छत्तीसगढ़ में मंत्रालय से फील्ड तक पौने दो सौ अफसर इधर से उधर, जमीन विवाद में उलझे प्रभारी मंत्री केदार कश्यप

Arun Tiwari | Oct 03, 2026, 17:23 IST
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छत्तीसगढ़ की चिट्ठी
छत्तीसगढ़ की चिट्ठी

छत्तीसगढ़ में सप्ताह भर अफसरों के तबादलों का जोर रहा। रायपुर से बस्तर तक अपर कलेक्टर इधर से उधर हुए तो मंत्रालय में भी अधिकारियों की पोस्टिंग में बदलाव हुआ। वहीं नायब तहसीलदारों को प्रमोट कर तहसीलदार बनाया गया। वहीं वन मंत्री केदार कश्यप को कांग्रेस ने जमीन विवाद में उलझा दिया। उन पर कौड़ियों की जमीन को करोड़ों की जमीन में बदलने का आरोप लगा।

कोल लेवी केस में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर ईओडब्ल्यू ने शिकंजा कसा है। उनको पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। 11 महीने में ही तीन सौ करोड़ की विधानसभा भरभराने लगी है। तीन महीने में दो बार नई बिल्डिंग की फॉल सीलिंग गिर चुकी है। एक बार तो कर्मचारी बाल बाल बचा है। प्रदेश की सप्ताह भर की प्रमुख खबरों के लिए पढ़िए छत्तीसगढ़ की चिट्ठी।

पौने दो सौ अफसर इधर से उधर :

छत्तीसगढ़ मंत्रालय में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर 38 अनुभाग अधिकारियों की नई पदस्थापना और प्रभार तय किया है। इनमें 36 अधिकारियों को नए विभागों में भेजा गया है, जबकि 2 अधिकारियों को उनके मौजूदा विभाग में ही रखा गया है।

यानी मंत्रालय में एक साथ बड़ी संख्या में अनुभाग अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल दी गई हैं। नई सूची में गृह, वित्त, राजस्व, वन, शिक्षा, जल संसाधन, वाणिज्य एवं उद्योग, चिकित्सा शिक्षा समेत कई अहम विभाग शामिल हैं। उधर 125 डिप्टी कलेक्टरों का तबादला किया गया है। रायपुर से बस्तर तक प्रशासनिक चेहरे बदले गए हैं। अपर कलेक्टरों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है।

आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इनमें वरिष्ठ प्रवर श्रेणी से लेकर प्रवर, वरिष्ठ और कनिष्ठ श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं और अधिकारियों को नई जगह तत्काल ज्वाइन करने को कहा गया है।

तबादले में कई जिलों के अपर कलेक्टरों की कुर्सी बदली गई है। वहीं 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार बना दिया है। इन अफसरों को पदोन्नति के साथ नई जगह भी भेजा गया है। यानी प्रमोशन के साथ ही कई अफसरों का जिला और कामकाज का ठिकाना भी बदल गया है।

वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी को 20 करोड़ का प्लॉट देने का आरोप, RDA की नगर विकास योजना पर सवाल
29 Sept 2026 ,
By Arun Tiwari
रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की नगर विकास योजना में भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में ऐसा भूखंड दिया जा रहा है, जिसकी संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हो सकती है।
रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की नगर विकास योजना में भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में ऐसा भूखंड दिया जा रहा है, जिसकी संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हो सकती है।

केदार कश्यप की पत्नी पर आरोप :

रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की नगर विकास योजना में भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में ऐसा भूखंड दिया जा रहा है, जिसकी संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हो सकती है।

उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर योजना निरस्त करने और भूखंडों के पुनर्गठन व आवंटन की जांच कराने की मांग की है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक संबंधित कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिए जाने का प्रस्ताव है। इसका क्षेत्रफल 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट बताया गया है। उनका दावा है कि यह भूखंड प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास स्थित है।

सड़क बनने के बाद इस क्षेत्र में जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट तक पहुंच सकती है। इसी आधार पर प्लॉट की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए है। वहीं केदार कश्यप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह सब नियमों के मुताबिक हुआ है। बीजेपी ने भी कांग्रेस के नेताओं के नाम बताए जिनको इस योजना के तहत फायदा हुआ है।

फिर गिरी विधानसभा की फॉल सीलिंग :

तीन सौ करोड़ से ज्यादा में बनी छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई नवेली इमारत को साल भर भी नहीं हुआ और उसकी छत दरकने लगी है। पिछले तीन महीने में दो बार विधानसभा की फॉल सीलिंग गिर चुकी है। विधानसभा की फॉल सीलिंग जुलाई में गिरी थी और अब दो दिन पहले ही यह घटना हो गई। नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में मंगलवार को फॉल्स सीलिंग गिरने से एक कर्मचारी घायल हो गया।

हादसा विधानसभा भवन के भूतल स्थित बी-7 कक्ष में हुआ। अचानक फॉल्स सीलिंग का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारी को तत्काल विधानसभा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। हादसे के बाद कमरे में फॉल्स सीलिंग के पैनल और उसके मलबे का बड़ा हिस्सा फर्श पर बिखरा नजर आया।

छत के जिस हिस्से से सीलिंग गिरी, वहां भी नुकसान हुआ है। जिस कमरे में कर्मचारी नियमित रूप से काम करते हैं, वहां अचानक भारी हिस्सा गिरने की घटना ने भवन की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कॉकरोच पार्टी के युवाओं को बताया नालायक निकम्मे तिलचट्टे :

बीजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर कॉकरोचों को छेड़ दिया है। दीप कमल के सितंबर के अंक को पीएम मोदी विशेषांक के रुप में छापा गया है। संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणों का बखान किया गया है। मोदी के गुणों के वर्णन में रामचरित मानस की एक चौंपाई भी लिखी गई है। मोदी की तारीफ में दिल्ली में कॉकरोच पार्टी की अगुवाई में हुए जेनजी के आंदोलन का भी इशारों में जिक्र कर दिया है।

संपादकीय में लिखा गया है कि नालायक,निकम्मे तिलचट्टों के प्रति भी मोदी ने सदाशयता दिखाई है। राहुल गांधी को लिजलिजा और पिलपिता बताया है। छत्तीसगढ़ में छपी इस पत्रिका के संपादक पंकज झा हैं जो मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार भी हैं। यह संपादकीय उन्होंने ही लिखा है। हाल ही में दिल्ली में हुए कॉकरोच पार्टी और जेनजी के आंदोलन ने पीएम मोदी समेत पूरी बीजेपी की नाक में दम कर दिया था।

आंदोलन तब खत्म हुआ जब केंद्रीय मंत्रिमंडल से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। इसके बाद देश ने जेनजी की ताकत को पहचाना और उनको महत्व देना शुरु किया। इसमें सबसे पहले बीजेपी सामने आई। मोदी के प्रति युवाओं अपशब्द भी कहे। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सबको माफ कर दिया। बीजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर मोदी की तारीफ करते हुए इस प्रसंग को छेड़ दिया है।

कॉकरोच पार्टी के लोगों का नाम लिए बिना इशारों में संपादकीय में लिखा गया है कि नालायक,निकम्मे तिलचट्टों के प्रति मोदी ने सदाशयता दिखाई है। जाहिर तौर पर यह साफ समझा जा सकता है कि एक जज की टिप्पणी से जिनको कॉकरोच नाम मिला उनको बीजेपी की पत्रिका ने तिलचट्टा बना दिया और उपर से उनको नालायक और निकम्मा भी कह दिया। यह वही तिलचट्टे हैं जिन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार को झुका दिया था।

कॉकरोच पार्टी के लोगों पर बीजेपी का तंज, दीप कमल में लिखा नालायक निकम्मे तिलचट्टे, राहुल को बताया पिलपिला
02 Oct 2026 ,
By Arun Tiwari
बजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर कॉकरोचों को छेड़ दिया है। दीप कमल के सितंबर के अंक को पीएम मोदी विशेषांक के रुप में छापा गया है। संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणों का बखान किया गया है। मोदी के गुणों के वर्णन में रामचरित मानस की एक चौंपाई भी लिखी गई है।
बजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर कॉकरोचों को छेड़ दिया है। दीप कमल के सितंबर के अंक को पीएम मोदी विशेषांक के रुप में छापा गया है। संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणों का बखान किया गया है। मोदी के गुणों के वर्णन में रामचरित मानस की एक चौंपाई भी लिखी गई है।

आईएफएस अफसर की पत्नी ने लगाए प्रताड़ना के आरोप :

छत्तीसगढ़ के एक अफसर और उनकी पत्नी का पारिवारिक विवाद अब सार्वजनिक हो गया है। वैसे तो यह मामला निजी है लेकिन अफसर की पत्नी ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर इसे सार्वजनिक कर दिया है। यह विवाद है आईएफएस अफसर पंकज राजपूत और उनकी पत्नी अदिति सिंह के बीच का। अदिति सिंह ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा बताने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनको ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित कर रहे है।

यह आरोप पति समेत सास,ससुर और ननद पर भी लगाया गया है। 2014 बैच के आईएफएस अधिकारी पंकज सिंह राजपूत से जुड़े पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। उनकी पत्नी अदिति सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया है कि लखनऊ की फैमिली कोर्ट में मामले का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी अदालती आदेशों को अमल में लाने के लिए उन्हें लगातार प्रयास करने पड़े।

उनका आरोप है कि कई स्तरों पर गुहार लगाने के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने का फैसला किया। वीडियो संदेश में अदिति सिंह ने अपने पति पर लगातार अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके साथ ही नहीं बल्कि उनके नाबालिग पुत्र के प्रति भी इसी तरह का व्यवहार किया जाता है। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक स्तर पर प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया है। आईएफएस पंकज राजपूत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दुर्भाग्यजनक बताया है।

पंकज ने कहा कि यह एक निजी पारिवारिक मामला है जो पांच साल से कोर्ट में है। सारी बातें कोर्ट के सामने है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस निजी मसले को सार्वजनिक किया गया। यह न सिर्फ अनैतिक है बल्कि असंवैधानिक भी है। वे एक जिम्मेदार पिता हैं और अपने दायित्वों को भली भांति समझते हैं और उनको पूरा भी कर रहे हैं। वीडियो जारी कर इस तरह का मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए था। अदिति खुद आत्म निर्भर,आर्थिक रुप से संपन्न हैं उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं हैं। लेकिन वीडियो जारी कर नितांत निजी मामले को सार्वजनिक करना आपत्तिजनक है।

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: देवेंद्र यादव को ईओडब्ल्यू का नोटिस, सीक्रेट डायरी में आया था नाम
02 Oct 2026 ,
By Harrison Masih
कोल लेवी घोटाला मामले में विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस मिला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें 5 अक्टूबर को पेश होने को कहा है। समय सुबह 10.30 बजे और जगह रायपुर विशेष अदालत है। मामला करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली का है। यादव ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जांच पूरी कर एजेंसी आरोप पत्र पेश करेगी।
कोल लेवी घोटाला मामले में विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस मिला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें 5 अक्टूबर को पेश होने को कहा है। समय सुबह 10.30 बजे और जगह रायपुर विशेष अदालत है। मामला करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली का है। यादव ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जांच पूरी कर एजेंसी आरोप पत्र पेश करेगी।

कोल लेवी केस में विधायक देवेंद्र यादव पर शिकंजा :

छत्तीसगढ़ में हुए कोल लेवी मामले में ईओडब्ल्यू ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर शिकंजा कसना शुरु किया है। छत्तीसढ़ में हुए 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने नोटिस जारी किया है। उन्हें 5 अक्टूबर को रायपुर की विशेष अदालत में पेश होने को कहा गया है। इससे पहले ईओडब्ल्यू देवेंद्र यादव से लंबी पूछताछ कर चुकी है।
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