  2. एम.टेक डिग्री धारकों की याचिका – कुछ उम्मीदवारों ने अपनी एम.टेक (मृदा एवं जल अभियांत्रिकी) डिग्री को भी भूविज्ञान के समकक्ष मानते हुए याचिका दायर की।
  3. कोर्ट में मामला – याचिका हाईकोर्ट पहुंची, जहाँ दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। उम्मीदवारों का कहना था कि उनकी डिग्री भी भर्ती के लिए योग्य है।
  4. हाईकोर्ट का फैसला – चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती नियम तय करना सरकार का अधिकार है और केवल भूविज्ञान में मास्टर डिग्री ही मान्य होगी।
  5. स्पष्ट अंतर – कोर्ट ने कहा कि भूविज्ञान और मृदा-जल अभियांत्रिकी अलग विषय हैं। एम.टेक डिग्री कृषि क्षेत्र के लिए उपयुक्त है, लेकिन जियो हाइड्रोलॉजी में नहीं आती।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश

अदालत ने सरकार की दलील सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी। अब भर्ती प्रक्रिया में केवल भूविज्ञान (Geology) में स्नातकोत्तर डिग्री धारक ही पात्र होंगे। यह फैसला राज्य में भविष्य की भर्ती प्रक्रिया के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल साबित होगा।

FAQ

  1. असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट पद के लिए कौन सी डिग्री मान्य है?
    बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार, इस पद के लिए केवल भूविज्ञान (Geology) में मास्टर डिग्री मान्य होगी।
  2. भर्ती नियम तय करने का अधिकार किसका है?
    हाईकोर्ट के अनुसार, किसी भी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करना राज्य सरकार का अधिकार है। सरकार के निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है।
  3. क्या एम.टेकडिग्री धारक असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती में शामिल हो सकते हैं?
    नहीं, हाईकोर्ट ने साफ किया है कि एम.टेक (मृदा एवं जल अभियांत्रिकी) डिग्री भूविज्ञान के बराबर नहीं मानी जाएगी। इस भर्ती में केवल Geology में मास्टर डिग्री वाले ही पात्र होंगे।

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