अवैध प्लॉटिंग पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: 217 प्लॉट अवैध घोषित, खरीदारों का हक समाप्त

Harrison Masih | Jul 25, 2025, 16:03 IST
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गरियाबंद में SDM कोर्ट ने अवैध प्लॉटिंग पर कसा शिकंजा। 217 प्लॉट को अवैध घोषित कर दिया गया है, खरीदारों का हक खत्म। भू-माफिया पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पिछले एक दशक से चल रही अवैध प्लॉटिंग की गतिविधियों पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। गरियाबंद नगर पालिका के सीमा से सटे मजरकट्टा, आमदी, पारागांव और केशोडार पंचायत क्षेत्रों में बिना वैध प्रक्रिया के विकसित की गई 12 अवैध कालोनियों में कुल 217 प्लॉट को अवैध घोषित कर दिया गया है। मई 2025 में जारी आदेश के अनुसार इन प्लॉटों पर खरीदारों के सभी अधिकार शून्य कर दिए गए हैं और उन्हें पंचायत की संपत्ति घोषित कर दिया गया है।

अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई... छह जमीनों की रजिस्ट्री पर लगी रोक, 142 पर लग चुका है बैन

कानूनी कार्रवाई: प्लॉटों पर से हटे खरीदारों के हक

इस मामले में तत्कालीन एसडीएम ऋचा ठाकुर द्वारा पारित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अवैध प्लॉटिंग पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 61(घ)(2) सहित अन्य नियमों का उल्लंघन है। आदेश के तहत इन जमीनों पर खरीदारों के सभी हक, हित और रिकॉर्ड को समाप्त कर दिया गया है। हालांकि पंजीयन निरस्त करना राजस्व न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए दस्तावेज पंजीकृत तो रहेंगे, लेकिन नामांतरण, कैफियत और राजस्व रिकॉर्ड में खरीदारों का नाम अमान्य हो चुका है।

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अभी तक केवल जुर्माना,पर खरीदारों को तगड़ा झटका

अवैध प्लॉटिंग करने वालों को खसरा के आधार पर सिर्फ 10-10 हजार रूपए जुर्माना लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर, अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर जमीन खरीदने वालों को अब कानूनी अधिकार ही नहीं रह गया है। बाजार में कई खरीदार ऐसे हैं जिन्होंने घर बनाने के लिए लोन लिया या वर्षों की बचत लगाई थी, लेकिन अब वे न तो निर्माण करा सकते हैं और न ही उस जमीन को पुनः बेच सकते हैं।

प्लॉटवार विवरण: कौन-कौन सी जमीनें हुईं अवैध घोषित

प्रशासन द्वारा अवैध घोषित की गई प्लॉटों की सूची इस प्रकार है:

आमदी:

  • खसरा 491/1 – 12 प्लॉट
  • खसरा 477 – 13 प्लॉट
  • खसरा 500 – 58 प्लॉट
  • खसरा 443 – 8 प्लॉट
  • खसरा 486 – 18 प्लॉट
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मजरकट्टा:

  • खसरा 1108, 780, 781, 782, 783, 784, 786, 790 – कुल 33 प्लॉट
  • केशोडार (डोंगरी गांव):
  • खसरा 321 – 11 प्लॉट
  • खसरा 41 – 9 प्लॉट
  • खसरा 8 – 24 प्लॉट
  • खसरा 29 – 19 प्लॉट
पारागांव:

  • खसरा 733 – 12 प्लॉट

नगर विकास रोकने के लिए बनाई गई सख्त नीति

नगर पालिका बनने के बाद प्रशासन ने पालिका सीमा से सटे कृषि भूमि के डायवर्जन पर रोक लगा दी थी। चूंकि अब शहर का विकास तेजी से हो रहा है, भू-माफियाओं ने किसानों से कम दाम में कृषि भूमि खरीदी और बिना डायवर्जन कराए वर्ग फुट में बेच डाली। यह सारा कारोबार नगर निवेश विभाग की जानकारी और स्वीकृति के बिना हुआ, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

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सुनवाई की प्रक्रिया जारी, अन्य मामलों पर भी होगी कार्रवाई

वर्तमान एसडीएम प्रकाश राजपूत ने कहा कि आदेश का पालन शुरू कर दिया गया है और खरीदारों को सुनवाई के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। अभिस्वीकृति के बाद प्रकरणों को समाप्त किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिए हैं कि नगर पालिका क्षेत्र के भीतर चल रही अन्य अवैध प्लॉटिंग पर भी देर-सबेर कार्रवाई तय है। इस समय 5 से अधिक मामलों की सुनवाई एसडीएम कार्यालय में जारी है।
गरियाबंद अवैध प्लॉटिंग | 217 प्लॉट अवैध घोषित | गरियाबंद SDM की कार्रवाई |

  • 217 प्लॉट घोषित अवैध
    – गरियाबंद की 12 कॉलोनियों में हुई अवैध प्लॉटिंग, SDM कोर्ट ने 217 प्लॉटों को अवैध घोषित किया।
  • खरीदारों से छीना गया हक
    – आदेश के तहत खरीदार अब जमीन के मालिक नहीं रहे, सभी अधिकार शून्य कर दिए गए।
  • भूमि पंचायत के नाम निहित
    – प्लॉटों को पंचायत के हवाले किया गया, साथ ही सभी करों से मुक्त भी घोषित किया गया।
  • भू-माफियाओं ने कमाए करोड़ों
    – बिना डायवर्जन कृषि भूमि बेचकर प्लॉटिंग करने वालों ने भारी मुनाफा कमाया।
  • नाम रहेगा, हक नहीं
    – पंजीयन भले रजिस्ट्री में दिखे, पर अब रिकॉर्ड में नामांतरण और कैफियत मान्य नहीं रहेगी।
Gariaband illegal plotting | Chhattisgarh Illegal plotting

निवेश से पहले सोचें-समझें

यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो असत्यापित प्लॉटिंग या सस्ते दरों के चक्कर में निवेश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने की संभावना भी कमजोर है क्योंकि कार्रवाई स्पष्ट कानूनी प्रावधानों के आधार पर की गई है।

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