खैरागढ़-डोंगरगढ़ सड़क 8 साल से खस्ताहाल, पहले बीजेपी और अब कांग्रेस का चक्काजाम

Sanjeet kumar dhurwey | Jul 13, 2025, 17:40 IST
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CG Politics
Photograph: (the sootr)

खैरागढ़ जिले में स्थित डोंगरगढ़-खैरागढ़ मुख्य सड़क की हालत वर्षों से गंभीर बनी हुई है। आठ वर्षों से यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जिससे आम नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

CG News. खैरागढ़ जिले में स्थित डोंगरगढ़-खैरागढ़ मुख्य सड़क की हालत वर्षों से गंभीर बनी हुई है। आठ वर्षों से यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जिससे आम नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क पर रविवार को कांग्रेस ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का नेतृत्व डोंगरगढ़ कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने किया, जो खुद सड़क पर बैठ गईं। इस रोड के निर्माण को लेकर विभाग भी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। इधर जब कांग्रेस की सरकार थी तब पिछले कुछ सालों तक बीजेपी ने जमकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया। अब कांग्रेस इसी सड़क पर चक्काजाम कर रही है। अब यह सड़क महज राजीति का मंच बन गई है।

बारिश में सड़कों की हालत कैसी है?

खैरागढ़ जिला मुख्यालय को धर्मनगरी डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली सड़क है। यह सड़क ढारा से सिदार खपरी तक बहुत ही खस्ताहाल है। यहां गड्ढों में सड़क खोजनी पड़ती है। बरसात में इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

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मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर का कौन सा रास्ता है?

खैरागढ़ जिला मुख्यालय को धर्मनगरी डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली सड़क ढारा से सिदार खपरी तक बहुत ही खस्ताहाल है। मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सभी श्रद्धालुओं को इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है, जो परेशानी का कारण बनता है।

सड़क पर गड्ढे को लेकर पीडब्ल्यूडी ने क्या कहा?

कांग्रेस विधायक ने अनुविभागीय अधिकारी को एक पत्र लिखा और सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी की मांग की। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत है। इस सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी उसी योजना के तहत दी गई है। विभागीय पत्राचार के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरकारी कागजों में सड़क बनी रहती है, लेकिन जमीनी हकीकत में गड्ढों और धूल के ढेर के अलावा कुछ नहीं है।

5 पॉइंट में समझें पूरी खबर

खराब सड़क की स्थिति और प्रदर्शन: खैरागढ़-डोंगरगढ़ मुख्य सड़क की हालत पिछले आठ वर्षों से गंभीर बनी हुई है। इस सड़क पर कांग्रेस ने रविवार को चक्काजाम कर प्रदर्शन किया, जिसका नेतृत्व डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल ने किया। सड़क की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन और विभाग जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।

सड़क की जर्जर हालत बरसात में और भी खराब: यह सड़क ढारा से सिदार खपरी तक इतनी खस्ताहाल है कि गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ती है। बरसात में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए परेशानी: मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है, जो उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना कराता है।

पीडब्ल्यूडी का बयान: पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत है और उसकी मरम्मत जिम्मेदारी उसी योजना की है। लेकिन विभागीय पत्राचार के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

सड़क पर राजनीति और जनता की नाराजगी: सड़क अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी का मंच बन चुकी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी सरकारों के दौरान इस सड़क पर प्रदर्शन किया, लेकिन गड्ढे जस के तस बने रहे हैं। जनता का एक ही सवाल है, सड़क कब बनेगी?

सड़क पर राजनीति, जनता को फायदा नहीं

पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस सरकार में थी, तो भाजपा ने इसी सड़क पर प्रदर्शन किया था। अब भाजपा सरकार में आई है तो कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। इस सड़क के गड्ढों में राजनीतिक दलों के नारे बदलते रहे हैं। रोड के गड्ढे जस के तस बने हुए हैं।

यह सड़क अब जनता के लिए आवाजाही का मार्ग नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी और फोटो खिंचवाने का मंच बन चुकी है। सत्ता में रहते हुए फाइलें चुप रहती हैं, सड़कें टूटी रहती हैं। विपक्ष में जाते ही सड़कें याद आने लगती हैं।

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सड़क कब बनेगी?

अब जनता का एक ही सवाल है- सड़क कब बनेगी? क्या यह सड़क हमेशा राजनीतिक दलों की राजनीति का हिस्सा बनेगी, या जनता को कभी इसका सही समाधान मिलेगा? जनता ने भी इसको लेकर कई बार शिकायत की है, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।

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