Chhattisgar : शिक्षा विभाग में ट्रांसफर की फाइलें लापता
Marut raj | Mar 18, 2024, 22:59 IST
Chhattisgar Transfer files missing in education department द सूत्र the sootr
क्या आपने कभी सुना है कि किसी विभाग के मंत्री के ऑफिस से निकली फाइल रास्ते में लापता हो जाए। विभाग में किसी को पता ही न हो कि फाइलें गईं कहां? जी हां, यह सच है और यह सब हुआ है छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में। आइए, आपको बताते हैं कि क्या है पूरा मामला।
रायपुर.छत्तीसगढ़ ( Chhattisgar ) के शिक्षा विभाग में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। हुआ ये है किशिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों के ट्रांसफर वाले प्रस्ताव की फाइल ही गुम हो गई हैं। जी हां, गुम मतलब कि फाइलें कहां हैं, इसका किसी को कुछ पता ही नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा तो ये भी किया जा रहा है कि इस मामले को विभागीय मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बेहद गंभीरता से ले लिया है।
शिक्षा विभाग ( education department ) में ट्रांसफर के बड़ी संख्या में प्रस्तावा आए थे। इनमें से तकरीबन 670 प्रस्ताव को मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अनुमोदित कर दिया था। अलग-अलग समय में फाइलें तैयार की गईं थीं। इन्हें मंत्री के ऑफिस से प्रभारी सचिव को भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि 14 मार्च को यह फाइलें सचिव के यहां से समन्वय में अनुमोदन के लिए रवाना हो गईं। इनमें करीब 400 नाम थे। इनमें प्रतिनियुक्ति के 45, बीईओ के 167, डीएमसी के 40 और व्याख्याता के 270 से अधिक नाम थे। यह वे प्रस्ताव हैं, जो समन्वय के लिए सीएम सचिवालय गए पर उसके बाद इनका पता नहीं चला।
अब सभी ने चुप्पी साधी
बताया जा रहा है कि इसके अतिरिक्त कुछ फाइलें सचिव के यहां से समन्वय के लिए आगे गई ही नहीं, लेकिन इसकी कोई पुष्टि या खंडन नहीं कर रहा है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि शिक्षामंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर अमलों का स्टेटस पता किया जा रहा है।
फाइलें गायब होने का सफर
शिक्षा विभाग ( education department ) में ट्रांसफर के बड़ी संख्या में प्रस्तावा आए थे। इनमें से तकरीबन 670 प्रस्ताव को मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अनुमोदित कर दिया था। अलग-अलग समय में फाइलें तैयार की गईं थीं। इन्हें मंत्री के ऑफिस से प्रभारी सचिव को भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि 14 मार्च को यह फाइलें सचिव के यहां से समन्वय में अनुमोदन के लिए रवाना हो गईं। इनमें करीब 400 नाम थे। इनमें प्रतिनियुक्ति के 45, बीईओ के 167, डीएमसी के 40 और व्याख्याता के 270 से अधिक नाम थे। यह वे प्रस्ताव हैं, जो समन्वय के लिए सीएम सचिवालय गए पर उसके बाद इनका पता नहीं चला।
अब सभी ने चुप्पी साधी
बताया जा रहा है कि इसके अतिरिक्त कुछ फाइलें सचिव के यहां से समन्वय के लिए आगे गई ही नहीं, लेकिन इसकी कोई पुष्टि या खंडन नहीं कर रहा है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि शिक्षामंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर अमलों का स्टेटस पता किया जा रहा है।
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