छत्तीसगढ़ के DAV स्कूल में RTE के तहत छात्रों से कराई मजदूरी

सूरजपुर के मुख्यमंत्री DAV स्कूल में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत छात्रों से निर्माण कार्य और पुताई करवाई गई। छात्रों ने इसका सबूत फोटो और वीडियो के रूप में दिया।

author-image
Anjali Dwivedi
New Update
chief-minister-dav-school-rte-children-work

News In Short

  • सूरजपुर के मुख्यमंत्री DAV स्कूल में बच्चों से निर्माण कार्य और पुताई करवाई गई।
  • छात्रों ने इसके सबूत के तौर पर वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए।
  • काम करने के लिए मना करने पर बच्चों को टीसी देने की धमकी दी गई।
  • कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम बनाई है।
  • प्रिंसिपल विधु शर्मा ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि जांच से स्थिति साफ होगी।

News In Detail

Surajpur. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल में शिक्षा का अधिकार (RTE) पर पढ़ने वाले छात्रों से मजदूरी कराने का मामला सामने आया है। साथ ही स्कूल की प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों से स्कूल परिसर में निर्माण कार्य और पुताई करवाई है। ये आरोप तब उठे जब बच्चों के परिजनों ने इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की।

मुख्यमंत्री DAV पब्लिक

बच्चों से काम कराने का आरोप 

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे स्कूल गए और इस बारे में प्रिंसिपल से बात की। तब प्रिंसिपल ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि यह भी कहा, गेट के बाहर जाकर बात कीजिए। आपके बच्चों को फ्री में बैग, टेबल, बिजली और किताबें मिल रही हैं, आपका कोई पैसा तो लगता नहीं है।

वहीं, बच्चों ने बताया कि प्रिंसिपल विधु शर्मा ने उन्हें जबरन काम करने के लिए मजबूर किया और कहा कि फ्री में पढ़ते हो, यह तुम्हारा हक है। छात्रों ने इस काम के सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो भी दिए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

छात्रों से ही स्कूल में पुताई कराई गई

पुताई और निर्माण कार्य कराने का आरोप

छात्रों और उनके परिजनों का कहना है कि बच्चों से सीमेंट, रेत और अन्य निर्माण सामग्री से काम कराया गया और कक्षाओं की पुताई भी कराई गई। छात्रों ने कहा कि जो बच्चे काम करने से मना करते हैं, उन्हें टीसी देने की धमकी दी जाती है।

छात्रों से ही स्कूल में साफ-सफाई कराई गई

इस पर कुछ पीड़ित परिजनों का कहना है कि नई प्रिंसिपल ने कहा कि यहां सब्जी-भाजी नहीं बेचा जाता। मुझे बुरा लगा तो अपने बच्चे को स्कूल से निकालकर प्राइवेट स्कूल में भेज रही हूं। 

कुछ ने बताया कि उनके बच्चों के हाथ में फोड़ा हो गया है। स्कूल में उनसे गड्डा करवाया जा रहा है। जब बच्चे पढ़ने आते हैं तो उन्हें पढ़ाना चाहिए। वहीं बच्चे बताते हैं कि स्कूल में पढ़ाई ही नहीं होती है।

सूरजपुर DEO ने जांच के निर्देश

सूरजपुर कलेक्टर ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर DEO को जांच के निर्देश दिए। डीईओ अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इस टीम में सहायक संचालक योजना लता बेक, बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह, और सेजेस जयनगर की प्राचार्य पुष्पा राय शामिल हैं। टीम को सात दिनों में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंसिपल का सफाई में बयान

इस मामले में प्रिंसिपल विधु शर्मा ने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह शिकायत द्वेष से की गई है और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

ये खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ की रेवेन्यू कोर्ट में प्रतिदिन लाखों की वसूली, उगाही के लिए निजी कर्मचारी

मैनपुर के जंगल में माओवादी खजाना जब्त, कैश समेत हथियारों का जखीरा बरामद

विधानसभा में मौजूद नहीं थे छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, सीएम के सामने विधायकों ने अध्यक्ष से कर दी शिकायत

CG News: सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने दी जमानत, लेकिन माननी होंगी ये शर्तें

CG News स्कूल सोशल मीडिया surajpur सूरजपुर छत्तीसगढ़
Advertisment