मंच से भड़के नेता जी, गरियाबंद कलेक्टर से हुई तीखी नोकझोंक, कलेक्टर बोले अनजान हैं नेता जी

VINAY VERMA | May 16, 2026, 19:10 IST
Share
gariaband-collector-leader-clash
gariaband-collector-leader-clash

गरियाबंद के देवभोग समाधान शिविर में भाजपा नेता गोवर्धन मांझी और कलेक्टर भगवान सिंह उइके के बीच मंच से तीखी बहस हुई। प्रशासनिक जवाबदेही, शिकायतों के समाधान और समयपालन को लेकर विवाद बढ़ गया।

गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में आयोजित समाधान शिविर अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। मंच से ही भाजपा नेता और पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी और कलेक्टर भगवान सिंह उइके के बीच तीखी बहस हो गई। जनसमस्याओं के समाधान को लेकर दोनों के बीच खुलकर मतभेद सामने आए और देखते ही देखते माहौल गर्मा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल-जवाब का दौर शुरू हो गया।

कामकाज पर मांझी ने उठाए सवाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोवर्धन मांझी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाली अधिकांश शिकायतों को न्यायालयीन मामला बताकर अधिकारियों द्वारा जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है। मांझी ने कहा कि जनता समाधान की उम्मीद लेकर शिविरों में पहुंचती है, लेकिन उन्हें प्रक्रिया और नियमों का हवाला देकर टाल दिया जाता है।

उदाहरण देकर सुनाई खरी-खरी

गोवर्धन मांझी ने मंच से रायपुर के पूर्व कलेक्टर एमके राउत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में कसावट और निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए। मांझी ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि जनता के बीच आयोजित समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं होने चाहिए, बल्कि मौके पर ही समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से समय पर पहुंचने और जवाबदेही निभाने की भी बात कही।

कलेक्टर ने कहा- जानकारी की कमी है

मंच से लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने भी अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि पूर्व संसदीय सचिव को प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं है। कलेक्टर के इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा गरमा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोग भी दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा करने लगे।

गोवर्धन मांझी का पलटवार

कलेक्टर के बयान के बाद गोवर्धन मांझी भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने मंच से ही तीखा पलटवार करते हुए कहा कि “अगर कलेक्टर में ज्ञान होता तो वे समय पर शिविर में पहुंचते।” मांझी के इस बयान के बाद मंच पर कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच भी हलचल बढ़ गई।

समय पर पहुंचने को लेकर छिड़ी नई बहस

दोनों के बीच हुई बयानबाजी के बाद पूरे कार्यक्रम में समयपालन और प्रशासनिक जवाबदेही सबसे बड़ा मुद्दा बन गया। लोगों के बीच यह चर्चा होती रही कि आखिर जनता की समस्याओं के समाधान में किसकी जिम्मेदारी ज्यादा अहम है। कुछ लोग प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जरूरी बता रहे थे, तो कई लोग जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को जायज मान रहे थे।

मंच से निकली नई सियासत

सुशासन तिहार को सरकार जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का माध्यम बता रही है, लेकिन मुंगझर शिविर में सामने आई इस बहस ने नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी जमीन पर दिखने लगी है।

अब अगले शिविरों पर टिकी निगाहें

मुंगझर में हुई इस तीखी नोकझोंक के बाद अब लोगों की नजर आने वाले समाधान शिविरों पर टिकी हुई है। जनता यह देखना चाहती है कि आगे के कार्यक्रमों में प्रशासन और जनप्रतिनिधि किस तरह समन्वय बनाकर काम करते हैं। फिलहाल देवभोग का यह मंच अब पूरे जिले में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।

यह खबरें भी पढ़ें...

सुशासन तिहार में पुरोहित बने सीएम विष्णुदेव साय, चौपाल में बच्चे का किया नामकरण संस्कार

छत्तीसगढ़ में आज से सुशासन तिहार का आगाज; गांवों और शहरों में लगेंगे समाधान शिविर, CM साय करेंगे औचक निरीक्षण

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के नाम पर गबन, जांच तेज

पूर्व MLA का सुशासन तिहार में हंगामा... BJP नेताओं को चूड़ियां पहनने बोलीं

Tags:
  • रायपुर
  • भाजपा नेता
  • गरियाबंद
  • जनता
  • सुशासन तिहार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा