लोक भवन में रहते थे पिता: अब बेटे जनरल धीरज सेठ बने आर्मी चीफ

VINAY VERMA | Jul 01, 2026, 13:38 IST
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जनरल धीरज सेठ का छत्तीसगढ़ कनेक्शन 2026
जनरल धीरज सेठ का छत्तीसगढ़ कनेक्शन 2026

जनरल धीरज सेठ ने भारत के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केएम सेठ छत्तीसगढ़ के दूसरे राज्यपाल रह चुके हैं, जिससे उनका राज्य से खास संबंध है।

भारतीय सेना को नया चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ मिल गया। जनरल धीरज सेठ ने देश के 31वें सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनकी नियुक्ति केवल भारतीय सेना के लिए ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी खास मानी जा रही है। इसकी वजह उनका राज्य से जुड़ा पारिवारिक और ऐतिहासिक रिश्ता है, जो सीधे राजभवन से जुड़ता है।

छत्तीसगढ़ राजभवन से जुड़ा पारिवारिक रिश्ता

जनरल धीरज सेठ, छत्तीसगढ़ के दूसरे राज्यपाल रहे लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड कृष्ण मोहन सेठ के पुत्र हैं। राज्य गठन के शुरुआती दौर में केएम सेठ ने 2 जून 2003 को दूसरे राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था और 24 जनवरी 2007 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उस दौरान राजभवन ही उनका आधिकारिक आवास था। उस दौरान धीरज सेठ सेना मे वरिष्ठ पद पर थे, लेकिन उस दौरान छग के लोक भवन आए और पिता के साथ कुछ समय भी बिताया। हालांकि यह उनकी अनऑफिशियत टूर हुआ करती थी।

परिवार की विरासत में मिली सैन्य सेवा

धीरज सेठ का सेना से जुड़ाव विरासत में मिला है। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ 1997 में भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उस समय धीरज सेठ सेना में कैप्टन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। परिवार की सैन्य परंपरा यहीं तक सीमित नहीं है। उनके भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ भारतीय नौसेना में फ्लैग ऑफिसर के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। यानी यह परिवार तीनों सेनाओं में अपनी मजबूत पहचान रखता है।

जनरल धीरज सेठ
जनरल धीरज सेठ


चार दशक का सैन्य अनुभव

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जनरल धीरज सेठ के पास करीब 40 वर्षों का सैन्य अनुभव है। उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों में आर्मर्ड रेजिमेंट, पश्चिमी सीमा पर आर्मर्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स का नेतृत्व किया है। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने भारतीय सेना की महत्वपूर्ण स्ट्राइक फॉर्मेशन श्सुदर्शन चक्र कोरश् की कमान भी संभाली। सेना के आधुनिकीकरण और युद्ध क्षमता बढ़ाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

दक्षिणी कमान से सीधे सेना प्रमुख तक

सेना प्रमुख (Indian Army Chief) बनने से पहले जनरल धीरज सेठ पुणे स्थित दक्षिणी कमान के प्रमुख थे। इसी दौरान उन्होंने श्ऑपरेशन सिंदूरश् में परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उन्होंने जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लिया है, जिन्होंने चार दशक से अधिक की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली है।

आधुनिक युद्ध तकनीक के जानकार

जनरल धीरज सेठ को आधुनिक युद्ध प्रणाली का विशेषज्ञ माना जाता है। ड्रोन, टैंक और नई सैन्य तकनीकों के समन्वित उपयोग पर उनकी अच्छी पकड़ है। उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज सहित विदेश में भी उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना तकनीक आधारित युद्ध क्षमता और आधुनिकीकरण की दिशा में नई गति से आगे बढ़ेगी। वहीं छत्तीसगढ़ के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी यादगार रहेगी, क्योंकि राज्य के पूर्व राज्यपाल का बेटा अब देश की सेना का नेतृत्व कर रहा है।

FAQ

  1. जनरल धीरज सेठ कौन हैं?
    जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ हैं। उन्होंने चार दशक से अधिक के सैन्य अनुभव के साथ सेना की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
  2. जनरल धीरज सेठ का छत्तीसगढ़ से क्या संबंध है?
    जनरल धीरज सेठ के पिता लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केएम सेठ छत्तीसगढ़ के दूसरे राज्यपाल रहे थे। इसी कारण उनका राज्य और राजभवन से विशेष पारिवारिक जुड़ाव है।

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