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NEWS IN SHORT
- दीपक टंडन–DSP कल्पना वर्मा कंट्रोवर्सी की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी गई।
- रिपोर्ट में DSP पर कारोबारी से बड़ी रकम और महंगे गिफ्ट लेने के आरोप।
- वॉट्सऐप चैट के जरिए खुफिया और नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी लीक होने का दावा।
- जांच रिपोर्ट करीब 1400 पन्नों की, ASP कीर्तन राठौर की टीम ने 30 दिन में जांच पूरी की।
- DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को साजिश और झूठा बताया।
NEWS IN DETAIL
गृह विभाग तक पहुंची हाई-प्रोफाइल जांच रिपोर्ट
रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन और दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा से जुड़ी विवादित मामले की जांच रिपोर्ट छत्तीसगढ़ गृह विभाग को सौंप दी गई है। यह रिपोर्ट ASP कीर्तन राठौर के नेतृत्व में गठित टीम ने तैयार की है।
जांच टीम ने करीब 30 दिन में साक्ष्य, बयान, दस्तावेज और डिजिटल डेटा खंगालकर लगभग 1400 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से गृह विभाग को भेजी गई है।
वॉट्सऐप चैट में खुफिया जानकारी लीक होने का दावा
जांच रिपोर्ट में DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच हुई वॉट्सऐप चैट का जिक्र है। इसमें नक्सल गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशनल इनपुट साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चैट्स में 3 IPS अधिकारियों के नाम और उनसे जुड़ी संवेदनशील जानकारियां भी सामने आई हैं।
2.5 करोड़ की वसूली और महंगे गिफ्ट का आरोप
कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि 2021 से DSP कल्पना वर्मा ने कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए उससे करीब 2.5 करोड़ रुपए वसूले। आरोपों में 2 करोड़ कैश, लग्जरी कार, 12 लाख की डायमंड रिंग, 5 लाख के सोने के गहने और अन्य महंगे गिफ्ट शामिल बताए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि DSP ने अपने भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने कारोबारी से पैसे लिए। इस लेन-देन को लेकर बैंक ट्रांजेक्शन, प्रॉपर्टी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई है।
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DSP कल्पना का पक्ष
DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए कहा कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग कर रही हैं और सच्चाई सामने आएगी।
Sootr Knowledge
- मामला आर्थिक अपराध और आंतरिक सुरक्षा दोनों से जुड़ा है।
- वॉट्सऐप चैट डिजिटल सबूत के तौर पर जांच का अहम हिस्सा बनी।
- नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी का लीक होना गंभीर अपराध माना जाता है।
- जांच रिपोर्ट अब गृह विभाग के स्तर पर विचाराधीन है।
- आगे विभागीय और कानूनी कार्रवाई संभव है।
IMP FACTS
- जांच अवधि: 30 दिन
- रिपोर्ट का साइज: करीब 1400 पन्ने
- आरोपित रकम: लगभग 2.5 करोड़ रुपए
- जांच प्रमुख: ASP कीर्तन राठौर
आगे क्या
- गृह विभाग रिपोर्ट का अध्ययन करेगा।
- जरूरत पड़ने पर विभागीय कार्रवाई या आपराधिक केस दर्ज हो सकता है।
- IPS अधिकारियों से जुड़े बिंदुओं पर अलग जांच की संभावना।
निष्कर्ष
दीपक टंडन–DSP कल्पना वर्मा विवाद अब जांच के अहम मोड़ पर पहुंच गया है। खुफिया जानकारी लीक और करोड़ों की वसूली जैसे आरोपों ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अंतिम फैसला अब गृह विभाग और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
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