छत्तीसगढ़ में डायल 112 टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल, सेवा मिलने में समस्या, नए टेंडर में मनमानी पड़ सकती है भारी

VINAY VERMA | Nov 07, 2025, 19:45 IST
Share
Chattishgarh 112 Essue
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ में डायल 112 सेवा का आपातकालीन सहायता प्रदान करती है। इस सेवा में कॉल कनेक्टिविटी और एंबुलेंस की उपलब्धता में समस्याएं आ रही हैं। नए टेंडर प्रक्रिया में बदलावों ने इसके संचालन में सुधार के बजाय नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

RAIPUR.छत्तीसगढ़ की आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 को लेकर लोगों को बड़ी समस्या है। कभी कॉल नहीं लगता तो कई बार समय पर वाहन नहीं मिल पाता है। ऐसे में लोगों को निजी एंबुलेेस का सहारा लेना पड़ता है। इस सेवा का संचालन छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग को लोगों की समस्या से लेना देना नहीं।

इसीलिए जारी नए टेंडर प्रक्रिया पर में भी वहीं शर्ते दोहराई जा रहीं जिनसे समस्या है। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर यह भी आरोप है कि इस बार आरएफपी यानी रिकवेस्ट फॉर प्रपोजल की पात्रता शर्तों में ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे किसी विशेष कंपनी को अनुचित लाभ मिल सके।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी! 11 से 20 नवंबर तक प्लेसमेंट कैंप का आयोजन, 500 पदों होगी भर्ती

25 साल में लिखी इबारत; शिक्षा में बदलाव की मिसाल बना छत्तीसगढ़, अब डिजिटल एजुकेशन की तरफ बढ़े कदम

अनुभव मानक में बदलाव

पिछले टेंडर में बोलीदाताओं के लिए यह आवश्यक था कि कंपनी को कॉल सेंटर और एंबुलेंस संचालन का पिछले पांच वित्तीय वर्षों अनुभव हो। लेकिन वर्तमान आरएफपी में इस मानक को घटाकर केवल पिछले तीन वित्तीय वर्षों का अनुभव कर दिया गया है।

इस परिवर्तन से कई पुरानी और अनुभवी कंपनियां स्वतः ही पात्रता सूची से बाहर हो गई हैं, जबकि नई और कम अनुभवी कंपनियों के लिए रास्ता आसान हो गया है।

फ्लीट सेवा में भी ढिलाई, सुरक्षा पर खतरा

सबसे बड़ी चिंता डायल 112 की फ्लीट सेवा पात्रता शर्तों में की गई ढिलाई को लेकर है। नई आरएफपी में अब किसी भी सामान्य फ्लीट ऑपरेटर को भाग लेने की अनुमति दी गई है, जबकि यह सेवा आपातकालीन सेवा संचालन से जुड़ी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सेवाओं के लिए केवल उन्हीं कंपनियों को अनुमति मिलनी चाहिए जिनके पास पुलिस वाहन संचालन या इमरजेंसी फ्लीट प्रबंधन का अनुभव हो।

यह खबरें भी पढ़ें...

ई-पंजीयन से आसान हुई रजिस्ट्री, छत्तीसगढ़ में घर बैठे मिल रही संपत्ति पंजीकरण की सुविधा

सरकारी नौकरी: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 133 पदों पर निकली वैकेंसी, 25 नंवबर लास्ट डेट

आईटी कार्य में भी पारदर्शिता पर सवाल

यह अनुबंध लगभग ₹117 करोड़ का है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह कार्य तकनीकी योग्यता के आधार पर खुली बोली प्रक्रिया से दिया गया होता, तो अधिक अनुभवी और प्रतिस्पर्धी कंपनियां भाग ले सकती थीं। वर्तमान में सी-डैक द्वारा संचालित सॉफ़्टवेयर में गंभीर तकनीकी खामियां पाई जा रही हैं।

कई कॉलें ठीक से कनेक्ट नहीं हो पा रही हैं, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि विभाग ने इन तकनीकी समस्याओं का न तो पूर्व परीक्षण किया और न ही किसी स्वतंत्र एजेंसी से मूल्यांकन कराया।

विशेषज्ञों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में डायल 112 में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। पात्रता शर्तों में किए गए बदलाव, अनुभव मानदंडों की ढिलाई, नामांकन कार्य से संदेह बढ़ रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि किसी विशेष कंपनी को लाभ देने के लिए हेरफेर किया गया है।

राज्य की सबसे अहम आपातकालीन सेवा के संचालन में इस तरह की गड़बड़ियाँ न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि जन सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • डायल 112
  • टेंडर प्रक्रिया
  • आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती