छत्तीसगढ़ चिटफंड केस : 30 लाख पीड़ितों का डूबा पैसा, सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

Aishwarya Dwivedi | Jun 07, 2026, 09:23 IST
Share
chit-fund-case-government-supreme-court
chit-fund-case-government-supreme-court

छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों द्वारा 2 हजार करोड़ की ठगी के बाद पीड़ितों की रकम वापसी अटकी है। संपत्तियों पर लगे कानूनी 'स्टे' को हटवाने और नीलामी प्रक्रिया शुरू कराने के लिए अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में 15 साल में 30 लाख से ज्यादा लोगों से 2 हजार करोड़ से अधिक की ठगी हुई।
  • अब तक केवल 5.16 लाख निवेशकों को 98 करोड़ ही वापस मिल पाए हैं।
  • कंपनियों की 200 करोड़ की संपत्ति कुर्क है, पर अलग-अलग कोर्ट के 'स्टे' से नीलामी अटकी है।
  • संपत्तियों की नीलामी का रास्ता साफ करने और 'स्टे' हटवाने सरकार याचिका दायर करेगी।
  • अधिवक्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट से सभी मामलों की सुनवाई एक ही कोर्ट में होने से राहत मिलेगी।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों के दौरान करीब 30 लाख से अधिक लोगों की खून-पसीने की कमाई को फर्जी चिटफंड कंपनियों ने डकार लिया है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेशभर के मासूम निवेशकों के 2 हजार करोड़ से ज्यादा डूबे हुए हैं। तमाम प्रशासनिक और कानूनी कोशिशों के बावजूद अब तक महज 5 लाख 16 हजार पीड़ितों को ही 98 करोड़ (कुल डूबी रकम का सिर्फ 5%) वापस मिल सके हैं। पिछले दो साल से यह रकम वापसी पूरी तरह ठप है।

इस कछुआ रफ्तार और गतिरोध को तोड़ने के लिए अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण विशेष याचिका दायर करने की तैयारी में है। इस याचिका के जरिए सरकार प्रदेशभर में मौजूद चिटफंड कंपनियों की कुर्क संपत्तियों की बिक्री का रास्ता साफ करने और विभिन्न अदालतों द्वारा लगाए गए सभी तरह के 'स्टे' (स्थगन आदेश) को हटाने की मांग करेगी।

अदालती 'स्टे' और उलझाव बना सबसे बड़ा रोड़ा

जांच एजेंसियों ने कंपनियों की 200 करोड़ रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की पहचान तो कर ली है, लेकिन इनकी नीलामी अटक गई है। दरअसल, अहमदाबाद, इंदौर, दिल्ली समेत अन्य राज्यों और स्थानीय जिला अदालतों, हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से इन संपत्तियों पर 'स्टे' लगा हुआ है।

अधिवक्ता विपिन अग्रवाल के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट जाने से सभी मामलों की सुनवाई एक ही जगह (क्लब) होने का आदेश मिल सकता है। इससे सरकार का पक्ष मजबूत होगा, दस्तावेज की उलझनें खत्म होंगी और नीलामी प्रक्रिया तेज हो सकेगी।

पाई-पाई को तरसते पीड़ित और नाकामी का सफर

इस ठगी का शिकार हुए लोगों की कहानियां बेहद दर्दनाक हैं। नवा रायपुर के लक्ष्मीनारायण चंद्राकर ने पीएसीएल और एचबीएन जैसी कंपनियों में ₹5 लाख गंवा दिए, जिसके बाद बेटे का व्यवसाय शुरू कराने के लिए उन्हें बैंक से कर्ज लेना पड़ा। वहीं, नरदहा के कृष्णकांत साहू ने मकान बनाने के लिए 10 लाख जमा किए थे, राशि डूबने के बाद अब वे कई साल से टुकड़ों-टुकड़ों में घर बनवा पा रहे हैं।

Chhattisgarh Chit Fund Case
Chhattisgarh Chit Fund Case


24 साल का घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति

राज्य में चिटफंड के खिलाफ पहली एफआईआर साल 2002 में रायपुर के डीडी नगर में दर्ज हुई थी, लेकिन तब प्रशासन की ढिलाई के कारण अगले 5 सालों में फर्जी कंपनियों का जाल पूरे प्रदेश में बिछ गया। वर्तमान में 220 से अधिक अनियमित कंपनियों के खिलाफ करीब 490 एफआईआर दर्ज हैं। 265 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं और 80 कंपनियों के 66 से ज्यादा डायरेक्टर जेल में हैं, लेकिन रकम वापसी का तंत्र अब भी लाचार है।

नोडल अधिकारी (चिटफंड) दौलत राम पोर्ते ने बताया कि पुरानी एफआईआर के आधार पर संपत्तियों की पूरी जानकारी सरकार को दी जा चुकी है और कोर्ट से स्टे हटाने के लिए नियमानुसार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में चिटफंड पीड़ितों की रकम वापसी पिछले दो वर्षों से कानूनी दांवपेच और अदालती 'स्टे' के कारण ठप है। राज्य सरकार का सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय एक सकारात्मक कदम है। यदि सभी मामलों की सुनवाई एक जगह होती है, तो कुर्क संपत्तियों की नीलामी तेज होगी और लाखों पीड़ितों को न्याय मिल सकेगा।

यह खबरें भी पढ़ें...

दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति नहीं, राज्य सरकार करे देखभाल: हाईकोर्ट

इस राज्य सरकार ने की अनोखी पहल, चौथे बच्चे के जन्म पर मिलेंगे 40 हजार रुपए!

भोजशाला पर बोले सीएम मोहन यादव- मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन से लाने को राज्य सरकार करेगी प्रयास

हाईकोर्ट के भोजशाला फैसले में राज्य सरकार मस्जिद के लिए जमीन देने के लिए बाध्य नहीं

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • राज्य सरकार
  • नवा रायपुर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा