हसदेव-बैलाडीला में खनन का विरोध, आदिवासियों को 32% आरक्षण की मांग
Arun Tiwari | Jun 13, 2026, 09:47 IST
आदिवासियों के लिए कांग्रेस का बड़ा दांव
कांग्रेस ने रायपुर बैठक में आदिवासी मुद्दों पर प्रस्ताव पास किया। हसदेव-बैलाडीला खनन का विरोध, ST को 32% आरक्षण, अलग जनगणना कॉलम, पेसा कानून लागू करने और UCC से आदिवासियों को बाहर रखने की मांग की गई। नक्सल, भूमि अधिग्रहण और रोजगार मुद्दे भी उठे।
Raipur : छत्तीसगढ़ में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं कांग्रेस का आदिवासी प्रेम बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के आदिवासी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में आदिवासियों के कोर इश्यू उठाने की बात हुई। कांग्रेस अब हसदेव से कोयला और बैलाडीला से लोहा निकालने का आदिवासियों के साथ पुरजोर विरोध करेगी।
इसके अलावा कांग्रेस ने राजनीतिक प्रस्ताव पास कर आदिवासियों को 32 फीसदी आरक्षण देने और जनगणना में उनके लिए अलग कॉलम बनाने की मांग की। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू समेत सभी आदिवासी विधायकों और नेताओं ने भाग लिया। कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों की सुरक्षा, वन अधिकार पट्टा, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण से विस्थापन और आदिवासी हितों की रक्षा जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए गए। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस ने कहा कि आरएसएस भ्रम फैलाकर आदिवासियों को बांटना चाहता है इसलिए उनकी बातों में नहीं आना।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा प्रस्तुत 12 बिंदुओं के प्रस्ताव में सरकार से हसदेव अरण्य, परसा ईस्ट केते बासन, केते एक्सटेंशन और अन्य नई कोयला खदानों के लिए दी गई अनुमति वापस लेने की मांग की गई। प्रस्ताव में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा लाखों पेड़ों की कटाई और हसदेव की 1,742 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन की मंजूरी रद्द करने की भी मांग शामिल है।
कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति के लिए जनसंख्या के अनुपात में 32 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और राजभवन में लंबित आरक्षण विधेयक की अधिसूचना जारी करने की मांग दोहराई। इसके साथ ही वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र लोगों को वनाधिकार पट्टे देने पर जोर दिया गया।
बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव में कहा गया कि संघर्ष के कारण पलायन करने वाले निर्दोष आदिवासियों को वापस लाने, नक्सली हिंसा और फर्जी मुठभेड़ों के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने तथा नक्सली सहयोगी होने के आरोप में जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही 25 हजार से अधिक आदिवासियों के खिलाफ जारी स्थायी और अस्थायी वारंट रद्द करने की मांग भी रखी गई।
प्रस्ताव में संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की मांग करते हुए आदिवासी स्वशासन, ग्राम सभा की सर्वोच्चता और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया गया। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संभावित दायरे से आदिवासी समाज को बाहर रखने और उनकी पारंपरिक विवाह एवं सामाजिक व्यवस्थाओं को संरक्षित रखने की भी मांग की गई।
कांग्रेस ने स्थानीय रोजगार और सरकारी भर्तियों में आदिवासियों को प्राथमिकता देने, बस्तर और सरगुजा संभाग में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू करने तथा विशेष भर्ती अभियान चलाने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा विकास परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण में ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति के प्रावधान का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बैठक में पारित प्रस्ताव में आदिवासियों की विशेष संवैधानिक पहचान और अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए जनसांख्यिकी, संस्कृति और सामाजिक ढांचे को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखने की बात कही गई। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी द्वारा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहे जाने का विरोध दर्ज कराया गया और कहा गया कि उनकी मूल पहचान ‘आदिवासी’ है।
कांग्रेस ने वर्ष 2026-27 की जनगणना में आदिवासियों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए अलग कॉलम बनाए जाने की भी मांग उठाई, ताकि उनकी वास्तविक संख्या और विशिष्ट पहचान का सही आकलन हो सके।
CG News | विश्व प्रसिद्ध हसदेव के बाद अब नेशनल ट्रेजर बैलाडीला खदान पर बिगड़ी बात !
विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की केरल के अलावा चार राज्यों में हार, जानें पूरा रिपोर्ट कार्ड
दीपक बैज को रास नहीं आई टीएस सिंहदेव की पीसीसी चीफ बनने की बात, बोले बाबा के लिए दिल्ली दूर नहीं
हसदेव अरण्य में नई खदान को मंजूरी पर भड़के सिंहदेव बोले-अडानी को फायदा पहुंचाने का खेल शुरू
इसके अलावा कांग्रेस ने राजनीतिक प्रस्ताव पास कर आदिवासियों को 32 फीसदी आरक्षण देने और जनगणना में उनके लिए अलग कॉलम बनाने की मांग की। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू समेत सभी आदिवासी विधायकों और नेताओं ने भाग लिया। कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
आदिवासियों का समर्थन और बूथ प्रबंधन
कोयला खदानों का विरोध
32 फीसदी आरक्षण
नक्सल मुद्दे पर चर्चा
यूसीसी से बाहर हों आदिवासी
सरकारी भर्ती में आदिवासियों को प्राथमिकता
वनवासी नहीं आदिवासी
जनगणना में अलग कॉलम
FAQ
- कांग्रेस ने आदिवासी मुद्दों पर क्या मांगें रखीं?
कांग्रेस ने 32% आरक्षण, अलग जनगणना कॉलम और खनन परियोजनाओं के विरोध की मांग की है। - क्या हसदेव और बैलाडीला खनन का विरोध किया गया है?
हां, कांग्रेस ने पेड़ों की कटाई और वन भूमि डायवर्जन का विरोध किया है। - UCC को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने आदिवासी समाज को UCC के दायरे से बाहर रखने की मांग की है।
यह खबरें भी पढ़े...
विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की केरल के अलावा चार राज्यों में हार, जानें पूरा रिपोर्ट कार्ड
दीपक बैज को रास नहीं आई टीएस सिंहदेव की पीसीसी चीफ बनने की बात, बोले बाबा के लिए दिल्ली दूर नहीं
हसदेव अरण्य में नई खदान को मंजूरी पर भड़के सिंहदेव बोले-अडानी को फायदा पहुंचाने का खेल शुरू
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari