/sootr/media/media_files/2026/02/24/chhattisgarh-anwar-dhebar-arrested-csmcl-overtime-scam-eow-acb-2026-02-24-00-05-04.jpg)
Photograph: (the sootr)
RAIPUR. छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले के मामले में EOW-ACB ने आरोपी अनवर ढेबर को को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले के आधार पर की गई है। आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
ED की सूचना से खुला मामला, 28.80 लाख नकद जब्ती
मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा नवंबर 2023 को की गई कार्रवाई से हुई। ED अधिकारियों ने तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे और इसकी सूचना राज्य शासन को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी थी। इसी आधार पर EOW-ACB ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और बिल भुगतान की कड़ियों को खंगाला गया।
यह खबरें भी पढ़ें..
छत्तीसगढ़ की ब्यूटिशियन से भोपाल सहित तीन शहरों में हुआ रेप, धर्म परिवर्तन के लिए बनाया दबाव
छत्तीसगढ़ बजट में किसे मिलेगा खजाने का हिस्सा और किसे इंतजार?
ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड़ से अधिक भुगतान
विवेचना में सामने आया कि एक्साइज विभाग से जुड़ी सरकारी कंपनी CSMCL यानी छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केंटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड में वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त ड्यूटी के एवज में दी जानी थी।
यह भुगतान प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से किया जाता था, ताकि एजेंसियां कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान मिले। बिलों में दर्शाए गए ओवरटाइम का पैसा सीधे एजेंसियों को जारी की जाती थी।
कर्मचारियों के पैसे से कमीशन का बंटवारा
जांच एजेंसी के अनुसार असली में यह राशि कर्मचारियों तक नहीं पहुंची। आरोप है कि एजेंसियों के माध्यम से यह पैसा कथित रूप से अवैध कमीशन के रूप में निकाला और आपस मे बांट लिया गया। यानी शासन के आबकारी राजस्व से ओवरटाइम के नाम पर राशि निकालकर उसे कर्मचारियों को दिए बिना अनधिकृत लाभ के रूप में बांट दिया गया।
EOW का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया से शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई। दस्तावेजों, बैंकिंग ट्रेल और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर यह पाया गया कि कमीशन की यह राशि अंततः अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी।
अनवर ढेबर तक पहुंचता था कथित कमीशन
जांच में यह पुष्टि का दावा किया गया है कि एजेंसियों के जरिए निकाली गई रकम का एक हिस्सा आरोपी तक पहुंचाया जाता था। एजेंसी अब रिमांड अवधि में इस नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्य, बैंक खातों का रिकॉर्ड और जब्त दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रकरण में आगे और गिरफ्तारियां भी संभव बताई जा रही हैं।
पुराने मामलों में भी चर्चा में रहे अनवर ढेबर
यह पहला मौका नहीं है जब अनवर ढेबर जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दायरे में आए हों। इससे पहले वे कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में भी प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। उन मामलों में भी आबकारी नीति, कमीशनखोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगे थे।
पूर्व में हुई पूछताछ और गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मचाई थी। अब CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तारी ने एक बार फिर ढेबर की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह खबरें भी पढ़ें..
अनुपूरक बजट पर सियासत, कर्ज और किसानों पर घमासान, विपक्ष ने सरकार को घेरा
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
EOW-ACB का कहना है कि प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर भुगतान की पूरी श्रृंखला, एजेंसियों की भूमिका और संभावित लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us