छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, 22 आबकारी अफसरों की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- सरेंडर करें
Krishna Kumar Sikander | Aug 19, 2025, 12:30 IST
Chhattisgarh liquor scam the sootr
हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि इतने बड़े घोटाले में आरोपियों को संरक्षण नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने उन्हें निचली अदालत में सरेंडर करने और वहीं से जमानत के लिए आवेदन करने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में 22 आबकारी अधिकारियों को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए सख्त रुख अपनाया। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि इतने बड़े घोटाले में आरोपियों को संरक्षण नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने सलाह दी कि आरोपी निचली अदालत में सरेंडर करें और वहां से जमानत के लिए आवेदन करें। इस फैसले से अधिकारियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 14 दिन और बढ़ी
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि ओवर बिलिंग, नकली बारकोड और डमी कंपनियों के माध्यम से अवैध वसूली की गई। यह सब आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ। शराब दुकानों को सरकारी रिकॉर्ड में खपत दर्ज न करने के निर्देश थे, और बिना टैक्स चुकाए डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब सप्लाई होती थी। जांच के मुताबिक, फरवरी 2019 से शुरू हुए इस घोटाले में तीन साल में 60 लाख से अधिक शराब की पेटियां अवैध रूप से बेची गईं। शुरुआत में 200 ट्रक (800 पेटी प्रति ट्रक) प्रतिमाह सप्लाई होती थी। जब कोई विवाद नहीं हुआ तो इनलोगों ने 400 ट्रक तक सप्लाई कर दी। इतना ही नहीं प्रति पेटी की कीमत भी 2,840 से बढ़कर 3,880 रुपये कर दी गई।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला के आरोपी चैतन्य बघेल को बुखार, हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को दी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की हिदायत
EOW ने 22 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इन सभी को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि वे एक संगठित सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिसके जरिए 88 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की गई। कोर्ट ने पहले ही इन अधिकारियों को 20 अगस्त तक पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाओं में अधिकारियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए फंसाने का आरोप लगाया और कुछ ने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की भूपेश बघेल और चैतन्य की याचिका
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: हाईकोर्ट ने खारिज की अनवर ढेबर की याचिका,गिरफ्तारी को दी थी चुनौती
इस घोटाले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, और कारोबारी अनवर ढेबर सहित कई दिग्गज पहले से जेल में हैं। कुल 70 लोग इस मामले में आरोपी हैं, जिनमें चार डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं। EOW ने 200 से अधिक लोगों, जिसमें कारोबारी, आबकारी अधिकारी, हवाला एजेंट, और अन्य शामिल हैं, से पूछताछ की है।
क्या है
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW इस घोटाले की जांच कर रहे हैं। ED की FIR के अनुसार, पूर्व भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD एपी त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर यह घोटाला किया। डमी कंपनियों, नकली बारकोड, और ओवर बिलिंग के जरिए हजारों करोड़ की अवैध कमाई की गई।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
शराब घोटाला 3200 करोड़ | आबकारी अधिकारी अग्रिम जमानत | जमानत याचिका खारिज
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 14 दिन और बढ़ी
EOW की जांच में क्या खुलासा हुआ?
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला के आरोपी चैतन्य बघेल को बुखार, हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को दी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की हिदायत
22 आबकारी अधिकारी निशाने पर
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की भूपेश बघेल और चैतन्य की याचिका
राज्य सरकार ने किया जमानत का विरोध राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में सुनवाई के दौरान जमानत याचिकाओं का तगड़ा विरोध किया गया। इस दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि चालान अब पेश होने की स्थिति है। इसके बावजूद आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके कारण चालान में देरी हो रही है। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए याचिकाएं खारिज कीं और निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया।
जेल में बंद हैं कई बड़े नाम
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला ?
FAQ
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले में 22 आबकारी अधिकारियों की जमानत याचिका पर क्या निर्णय दिया?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले में शामिल 22 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने बड़े घोटाले में आरोपियों को संरक्षण नहीं दिया जा सकता। साथ ही, अधिकारियों को निचली अदालत में सरेंडर करने और वहीं से जमानत की गुहार लगाने की सलाह दी।- EOW की जांच में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर क्या खुलासे हुए हैं?
EOW की जांच में खुलासा हुआ कि आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से ओवर बिलिंग, नकली बारकोड और डमी कंपनियों के जरिए भारी अवैध वसूली की गई। फरवरी 2019 से शुरू हुए इस घोटाले में तीन वर्षों में 60 लाख से ज्यादा शराब की पेटियां अवैध रूप से बेची गईं। प्रति पेटी की कीमत भी बढ़ाई गई और टैक्स चुकाए बिना डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब सप्लाई की गई। - शराब घोटाले में कौन-कौन प्रमुख व्यक्ति जेल में हैं और कुल कितने आरोपी हैं?
इस घोटाले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर सहित कई प्रमुख नाम जेल में हैं। कुल 70 लोग इस मामले में आरोपी हैं, जिनमें चार डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
शराब घोटाला 3200 करोड़ | आबकारी अधिकारी अग्रिम जमानत | जमानत याचिका खारिज
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari