1 अगस्त से प्रीपेड बिजली! अब एक साथ देना होगा तीन महीने का एडवांस

Harrison Masih | Jul 22, 2026, 15:53 IST
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छत्तीसगढ़ में प्रीपेड बिजली सिस्टम 2026
छत्तीसगढ़ में प्रीपेड बिजली सिस्टम 2026

छत्तीसगढ़ में 1 अगस्त यानी कल से सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड सिस्टम पर लाने की तैयारी है। अब सभी विभागों को तीन महीने का बिजली बिल एडवांस में जमा करना होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों को अब बिजली के लिए एडवांस पैसा देना होगा। राज्य पावर कंपनी ने डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी पूरी कर ली है। सभी विभागों को इस महीने के अंत तक तीन महीने का बिल जमा करना होगा। यानी कल एक अगस्त से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। सरकारी विभागों पर फिलहाल साढ़े तीन हजार करोड़ रूपए का बकाया है।

प्रदेश में बिजली बिल को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक सरकारी दफ्तर बिजली इस्तेमाल तो करते थे, लेकिन बिल भरने में लापरवाही बरतते रहे हैं। इसी वजह से पावर कंपनी ने सख्त कदम उठाया है।

इस नई व्यवस्था के तहत हर विभाग को अलग कोड दिया गया है। साथ ही हर विभाग के लिए एक नोडल अधिकारी भी तय किया गया है।

अब एडवांस में देना होगा बिजली बिल

अब इस महीने के अंत तक सभी सरकारी विभागों को तीन महीने का बिल पहले ही जमा करना होगा। इसके साथ ही अगले महीने से सरकारी कनेक्शन एक तरह से प्रीपैड हो जाएंगे।

पावर कंपनी को उम्मीद है कि इससे सरकारी विभागों के बकाया से उसे राहत मिलेगी। कंपनी लंबे समय से इस दिशा में प्रयास कर रही थी, लेकिन अब जाकर यह काम अंतिम चरण में पहुंचा है।

डेढ़ लाख कनेक्शनों में लगे स्मार्ट मीटर

प्रदेश भर में पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। करीब डेढ़ लाख सरकारी विभागों के मीटर बदलकर अब स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं।

पहले सभी विभागों से तीन महीने का रीचार्ज कराने के लिए कहा गया था। लेकिन किसी भी विभाग ने रीचार्ज नहीं कराया। इसके बाद ऊर्जा विभाग ने अधिसूचना जारी कर सभी विभागों को एडवांस बिल जमा करने का निर्देश दिया।

प्रीपेड बिजली सिस्टम
प्रीपेड बिजली सिस्टम


साढ़े तीन हजार करोड़ का बकाया

सरकारी विभागों पर बकाया हमेशा से एक बड़ी समस्या रहा है। कई विभाग समय पर बिजली बिल जमा ही नहीं करते। आखिरकार पॉवर कंपनी को प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर बजट से पैसा लेना पड़ता है।

मई की स्थिति में सरकारी विभागों पर साढ़े तीन हजार करोड़ रूपए का बकाया है। जून और जुलाई का बिल जुड़ने पर यह बकाया करीब चार हजार करोड़ रूपए तक पहुंच सकता है। एक अगस्त से कनेक्शन प्रीपैड होने पर जुलाई तक का बकाया फ्रीज कर दिया जाएगा। यह पुराना बकाया प्रदेश सरकार किस्तों में पॉवर कंपनी को चुकाएगी।

विभागों के बनाए गए अलग-अलग ग्रुप

पहले चरण में सिर्फ ब्लॉक स्तर पर करीब 45 हजार सरकारी कनेक्शनों को प्रीपैड करने की योजना थी। लेकिन अब लगभग सभी डेढ़ लाख कनेक्शनों को इसमें शामिल किया जा रहा है।

जिला स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पंचायत और पुलिस जैसे सभी विभागों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। हर विभाग के एक जिले में मौजूद सभी दफ्तरों का औसत मासिक बिजली बिल भी देखा जा रहा है।

हर विभाग के लिए नोडल अधिकारी तय

सभी विभागों को तीन महीने के बिजली बिल के बराबर राशि पावर कंपनी में एडवांस जमा करनी होगी। इसके लिए हर विभाग को अलग कोड दिया गया है।

साथ ही हर विभाग के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। पॉवर कंपनी की कोशिश है कि सभी विभाग इस महीने के अंत तक एडवांस बिल जमा कर दें, ताकि एक अगस्त से पूरी व्यवस्था प्रीपैड हो सके।

अंतिम चरण में है तैयारी

वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर के मुताबिक सरकारी कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी अंतिम चरण में है। उनके अनुसार सभी विभागों के ग्रुप बनाकर कोड दे दिया गया है।

उनका कहना है कि यदि इस महीने के अंत तक विभाग एडवांस बिल जमा कर देते हैं, तो एक अगस्त से सभी कनेक्शन प्रीपैड हो जाएंगे। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि कितने विभागों ने समय पर भुगतान किया।

FAQ

  1. प्रीपेड बिजली कनेक्शन क्या है?
    प्रीपेड बिजली कनेक्शन ऐसी व्यवस्था है जिसमें बिजली का इस्तेमाल करने से पहले उपभोक्ता को रिचार्ज या एडवांस भुगतान करना होता है। इसमें स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली खपत की निगरानी होती है और जमा राशि के अनुसार बिजली का उपयोग किया जाता है। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के कनेक्शन इसी व्यवस्था में बदले जा रहे हैं, ताकि बिजली बिल का बकाया कम किया जा सके।
  2. छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन कब से प्रीपेड होंगे?
    छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन 1 अगस्त 2026 से प्रीपेड सिस्टम में बदलने की तैयारी है। इसके लिए पावर कंपनी ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।

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