वेदांता ब्लास्ट में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 पहुंची, 13 मजदूर अब भी जिंदगी और मौत के बीच
Harrison Masih | Apr 18, 2026, 17:00 IST
cg-sakti-vedanta-power-plant-blast-death-toll-23-fir-investigation
सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट में मृतकों की संख्या 23 पहुंच गई है। हादसे में 36 मजदूर झुलसे, जबकि कई का इलाज जारी है। शुरुआती जांच में प्रोडक्शन बढ़ाने की जल्दबाजी और सुरक्षा में लापरवाही सामने आई है।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे ने अब और भयावह रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में तीन और गंभीर रूप से घायल मजदूरों की मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। यह हादसा 14 अप्रैल को सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के कारण हुआ था।
रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली ने दम तोड़ दिया। वहीं रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती पश्चिम बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना, जो 80-90% तक झुलस चुके थे, की भी मौत हो गई। इस हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से अब भी 13 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट प्रबंधन सहित 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है। जांच में शुरुआती तौर पर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच के अनुसार प्रोडक्शन दोगुना करने की जल्दबाजी में बॉयलर पर अत्यधिक लोड डाला गया। चेतावनी संकेत मिलने के बावजूद काम नहीं रोका गया। मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई।
जांच में पाया गया कि बॉयलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा हो गया था, जिससे दबाव तेजी से बढ़ा। यह दबाव मात्र 1-2 सेकंड में इतना बढ़ गया कि सिस्टम को बंद करना संभव नहीं हो पाया। बॉयलर का लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। पीए फैन में बार-बार खराबी आ रही थी, अनबर्न फ्यूल से प्रेशर बना, पाइपिंग सिस्टम फेल हुआ और बैकअप सिस्टम समय पर काम नहीं कर पाया। इन सभी कारणों ने मिलकर इस विनाशकारी विस्फोट को जन्म दिया।
कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। वहीं एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने FIR की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों को FIR की कॉपी नहीं दी जा रही और पुलिस “ऊपर से आदेश” का हवाला दे रही है। उन्होंने पूछा कि यह “ऊपर” कौन है और रायपुर में किससे बात करनी होगी।
वेदांता प्लांट हादसा सिर्फ एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उत्पादन बढ़ाने की होड़ का गंभीर परिणाम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई से यह साफ होगा कि जिम्मेदारी किसकी तय होती है, लेकिन फिलहाल कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया है और कई मजदूर अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट; बॉयलर टेस्टिंग के दौरान गया था अंदर, हादसे के बाद से एक मजदूर अभी तक लापता
सक्ती पावर प्लांट हादसा ; प्राइमरी एयर फैन में खराबी ने ली 21 जानें
vedanta plant blast; बॉयलर टेस्टिंग के दौरान गया था अंदर, हादसे के बाद से एक मजदूर अभी तक लापता
वेदांता प्लांट ब्लास्ट में अब तक 19 की मौत, मृतकों के परिवार को 35 लाख, घायलों को 15 लाख देगी कंपनी
मौत का आंकड़ा बढ़ा, कई अब भी जिंदगी से जूझ रहे
लापरवाही के आरोप, FIR दर्ज
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच के अनुसार प्रोडक्शन दोगुना करने की जल्दबाजी में बॉयलर पर अत्यधिक लोड डाला गया। चेतावनी संकेत मिलने के बावजूद काम नहीं रोका गया। मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई।
हादसे की तकनीकी वजह
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
FIR पर उठे सवाल
मजिस्ट्रियल जांच में क्या होगा शामिल?
जांच में निम्न बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा:
- हादसा कब और कैसे हुआ
- जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था
- तकनीकी बनाम मानवीय कारण
- उस दिन ड्यूटी पर मौजूद मजदूरों की सूची
- प्रशासनिक निरीक्षण और पहले की खामियां
- भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के उपाय
निष्कर्ष
ये खबरें भी पढ़ें...
सक्ती पावर प्लांट हादसा ; प्राइमरी एयर फैन में खराबी ने ली 21 जानें
vedanta plant blast; बॉयलर टेस्टिंग के दौरान गया था अंदर, हादसे के बाद से एक मजदूर अभी तक लापता
वेदांता प्लांट ब्लास्ट में अब तक 19 की मौत, मृतकों के परिवार को 35 लाख, घायलों को 15 लाख देगी कंपनी
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman