नियमितीकरण को तरसे कर्मचारी, अब ‘एक हस्ताक्षर’ से दिखाएंगे ताकत
Umeshwari Baghel | Apr 11, 2026, 19:16 IST
cg-unregular-employees-signature-campaign-cm-vishnu-deo-sai
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने 10 से 30 अप्रैल तक "एक हस्ताक्षर-मुख्यमंत्री के नाम" अभियान शुरू किया है। इसके तहत अनियमित कर्मचारी अपनी मांगों को मुख्यमंत्री के ईमेल पर भेजेंगे।
Raipur : छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने 10 से 30 अप्रैल तक “एक हस्ताक्षर-मुख्यमंत्री के नाम” अभियान शुरू किया है। इसके तहत हर विभाग और कार्यालय के अनियमित कर्मचारी अपनी मांगों को लिखकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायके ईमेल पर भेजेंगे। फेडरेशन का दावा है कि यह अभियान सरकार तक कर्मचारियों की ताकत और नाराजगी दोनों पहुंचाएगा।
कर्मचारियों ने साफ कहा है कि अब आधे-अधूरे समाधान नहीं चलेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण या स्थायीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यूनतम वेतन की गारंटी, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करना और आउटसोर्सिंग-ठेका प्रथा पर रोक शामिल है। फेडरेशन ने सभी कर्मचारियों से इस अभियान में जुड़ने की अपील की है, ताकि सरकार को मजबूर किया जा सके।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे लगातार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बार-बार आवेदन देने के बावजूद समस्या जस की तस है। यही वजह है कि अब कर्मचारियों ने सीधा जनदबाव बनाने का फैसला किया है।
कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। सरकार के सवा दो साल के कार्यकाल में आउटसोर्सिंग, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और मानदेय कर्मचारियों के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं हुई। फेडरेशन का आरोप है कि जो कर्मचारी सालों से सरकारी कामकाज की रीढ़ बने हुए हैं, उन्हीं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बेरुखी ने कर्मचारियों को निराश और आहत कर दिया है।
फेडरेशन ने सरकार को उसके पुराने वादों की याद दिलाई है। कहा गया कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब नेताओं ने मंच साझा कर नियमितीकरण का भरोसा दिया था। “मोदी की गारंटी 2023” में भी कमेटी बनाकर समाधान की बात कही गई थी।
लेकिन हकीकत यह है कि बनी कमेटी में अनियमित कर्मचारियों को ही जगह नहीं मिली। इसे कर्मचारियों के साथ सीधा विश्वासघात बताया जा रहा है।
फेडरेशन का आरोप है कि वादों के उलट हालात और बिगड़े हैं। कई विभागों में छटनी जारी है, महीनों से वेतन अटका है। संविदा कर्मचारियों को तय मानदेय तक नहीं मिल रहा।
न्यूनतम वेतन में 8 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। ढाई साल में संविदा वेतन नहीं बढ़ा। श्रम सम्मान राशि भी कई जगह बंद पड़ी है। ऐसे में कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है।
नियमितीकरण की कर रहे मांग : NHM कर्मचारियों का अल्टीमेटम; 27000 संविदा कर्मियों की बैठक कल, नियमितीकरण की मांग को लेकर फिर छिड़ेगा संग्राम!
Madhya Pradesh में अब इस वर्ग ने उठा दी नियमितीकरण की मांग | सरकार पर लगाए आरोप
अनियमित कर्मचारी महासंघ : नियमितीकरण की मांग लेकर सामूहिक अवकाश पर रहे हजारों अतिथि शिक्षक
MP Atithi Shikshak | सभी 230 विधानसभाओं तक पहुंचेगी नियमितीकरण की मांग, अतिथि शिक्षक सौंप रहे ज्ञापन
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
आवेदन-निवेदन बेअसर
सरकार ने नहीं की ठोस घोषणा
विपक्ष में वादे, सत्ता में खामोशी
लेकिन हकीकत यह है कि बनी कमेटी में अनियमित कर्मचारियों को ही जगह नहीं मिली। इसे कर्मचारियों के साथ सीधा विश्वासघात बताया जा रहा है।
वादों के उलट हालात बिगड़े
न्यूनतम वेतन में 8 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। ढाई साल में संविदा वेतन नहीं बढ़ा। श्रम सम्मान राशि भी कई जगह बंद पड़ी है। ऐसे में कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है।
यह खबरें भी पढ़े...
Madhya Pradesh में अब इस वर्ग ने उठा दी नियमितीकरण की मांग | सरकार पर लगाए आरोप
अनियमित कर्मचारी महासंघ : नियमितीकरण की मांग लेकर सामूहिक अवकाश पर रहे हजारों अतिथि शिक्षक
MP Atithi Shikshak | सभी 230 विधानसभाओं तक पहुंचेगी नियमितीकरण की मांग, अतिथि शिक्षक सौंप रहे ज्ञापन
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari