ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक की जांच अब SIT के हवाले, हाई प्रोफाइल नेटवर्क की पड़ताल

Arun Tiwari | Jul 03, 2026, 10:39 IST
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ड्रग्स-क्वीन-नव्या-मलिक-बैठो-जांच
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रायपुर के एमडीएमए ड्रग तस्करी मामले की जांच अब एसआईटी को सौंपी गई है। नव्या मलिक सहित पूरे नेटवर्क, मनी ट्रेल और डिजिटल सबूतों की गहन पड़ताल होगी।

RAIPUR : ड्रग्स क्वीन नव्या मालिक के चर्चित एमडीएमए ड्रग तस्करी मामले में अब जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी है। अब तक स्थानीय पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे थे, लेकिन अब एसआईटी पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की एक साथ पड़ताल करेगी।

एसआईटी के गठन के साथ ही जांच केवल ड्रग्स की बरामदगी या गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी। टीम यह पता लगाएगी कि एमडीएमए की सप्लाई कहां से हो रही थी, नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और इस कारोबार से जुड़ी अवैध कमाई का इस्तेमाल किन माध्यमों से किया गया। इसके अलावा यह भी जांच होगी कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े थे या नहीं।

एसआईटी में ये अधिकारी :

इस विशेष जांच दल में एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), दो निरीक्षक सहित पांच सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम का मुख्य उद्देश्य ड्रग सिंडिकेट के पूरे ढांचे को सामने लाना और नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच करना होगा। यह मामला 23 अगस्त 2025 को सामने आया था।

उस समय रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हर्ष आहुजा, मोनू बिसनाई और दीप धनेरिया को एमडीएमए ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि वह रायपुर के हाई-प्रोफाइल क्लबों, पार्टियों और नाइट लाइफ से जुड़े लोगों तक एमडीएमए की सप्लाई कराने में अहम कड़ी थी।

पुलिस की चार्जशीट :

पुलिस की चार्जशीट में दावा किया गया है कि ड्रग तस्करी का पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान ऐसे इनपुट भी मिले कि आरोपी मोनू बिश्नोई के माध्यम से कई लोगों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी। चार्जशीट में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच अभी जारी है।

ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक की जांच अब एसआईटी के हवाले
ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक की जांच अब एसआईटी के हवाले


एमडीएम के सोर्स की पड़ताल :

एसआईटी अब सबसे पहले एमडीएमए के मूल स्रोत की तलाश करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी, इसका मुख्य सप्लायर कौन था और रायपुर तक इसकी सप्लाई किन माध्यमों से की जाती थी। इसके साथ ही रायपुर, मुंबई और अन्य राज्यों से जुड़े सप्लायर, कुरियर नेटवर्क और रिसीवरों की पहचान भी जांच का अहम हिस्सा होगी।

जांच एजेंसी नत्या मलिक सहित अन्य आरोपियों की भूमिका का भी अलग-अलग विश्लेषण करेगी। इसमें ड्रग्स की खरीद, बिक्री, भंडारण और वितरण में किसकी क्या जिम्मेदारी थी, इसका विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन, नकद लेन-देन और कथित ड्रग कारोबार से अर्जित आय की भी जांच होगी, ताकि पूरे मनी ट्रेल का खुलासा किया जा सके।

सप्लाई का पैटर्न :

एसआईटी निजी पार्टियों, क्लबों, पब और अन्य आयोजनों में एमडीएमए की सप्लाई के पैटर्न की भी जांच करेगी। यह भी देखा जाएगा कि क्या इस नेटवर्क को किसी प्रभावशाली व्यक्ति, कारोबारी या अन्य लोगों का संरक्षण या आर्थिक मदद मिल रही थी। यदि ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी।

डिजिटल फोरेंसिक जांच भी इस मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), व्हाट्सएप चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली को समझने की कोशिश की जाएगी।

इसके अलावा एसआईटी उन लोगों की भी पहचान करेगी जिन्होंने ड्रग्स खरीदी या नेटवर्क के संपर्क में रहे। चार्जशीट में दर्ज नामों के अलावा अन्य संभावित उपभोक्ताओं और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि एसआईटी के गठन से इस हाई-प्रोफाइल ड्रग नेटवर्क की कई नई परतें खुल सकती हैं और पूरे सिंडिकेट का खुलासा होने की संभावना है।

FAQ

  1. नव्या मलिक ड्रग्स मामला क्या है?
    यह रायपुर में सामने आया एमडीएमए ड्रग तस्करी का मामला है। इसमें नव्या मलिक को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच अब एसआईटी को सौंपी गई है।
  2. SIT का पूरा नाम क्या है?
    SIT का पूरा नाम Special Investigation Team है, जिसे हिंदी में विशेष जांच दल कहते हैं। यह किसी बड़े या संवेदनशील मामले की गहराई से जांच के लिए बनाई जाती है। इसमें अलग-अलग विभागों के अनुभवी अधिकारी शामिल किए जाते हैं।
  3. ED का पूरा नाम क्या है?
    ED का पूरा नाम Enforcement Directorate है, जिसे हिंदी में प्रवर्तन निदेशालय कहा जाता है। यह मुख्य रूप से आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करती है। यह केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली एजेंसी है।

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