छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में अब प्रीपेड बिजली मीटर अनिवार्य
Aishwarya Dwivedi | Jul 12, 2026, 10:04 IST
सरकारी दफ़्तरों में प्रीपेड बिजली मीटर
छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में अब मोबाइल की तरह प्रीपेड बिजली मीटर लगेंगे। केंद्र से अनुदान रुकने और करीब 3432 करोड़ रुपये के बकाए के बाद सरकार ने यह सख्त फैसला लिया है।
समझें क्या है पूरा मामला
केंद्र के झटके के बाद बड़ा फैसला
दरअसल भारत सरकार की एक खास वितरण क्षेत्र योजना चल रही है। इस योजना की शर्तें पूरी न होने पर राज्य को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने मिलने वाले अनुदान की एक-तिहाई राशि रोक दी है। इस बड़े वित्तीय नुकसान के बाद राज्य सरकार तुरंत हरकत में आ गई।
दो चरणों में लागू होगी नई व्यवस्था
इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू किया जाएगा। दूसरे चरण में निचले स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों को कवर किया जाएगा। अब किसी भी सरकारी विभाग को बिना पैसे दिए बिजली नहीं मिलेगी। इससे सरकारी विभागों में बिजली की बर्बादी भी काफी कम हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में अब प्रीपेड बिजली मीटर अनिवार्य
पुराना बकाया बिल किया गया फ्रीज
इस भारी-भरकम राशि को चुकाने के लिए एक प्लान बनाया गया है। विभागों को यह राशि चार त्रैमासिक किस्तों में जमा करनी होगी। यह पैसा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI - State Bank of India) की रायपुर कमर्शियल ब्रांच में जमा होगा। भुगतान के लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। हर सरकारी विभाग को अपने सभी कनेक्शनों का एक ग्रुप बनाना होगा। बिजली कंपनी इस ग्रुप को एक यूनिक ग्रुप आईडी (ID - Identification) देगी। इससे सभी कनेक्शनों की निगरानी एक साथ आसानी से हो सकेगी।
एसएमएस से मिलेगा अलर्ट
महीने के अंत में बैलेंस माइनस रहने पर सरचार्ज का प्रावधान है। हालांकि महीने के बीच में बैलेंस माइनस होने पर राहत मिलेगी। अगर आखिरी तारीख से पहले रिचार्ज कर लिया तो सरचार्ज नहीं लगेगा। बैलेंस शून्य होने पर भी विभागों को थोड़ी मोहलत दी जाएगी। तिमाही समाप्त होने के बाद भी 15 दिनों तक बिजली नहीं काटी जाएगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड मीटर कब से लागू हो रहे हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के ब्लॉक और उच्च स्तर के सभी सरकारी दफ्तरों में 1 अगस्त 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य रूप से लागू कर दिए जाएंगे। - सरकारी विभागों पर बिजली कंपनी का कुल कितना पैसा बकाया है?
उत्तर: सरकारी विभागों पर मार्च 2026 तक 2883.42 करोड़ रुपए का बिल बकाया था। जून 2026 तक इसके बढ़कर 3432.64 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। - बजट खत्म होने की जानकारी सरकारी विभागों को कैसे मिलेगी?
उत्तर: विभाग के नोडल अधिकारी के रजिस्टर्ड मोबाइल पर बजट खत्म होने के 7 दिन, 3 दिन और 1 दिन पहले एसएमएस और व्हाट्सएप से अलर्ट भेजा जाएगा।
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