छत्तीसगढ़ में उजाला ग्राम संगठन की दीदियों के साथ धोखा, गिफ्ट हैंपर बनाए, भुगतान अटका
Krishna Kumar Sikander | Aug 15, 2025, 13:53 IST
Cheating with the sisters of Ujala Gram Sangathan in Chhattisgarh the sootr
छत्तीसगढ़ में उजाला ग्राम संगठन की महिलाएं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की लापरवाही से परेशान हैं। 2022 की दीपावली के लिए उन्हें मौखिक आदेश पर 5,000 गिफ्ट हैंपर बनाने का काम मिला था, जो मुख्यमंत्री निवास के लिए तैयार किए गए थे।
छत्तीसगढ़ में उजाला ग्राम संगठन की महिलाएं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही हैं। 2022 की दीपावली पर छेरीखेड़ी मल्टी यूटिलिटी सेंटर को मुख्यमंत्री निवास के लिए 5,000 गिफ्ट हैंपर तैयार करने का मौखिक आदेश मिला था।
उजाला ग्राम समूह ने मेहनत से यह काम पूरा किया, और गिफ्ट हैंपर दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के नेताओं व अधिकारियों को बांटे गए। लेकिन इन मेहनती दीदियों का 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान आज तक नहीं हुआ।
ये खबर भी पढ़ें... वेलकम डिस्टलरी पर जल संसाधन विभाग का सवा करोड़ का सरचार्ज, 90 करोड़ के करीब पहुंचा बकाया
उजाला ग्राम समूह की अध्यक्ष मोहनी डहरिया, सचिव परमेश्वरी पाल, कोषाध्यक्ष श्वेता जांगड़े, विजय लक्ष्मी, दामिनी विश्वकर्मा और अन्य सदस्यों ने बताया कि अक्टूबर 2022 में मिशन संचालक एसएलआरएम कार्यालय से 5,000 गिफ्ट हैंपर (2,000, 3,000 और 5,000 रुपये कीमत के) तैयार करने का आदेश मिला।
इतने बड़े ऑर्डर के लिए समूह के पास पर्याप्त धन नहीं था। फिर भी, मुख्यमंत्री निवास से जुड़े होने के कारण उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया। समूह ने क्लस्टर से 35 लाख और बैंक ऑफ बड़ौदा से 10 लाख रुपये का लोन लिया, साथ ही दुकानों से उधार सामग्री खरीदी।
ये खबर भी पढ़ें... विधानसभा में हंगामा : वाहनों के बकाया टैक्स पर 4 गुना पेनाल्टी का प्रस्ताव, कांग्रेस ने जताया विरोध!
हैंपर में नारियल तेल, मिलेट लड्डू, मुनगा पाउडर, हर्बल चाय, कुकीज, साबुन, शहद, आचार, छत्तीसगढ़ी व्यंजन, अपराजिता के फूल और गोबर के दीये जैसी स्थानीय और पारंपरिक सामग्रियां शामिल थीं। लेकिन सप्लाई के बाद भुगतान के लिए दीदियों को मंत्रालय और एमडी कार्यालय के चक्कर काटने पड़े।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ रेरा का अहम फैसला, रखरखाव शुल्क और विकास लागत का भुगतान करे आबंटी
भुगतान न मिलने से समूह को क्लस्टर ने ‘करप्ट’ घोषित कर कर्ज देना बंद कर दिया। बैंक ऑफ बड़ौदा हर माह समूह के खाते से 8,000 रुपये की किश्त काट लेता है, और पेमेंट में देरी होने पर अतिरिक्त शुल्क भी लगता है। दीदियां धीरे-धीरे लोन चुका रही हैं, लेकिन भारी आर्थिक बोझ तले दब रही हैं।
ये खबर भी पढ़ें... किडनी पीड़ितों के नाम पर स्वास्थ्य विभाग का खेल, बिना निविदा 10 लाख का भुगतान
2023 में विधानसभा चुनाव हुए तो प्रदेश में सरकार बदल गई। कांग्रेस की जगह भाजपा सरकार बन गई। इतना नहीं तीन मिशन संचालक भी बदल गए। पहले तो दीदीयां सप्लाई के बाद छह महीने तक भुगतान स्वत: हो जाने की प्रतिक्षा करती रहीं, क्योंकि उनको भरोसा था कि मुख्यमंत्री कार्यालय का आदेश है और सरकारी काम है।
जब भुगतान नहीं हुआ तो मिशन संचालक के कार्यालय पहुंची तो केवल आश्वासन दिया जाता रहा और भुगतान का मामला जस का तस रहा। तत्कालीन मिशन संचालक अवनीश शरण ने कहा कि मामला पुराना है और उन्हें ठीक से याद नहीं। वर्तमान मिशन संचालक जयश्री जैन ने भी जानकारी न होने की बात कहते हुए जांच का आश्वासन दिया।
अब हाल यह हो गया है कि उजाला ग्राम संगठन की दीदियां सरकार और प्रशासन मात्र मेहनताने की मांग कर रही हैं। इसके बावजूद मिशन संचालक जांच के बाद भुगतान की बात कर फिर आश्वासन को लॉलीपाॅप थमा दिया है। यह मामला सरकार के बाबुओं की लापरवाही और गैरजवाबदेही की ओर इशारा करता है। बाबुओं की लापरवाही और गैरजवाबदेही ने मेहनती महिलाओं को आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार भुगतान | 1.20 करोड़ का भुगतान | महिला स्व-सहायता समूह
उजाला ग्राम समूह ने मेहनत से यह काम पूरा किया, और गिफ्ट हैंपर दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के नेताओं व अधिकारियों को बांटे गए। लेकिन इन मेहनती दीदियों का 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान आज तक नहीं हुआ।
ये खबर भी पढ़ें... वेलकम डिस्टलरी पर जल संसाधन विभाग का सवा करोड़ का सरचार्ज, 90 करोड़ के करीब पहुंचा बकाया
लोन लेकर तैयार किए थे हैंपर
इतने बड़े ऑर्डर के लिए समूह के पास पर्याप्त धन नहीं था। फिर भी, मुख्यमंत्री निवास से जुड़े होने के कारण उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया। समूह ने क्लस्टर से 35 लाख और बैंक ऑफ बड़ौदा से 10 लाख रुपये का लोन लिया, साथ ही दुकानों से उधार सामग्री खरीदी।
ये खबर भी पढ़ें... विधानसभा में हंगामा : वाहनों के बकाया टैक्स पर 4 गुना पेनाल्टी का प्रस्ताव, कांग्रेस ने जताया विरोध!
गिफ्ट हैंपर में थीं छत्तीसगढ़ी विशेषताएं
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ रेरा का अहम फैसला, रखरखाव शुल्क और विकास लागत का भुगतान करे आबंटी
बैंक लोन और आर्थिक संकट
ये खबर भी पढ़ें... किडनी पीड़ितों के नाम पर स्वास्थ्य विभाग का खेल, बिना निविदा 10 लाख का भुगतान
सरकार बदली, भुगतान अटका
जब भुगतान नहीं हुआ तो मिशन संचालक के कार्यालय पहुंची तो केवल आश्वासन दिया जाता रहा और भुगतान का मामला जस का तस रहा। तत्कालीन मिशन संचालक अवनीश शरण ने कहा कि मामला पुराना है और उन्हें ठीक से याद नहीं। वर्तमान मिशन संचालक जयश्री जैन ने भी जानकारी न होने की बात कहते हुए जांच का आश्वासन दिया।
दीदियों को न्याय और भुगतान का इंतजार
FAQ
- उजाला ग्राम संगठन को 5,000 गिफ्ट हैंपर तैयार करने का आदेश कब और किसके लिए मिला था?
उजाला ग्राम संगठन को दीपावली 2022 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के लिए 5,000 गिफ्ट हैंपर तैयार करने का मौखिक आदेश मिला था। यह आदेश मिशन संचालक एसएलआरएम कार्यालय से आया था। - हैंपर बनाने के लिए उजाला ग्राम समूह ने कैसे प्रबंध किया और भुगतान न होने से क्या असर पड़ा?
समूह ने 35 लाख रुपये क्लस्टर से और 10 लाख रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन लेकर हैंपर तैयार किए, साथ ही दुकानों से उधार भी लिया। भुगतान न मिलने के कारण समूह करप्ट घोषित हुआ, लोन चुकाने में परेशानी हुई और दीदियां भारी आर्थिक संकट में आ गईं। - इस भुगतान प्रकरण पर वर्तमान और पूर्व मिशन संचालकों की क्या प्रतिक्रिया रही है?
पूर्व मिशन संचालक अवनीश शरण ने कहा कि मामला पुराना है और उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं है। वर्तमान मिशन संचालक जयश्री जैन ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया और जांच का आश्वासन दिया है।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार भुगतान | 1.20 करोड़ का भुगतान | महिला स्व-सहायता समूह
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari