/sootr/media/media_files/2026/01/25/chhattisgarh-bharatmala-project-compensation-scam-eow-challan-2026-01-25-15-10-12.jpg)
News In Short
- छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाले में पटवारियों के खिलाफ चालान पेश हुआ है।
- आरोप है कि पटवारियों ने सरकारी भूमि को निजी दिखाकर गलत मुआवजा दिलवाया।
- आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
- EOW ने 29 अक्टूबर 2025 को आरोपी पटवारियों को गिरफ्तार किया था।
- भारत माला परियोजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है।
News In Detail
भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण हो रहा था। इस दौरान कुछ पटवारियों ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर घोटाला किया। आरोप है कि इन पटवारियों ने सरकारी जमीन को निजी बताकर मुआवजा दिलवाया। निजी जमीन पर गलत तरीके से मुआवजा तय किया। इसके अलावा, बैकडेट में खाता बंटवारा और नामांतरण के फर्जी दस्तावेज भी बनाए गए।
EOW के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 12 और भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 471, 420 और 120-बी के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। अब 24 जनवरी 2026 को इन आरोपियों के खिलाफ पहला पूरक चालान कोर्ट में पेश किया गया है।
| पटवारी नाम | हल्का नंबर | ग्राम | भूमिका और दुरुपयोग | शासन को नुकसान |
|---|---|---|---|---|
| दिनेश पटेल | 49 | नायकबांधा | खाता दुरुस्ती और आपत्ति निराकरण में पद का दुरुपयोग, फर्जी उपखंडों में अधिग्रहित जमीन बांटी | 30 करोड़ 82 लाख14 हजार 868 |
| लेखराम देवांगन | 24 | टोकरो | मूल खसरों को कृत्रिम उपखंड दिखाकर ज्यादा मुआवजा भुगतान, भुगतान प्रतिवेदन में गड़बड़ी | 7 करोड़16 लाख 14 26 हजार 925 |
| बसंती घृतलहरे | - | भेलवाडीह | अवार्ड के समय मूल खसरों को फर्जी उपखंडों में बांटा, अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई | 1 करोड़ 67 लाख 47 हजार 464 |
जांच करने पर 3 मामले सामने आए
| क्रमांक | घटना | विवरण | नुकसान |
|---|---|---|---|
| 1 | ग्राम नायकबांधा, ठोकरी और उरला में फर्जी बंटवारा और नामांतरण | राजस्व अधिकारी और दलालों की मिलीभगत से बैक डेट में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन का बंटवारा व नामांतरण कराकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया। | 28 करोड़ रुपए |
| 2 | नायकबांधा जलाशय भूमि का दोबारा मुआवजा | पहले से अधिग्रहित भूमि के लिए अनुचित रूप से 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का दोहरा मुआवजा भुगतान किया गया। | 2 करोड़ रुपए |
| 3 | उमा तिवारी के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से मुआवजा प्राप्ति | फर्जी नामांतरण के जरिए मुआवजा हासिल किया गया। | 2 करोड़ रुपए |
ये है भारतमाला प्रोजेक्ट
भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक बड़ी सड़क योजना है। इसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर लंबा आर्थिक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। ये कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़े होंगे। योजना है कि देश के ज्यादातर माल वाहनों को इन मार्गों से ही भेजा जाएगा। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।
ये खबरें भी पढ़िए...
CGMSC घोटाला: डायसिस इंडिया का मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा गिरफ्तार, पुलिस ने रिमांड पर लिया
छत्तीसगढ़ शासन में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, तीन IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां
छत्तीसगढ़ में कमिश्नर प्रणाली पर असमंजस, बढ़ेगा या सीमित रहेगा दायरा,कैबिनेट में नहीं हुई चर्चा
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us