घर-घर मुनगा, हर-घर मुनगा बना सरकार का नया नारा, कुपोषण भगाने जन आंदोलन की अपील

VINAY VERMA | Jun 18, 2026, 15:16 IST
Share
घर घर मुनगा हर घर मुनगा अभियान 2026
घर घर मुनगा हर घर मुनगा अभियान 2026

छत्तीसगढ़ सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए नया अभियान शुरू किया है, जिसमें मुनगा को प्रमुख भूमिका दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 'घर-घर मुनगा' अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और हितग्राहियों के घरों में पौधे लगाने की योजना बनाई है।

Raipur. छत्तीसगढ़ में कुपोषण दूर भगाने का नया उपाय खोज लिया गया है। सरकार अब मुनगा यानी सहजन के भरोसे सुपोषण का सपना देख रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे बारिश में बड़े पैमाने पर मुनगा का पेड़ लगाएं। अभियान का नारा 'घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा' दिया गया है।

कुपोषण पर पेड़ का प्रहार

महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना बनाई है कि आंगनबाड़ी केंद्रों और हितग्राहियों के घरों में मुनगा लगाया जाए। सरकार का मानना है कि यह पौधा कुपोषण के खिलाफ हथियार बन सकता है। सवाल यह भी है कि वर्षों से चल रही योजनाएं जहां पूरी तरह सफल नहीं हुईं, वहां अब जिम्मेदारी एक पेड़ के कंधों पर आ गई है।

‘मदर ट्री’ पर बड़ा भरोसा

मंत्री ने अपने पत्र में मुनगा को ‘मदर ट्री’ बताया है। इसके पत्तों और फलियों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और कई विटामिन पाए जाते हैं। पोषण विशेषज्ञ भी इसके गुण गिनाते हैं। सरकार को उम्मीद है कि जिस कुपोषण ने दशकों से सरकारी रिपोर्टों में जगह बनाई हुई है, वह अब मुनगा देखकर डर जाएगा।

आंगनबाड़ी से आंगन तक

योजना के मुताबिक हर आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा लगाया जाएगा। हितग्राहियों के घरों तक भी पौधे पहुंचाए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे इस अभियान को जनआंदोलन बनाएं। सरकारी योजनाओं में जनआंदोलन शब्द नया नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार आंदोलन का प्रतीक पौधा होगा।

घर घर मुनगा हर घर मुनगा
घर घर मुनगा हर घर मुनगा


पंचायतों को मिला नया लक्ष्य

ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। जल स्रोतों के आसपास, पंचायत परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर मुनगा लगाने की अपील की गई है। बारिश का मौसम भी अनुकूल माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि पौधे जमीन पर ज्यादा लगते हैं या फाइलों में।

एनीमिया पर भी नजर

सरकार का दावा है कि मुनगा का नियमित सेवन एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ पौधा लगा देने से समस्या खत्म नहीं होती। उसके उपयोग और जागरूकता की भी उतनी ही जरूरत होती है।

आंकड़ों से जूझता छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ लंबे समय से कुपोषण की चुनौती से जूझ रहा है। हर साल नए अभियान आते हैं। नए लक्ष्य तय होते हैं। इस बार मुनगा को मिशन का चेहरा बनाया गया है। सरकार को भरोसा है कि यह पौधा घरों तक पोषण पहुंचाएगा। लेकिन असली परीक्षा तब होगी, जब सरकारी दावों के साथ कुपोषण के आंकड़े भी घटते दिखें।

अब पौधे से उम्मीद

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लोगों से अभियान में भागीदारी की अपील की है। लक्ष्य है सुपोषित छत्तीसगढ़ का निर्माण। फिलहाल सरकार की उम्मीदें मुनगा पर टिकी हैं। क्योंकि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में योजनाएं तो बहुत आईं, लेकिन अबकी बार मैदान में एक पौधा उतारा गया है।

FAQ

  1. ‘घर-घर मुनगा’ अभियान क्या है?
    छत्तीसगढ़ सरकार का यह अभियान कुपोषण दूर करने के लिए शुरू किया गया है, जिसमें हर घर और आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा (सहजन) का पौधा लगाने की योजना है।
  2. मुनगा (सहजन) कुपोषण में कैसे मदद करता है?
    मुनगा के पत्तों और फलियों में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बच्चों और महिलाओं में पोषण सुधारने और एनीमिया कम करने में मदद करते हैं।


ये खबरें भी पढ़ें...

25 रुपए के बजट में कुपोषण से जंग ! सरकार और सिस्टम फेल, NFHS-6 की डराने वाली रिपोर्ट

कुपोषित बच्चे को सिर्फ 25 रुपए का पोषण, इसमें मिलेगा 1 पाव दूध और 100 ग्राम दाल

शिशु मृत्यू दर में एमपी नंबर दो पर, हर तीसरा बच्चा कु पोषण का शिकार, SRS रिपोर्ट में खुलासा

मध्यप्रदेश में कु पोषण की तस्वीर : 33% बच्चे कम वजन, 8 साल से नहीं बढ़ी आंगनवाड़ी की पोषण राशि

Tags:
  • महिला एवं बाल विकास विभाग
  • कुपोषण
  • आंगनबाड़ी केंद्र
  • लक्ष्मी राजवाड़े
  • छत्तीसगढ़ में कुपोषण
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती