छत्तीसगढ़ के इस शहर की छात्राएं रोते हुए बोलीं, नहीं करना हमें लड़कों के साथ पढ़ाई, जानें क्या है पूरा मामला

Sanjay Dhiman | Sept 13, 2025, 16:16 IST
Share
girls protest
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ के फिंगेश्वर में छात्राओं ने स्कूल मर्जर के खिलाफ चक्काजाम किया, क्योंकि उनका स्कूल बालक विद्यालय से मर्ज कर दिया गया। अधिकारियों से न मिलने पर छात्राएं रोते हुए घर लौटीं, जिससे अभिभावक भी नाराज हो गए।

छत्तीसगढ़ के फिंगेश्वर शहर की छात्राएं बीते दो दिनों से सड़कों पर हैं। इन छात्राओं ने गुरुवार को जहां जिला मुख्यालय गरियाबंद कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया था, वहीं कलेक्टर से मुलाकात न करने पर गुस्साई छात्राओं ने शनिवार को फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग जाम कर दिया। इन छात्राओं की मांग है कि उन्हें किसी भी सूरत में लड़कों के साथ पढ़ाई नहीं करनी है।

दरअसल, फिंगेश्वर शासकीय कन्या स्कूल को हाल ही में शिक्षा विभाग ने पास के बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के साथ मर्ज कर दिया है। इस मर्जर का ये छात्राएं विरोध कर रही हैं। इन छात्राओं का कहना है कि उन्हें लड़कों के साथ पढ़ाई करने में असहज महसूस होता है। उनका यह भी आरोप है कि लड़के उपद्रव करते हैं और इस कारण उनकी पढ़ाई में खलल पड़ता है।

शनिवार को इन छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके अभिभावक भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

स्कूल मर्जर से नाराज है छात्राऐं

मूल रूप से, फिंगेश्वर में स्थित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को 225 संख्या वाले बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के साथ मर्ज किया गया है। यह मर्जर राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण योजना के तहत किया गया था।

छात्राओं का कहना है कि इस फैसले से उन्हें अपनी पढ़ाई में कठिनाइयाँ हो रही हैं और वे अब लड़कों के साथ एक ही स्कूल में पढ़ना नहीं चाहतीं। उनका मानना है कि लड़के अक्सर उपद्रव करते हैं और उनकी उपस्थिति से उनका मानसिक और शारीरिक परेशानियां हो सकता है।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की सीधी भर्ती पर रोक, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अब 8,000 निजी स्कूलों पर लागू होगा ESIC कानून

विरोध प्रदर्शन और प्रशासन का रवैया

छात्राओं का कहना है कि उन्होंने इस फैसले के खिलाफ कई बार अधिकारियों से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्राएं गरियाबंद कलेक्ट्रेट पहुंची थीं, लेकिन कलेक्टर इनसे बिना मुलाकात किए ही वहां से चले गए। इस कदम से छात्राओं में और भी गुस्सा बढ़ गया, और उन्होंने शनिवार को मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

छात्राओं का कहना है कि जब तक उनके मुद्दे का समाधान नहीं होता, वे विरोध जारी रखेंगी। विरोध में उनके साथ माता-पिता और स्कूल प्रबंधन समिति भी शामिल हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: 15% तक होगी बजट में वृद्धि, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा सरकार का फोकस

छत्तीसगढ़ नक्सल एनकाउंटर में बड़ी सफलता, 5 करोड़ के इनामी 12 नक्सली ढेर, हेलीकॉप्टर से लाए गए शव

स्कूल मर्जर के खिलाफ छात्राओं के विरोध को ऐसे समझें

छत्तीसगढ़ में छात्राओं का विरोध: फिंगेश्वर-महासमुंद मुख्य मार्ग पर छात्राओं ने स्कूल मर्जर के विरोध में चक्काजाम किया। वे बॉयज और गर्ल्स स्कूल के मर्जर को निरस्त करने की मांग कर रही हैं।

स्कूल मर्जर की वजह: फिंगेश्वर कन्या शाला को बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के साथ मर्ज किया गया है, जिसके खिलाफ छात्राओं और उनके अभिभावकों ने विरोध जताया है।

मुख्य समस्या: छात्राओं का कहना है कि लड़कों के साथ पढ़ाई करना उनके लिए असुरक्षित और कठिन है, क्योंकि लड़के अक्सर उपद्रव करते हैं, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ता है।

प्रशासन का रवैया: छात्राओं ने कई बार प्रशासन से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन कलेक्टर से बिना मुलाकात किए ही वे चले गए, जिससे छात्राओं में नाराजगी बढ़ गई।

विरोध का रूप: छात्राओं ने प्रशासन की अनदेखी के बाद शनिवार को मुख्य मार्ग पर बैठकर विरोध किया और मांग की कि स्कूल मर्जर को तत्काल निरस्त किया जाए।

छात्राओं का कहना: "हम मर्जर नहीं चाहते"

फिंगेश्वर कन्या शाला की एक छात्रा ने बताया कि लड़कियों को लड़कों के साथ पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। वे हमेशा उपद्रव करते हैं और हमें ध्यान से पढ़ाई करने का मौका नहीं मिलता। हमें गर्ल्स स्कूल में पढ़ाई करने का पूरा हक है।

इसी तरह की कई शिकायतें और चिंताएँ छात्राओं ने प्रशासन के सामने रखी हैं। उनका कहना है कि यह कदम उनकी सुरक्षा और शैक्षिक भविष्य के लिए खतरे का कारण बन सकता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह मर्जर छत्तीसगढ़ सरकार की योजना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है। प्रशासन का कहना है कि उन्हें छात्रों और छात्राओं की समस्याओं का ख्याल है, लेकिन उन्हें मजबूरी में मर्जर करना पड़ा। छात्राओं की मांग पर विचार किया जा रहा है।

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • कलेक्टर
  • चक्काजाम
  • विरोध प्रदर्शन
  • फिंगेश्वर कन्या शाला
  • छात्राओं का विरोध
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा