छत्तीसगढ़ में बाढ़ का खतरा...रायपुर-बिलासपुर समेत 12 जिलों में भरा पानी
Kanak Durga Jha | Jul 09, 2025, 10:13 IST
flood Danger Chhattisgarh water filled 12 districts including Raipur Bilaspur
छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से लगातार हाे रही बारिश से प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर में देर रात से पानी बरस रहा है, जिससे सड़काें पर पानी भर गया है।
छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से लगातार हाे रही बारिश से प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर में देर रात से पानी बरस रहा है, जिससे सड़काें पर पानी भर गया है। इस बीच मौसम विभाग ने रायपुर-बिलासपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई है।
राजिम में महानदी का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणी संगम स्थित कुलेश्वर महादेव की सीढ़ियां डूब गई हैं। रायगढ़ में केलो नदी का जलस्तर बढ़ने से डैम के 2 गेट खोले गए हैं। बता दें कि रायपुर में पिछले दो दिनों में 140 MM पानी गिर चुका है। अगले दो दिन बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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आज (बुधवार) राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, धमतरी,गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। रायपुर, कोरबा, कबीरधाम, रायगढ़, सूरजपुर, बलरामपुर सहित प्रदेश के 21 जिलों में यलो अलर्ट है। वहीं पांच जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। इससे पहले रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग में मंगलवार को जमकर बारिश हुई। बिलासपुर में कई निचले इलाकों के घरों और बस्तियों में पानी भर गया।
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इसके साथ ही बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरे शबाब पर है। वाटरफॉल का खूबसूरत नजारा देखने पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर वाटरफॉल के नजदीक जाकर फोटोशूट करवा रहे हैं।
कांकेर जिले में 4 गांवों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नदी पर बने स्टॉप डेम का सहारा लेना पड़ता है। वे 16 पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार कर रहे हैं, जिसका वीडियो सामने आया है। स्कूली बच्चों को भी इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर बांसकुंड, ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर गांव के 500 से अधिक लोग बारिश की वजह से परेशान हैं। यहां चिनार नदी पर पुल नहीं बना है। ग्रामीण डैम के पिलरों को कूद-कूदकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
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राजिम में महानदी का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणी संगम स्थित कुलेश्वर महादेव की सीढ़ियां डूब गई हैं। रायगढ़ में केलो नदी का जलस्तर बढ़ने से डैम के 2 गेट खोले गए हैं। बता दें कि रायपुर में पिछले दो दिनों में 140 MM पानी गिर चुका है। अगले दो दिन बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
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इसके साथ ही बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरे शबाब पर है। वाटरफॉल का खूबसूरत नजारा देखने पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर वाटरफॉल के नजदीक जाकर फोटोशूट करवा रहे हैं।
16 पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार कर रहे ग्रामीण
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FAQ
- छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से किन जिलों में बाढ़ की आशंका जताई गई है?
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के चलते रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार, रायगढ़, सूरजपुर, बलरामपुर, और कबीरधाम सहित 12 जिलों में भारी बारिश और अचानक बाढ़ आने की आशंका है। मौसम विभाग ने 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 21 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। - कांकेर जिले के ग्रामीण किस प्रकार से बारिश में आवागमन करते हैं और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
कांकेर जिले के बांसकुंड, ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर गांव के ग्रामीण बारिश के मौसम में चिनार नदी पार करने के लिए स्टॉप डेम पर बने 16 पिलरों का सहारा लेते हैं। वे जान जोखिम में डालकर उन पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार करते हैं। स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। - भारी बारिश से कौन-से प्रमुख प्राकृतिक स्थल चर्चा में हैं और लोग वहां कैसे प्रतिक्रिया दे रहे हैं?
बस्तर स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़ वाटरफॉल बारिश के बाद पूरे शबाब पर है। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालांकि कुछ लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर वाटरफॉल के बेहद नजदीक जाकर जान जोखिम में डालकर फोटोशूट करवा रहे हैं।
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