छत्तीसगढ़ में झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, युवक को दे डाली प्राइवेट पार्ट में अंगूठी पहनने की सलाह, बिगड़ी हालत

Sanjay Dhiman | Sept 16, 2025, 17:35 IST
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Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के एक युवक ने बीमारी ठीक करने के लिए झोलाछाप डॉक्टर की सलाह पर प्राइवेट पार्ट में लोहे की अंगूठी पहन ली, जिससे गंभीर संक्रमण हो गया। युवक की हालत बिगड़ने पर इलाज शुरू किया गया। यह घटना बताती है कि झोलाछाप डॉक्टर से बचना चाहिए।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के ओरछा क्षेत्र के एक युवक के साथ हुई एक घटना ने सबको चौंका दिया है। इस युवक ने अपनी बीमारी को ठीक करने के लिए झोलाछाप डॉक्टर की सलाह पर प्राइवेट पार्ट में लोहे की अंगूठी पहन ली थी। हालांकि, इसका परिणाम बेहद खतरनाक साबित हुआ, जिससे युवक को गंभीर संक्रमण हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई।

युवक को गंभीर हालत में नारायणपुर के जिला अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा। यहां दो युवा डॉक्टरों, डॉक्टर हिमांशु सिन्हा डॉ. धनराज सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मेहनत कर युवक का जीवन बचाया। चिकित्सकों के अनुसार, यदि अस्पताल पहुंचने में थोड़ी भी देर होती, तो युवक के लिए गंभीर स्थितियां बन सकती थीं।

झोलाछाप डॉक्टर की सलाह पर पहनी अंगूठी

नारायणपुर जिले के जाटलूर गांव के इस युवक को पेशाब करते समय जलन महसूस हो रही थी। साथ ही उसे बुखार और सिरदर्द की शिकायत भी थी। युवक ने अपनी बीमारी के इलाज के लिए एक झोलाछाप डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने उसे सलाह दी कि अगर वह प्राइवेट पार्ट में लोहे की अंगूठी पहन ले तो जल्दी ठीक हो जाएगा। युवक ने डॉक्टर की बात मानी और बाजार से लोहे की अंगूठी खरीदी और उसे प्राइवेट पार्ट में पहन लिया।

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इस तरह बढ़ने लगी समस्या

अंगूठी पहनने के कुछ ही दिनों बाद युवक को प्राइवेट पार्ट में सूजन महसूस होने लगी और दर्द भी बढ़ने लगा। युवक ने पुनः उसी झोलाछाप डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन डॉक्टर ने उसका इलाज करने से मना कर दिया। स्थिति में कोई सुधार नहीं होने पर युवक ने ओरछा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया, लेकिन वहाँ पर्याप्त संसाधन नहीं थे। अंततः उसे नारायणपुर जिला अस्पताल भेजा गया।

इसी तरह की अंगूठी युवक अपने प्राइवेट पार्ट में पहन लिया था। फाइल फोटो।
इसी तरह की अंगूठी युवक अपने प्राइवेट पार्ट में पहन लिया था। फाइल फोटो।


डॉक्टर्स ने ऐसे निकाली अंगूठी

नारायणपुर जिला अस्पताल में डॉक्टर हिमांशु सिन्हा और उनकी टीम ने युवक का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने बताया कि युवक की स्थिति बेहद खराब थी, क्योंकि अंगूठी के फंसे रहने के कारण प्राइवेट पार्ट में संक्रमण फैल चुका था। सूजन इतनी ज्यादा थी कि अगर समय रहते इलाज नहीं किया जाता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। डॉक्टरों ने कड़ी मेहनत के बाद युवक के प्राइवेट पार्ट से अंगूठी निकाली और उसे संक्रमण से बचाया।

नारायणपुर जिला अस्पताल के डॉक्टर धनराज सिंह डरसेना और शुभम राय समेत अन्य टीम ने युवक का इलाज किया।
नारायणपुर जिला अस्पताल के डॉक्टर धनराज सिंह डरसेना और शुभम राय समेत अन्य टीम ने युवक का इलाज किया।


छोलाझाप डॉक्टर की करतूत से जुड़ी इस खबर को ऐसे समझें

  1. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के एक युवक ने झोलाछाप डॉक्टर की सलाह पर अपने प्राइवेट पार्ट में लोहे की अंगूठी पहनी।
  2. युवक को पेशाब करते समय जलन, बुखार और सिरदर्द की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए डॉक्टर ने यह नुस्खा दिया था।
  3. अंगूठी पहनने के कुछ दिनों बाद युवक के प्राइवेट पार्ट में सूजन आ गई और संक्रमण फैलने लगा।
  4. अंगूठी पहनना युवक को भारी पड़ गया,उसे इलाज के लिए नारायणपुर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने कड़ी मेहनत के बाद अंगूठी को निकाला।
  5. डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर समय पर इलाज नहीं किया जाता, तो अंगूठी को काटना पड़ सकता था।

समय पर इलाज न होने के परिणाम

अगर यह मामला कुछ और समय तक रहता, तो स्थिति काफी खतरनाक हो सकती थी। डॉक्टरों ने बताया कि अगर संक्रमण फैलता रहा होता, तो युवक के प्राइवेट पार्ट को काटने की जरूरत भी पड़ सकती थी। यह घटना यह दिखाती है कि किसी भी प्रकार के उपचार में विशेषज्ञ की सलाह का पालन करना बेहद आवश्यक है। झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के बजाय अगर युवक विशेषज्ञ से समय पर मिलता, तो यह स्थिति नहीं आती।

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क्या झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करना सुरक्षित है?

झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करना खतरनाक हो सकता है। इनमें से अधिकांश डॉक्टर बिना किसी चिकित्सा प्रशिक्षण के होते हैं और वे केवल घरेलू नुस्खों और अंधविश्वास पर आधारित इलाज करते हैं। इस तरह के इलाज से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसा कि इस घटना में देखा गया। हमेशा प्रमाणित डॉक्टर से ही इलाज कराना चाहिए।

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