कांकेर नक्सली बैनर कांड में बड़ा खुलासा, BJP नेता समेत दो गिरफ्तार

Umeshwari Baghel | Jul 28, 2026, 20:10 IST
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कांकेर-गढ़चिरौली बॉर्डर पर फर्जी नक्सली पोस्टर
कांकेर-गढ़चिरौली बॉर्डर पर फर्जी नक्सली पोस्टर

कांकेर-गढ़चिरौली सीमा पर मिले कथित नक्सली बैनर मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में बैनर फर्जी पाए गए। पुलिस ने भाजपा नेता शिवा अनिल मिस्त्री और रंजीत मलिक को गिरफ्तार किया है। दोनों पर दहशत फैलाने का आरोप है।

समझे क्या है पूरा मामला

  • फर्जी नक्सली बैनर कांड में BJP नेता गिरफ्तार
  • नक्सलियों के नाम पर दहशत फैलाने की साजिश
  • कांकेर में फर्जीवाड़े का खुलासा, दो आरोपी पकड़े गए
  • बैनर लगाकर डर फैलाने वाले पुलिस के शिकंजे में
  • नक्सली पोस्टर मामला निकला फर्जी, BJP नेता पर कार्रवाई
Kanker। छत्तीसगढ़ के कांकेर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा क्षेत्र में मिले कथित नक्सली बैनर-पोस्टर मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि नक्सलियों के नाम पर लगाए गए ये बैनर कथित तौर पर फर्जी थे और इलाके में डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से लगाए गए थे। मामले में पुलिस ने कांकेर के भाजपा नेता और कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत सदस्य शिवा अनिल मिस्त्री समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इस मामले में शिवा मिस्त्री के सहयोगी रंजीत मलिक को भी पकड़ा है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश के पीछे कोई और व्यक्ति या मकसद तो नहीं था।

सर्च ऑपरेशन के दौरान मिला था संदिग्ध बैनर

मामला महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पिपली बुर्गी इलाके से सामने आया था। सुरक्षा बलों को सर्चिंग के दौरान एक साइन बोर्ड के नीचे लाल कपड़े का बैनर मिला था। इस बैनर पर खुद को नक्सली संगठन से जुड़ा बताते हुए धमकी भरे संदेश लिखे गए थे।

बैनर मिलने के बाद इलाके में अचानक तनाव और डर का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं। गढ़चिरौली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीम बनाई थी।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस पहुंची आरोपियों तक

जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले। इसके बाद मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बैनर लगाने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर लोगों में भ्रम और भय पैदा करने के लिए नक्सली संगठन के नाम का इस्तेमाल किया था।

कांकेर-गढ़चिरौली बॉर्डर पर फर्जी नक्सली पोस्टर
कांकेर-गढ़चिरौली बॉर्डर पर फर्जी नक्सली पोस्टर


भाजपा नेता की गिरफ्तारी से बढ़ी चर्चा

गिरफ्तार आरोपी शिवा अनिल मिस्त्री कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक-24 इरपानार से सदस्य हैं। इसके साथ ही वह कारोबार से भी जुड़े हुए हैं और सीमा क्षेत्र में मशीनरी व परिवहन से संबंधित काम करते हैं।

उनकी गिरफ्तारी के बाद स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि बैनर लगाने के पीछे सिर्फ दो लोगों की भूमिका थी या इस साजिश में और भी लोग शामिल हैं।

जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

IMP FACTS

स्थान: पिपली बुर्गी क्षेत्र, गढ़चिरौली (महाराष्ट्र)–कांकेर (छत्तीसगढ़) सीमा

घटना: कथित नक्सली बैनर मिलने का मामला

बरामदगी: लाल कपड़े का संदिग्ध बैनर

जांच एजेंसी: गढ़चिरौली पुलिस

गिरफ्तार आरोपी: 2

मुख्य आरोपी: शिवा अनिल मिस्त्री

दूसरा आरोपी: रंजीत मलिक

शिवा मिस्त्री की उम्र: 48 वर्ष

रंजीत मलिक की उम्र: 25 वर्ष

शिवा मिस्त्री की पहचान: कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत सदस्य

आरोप: फर्जी नक्सली बैनर लगाकर भय का माहौल बनाने की साजिश

जांच स्थिति: अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी

FAQ

  1. नक्सली बैनर-पोस्टर मामला क्या है?
    गढ़चिरौली-कांकेर सीमा क्षेत्र में नक्सलियों के नाम से लाल बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। पुलिस जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि ये कथित तौर पर फर्जी थे और लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से लगाए गए थे।
  2. इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
    पुलिस ने कांकेर के भाजपा नेता एवं कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत सदस्य शिवा अनिल मिस्त्री और उनके सहयोगी रंजीत मलिक को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ जारी है।
  3. पुलिस अब आगे क्या जांच कर रही है?
    पुलिस यह पता लगा रही है कि कथित फर्जी बैनर लगाने के पीछे सिर्फ दो आरोपियों की भूमिका थी या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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