पूर्व IAS रानू साहू के रिश्तेदारों की याचिकाएं खारिज, करोड़ों की संपत्ति रहेगी अटैच

Harrison Masih | Apr 23, 2026, 18:50 IST
Share
hc-rejects-ias-ranu-sahu-family-plea-attachments
hc-rejects-ias-ranu-sahu-family-plea-attachments

हाईकोर्ट ने पूर्व IAS रानू साहू और उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों को अटैच किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि जुर्म से पहले खरीदी गई संपत्तियां PMLA के तहत सुरक्षित नहीं होतीं।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा के पूर्व और निलंबित कलेक्टर आईएएस रानू साहू के रिश्तेदारों की करोड़ों रुपये की संपत्ति अटैच किए जाने के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने की।

कोल लेवी व मनी लॉन्ड्रिंग केस

यह मामला कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रानू साहू के रिश्तेदारों की संपत्ति को अटैच किया था। अटैच की गई संपत्ति में तुषार साहू, रानू साहू, पंकज कुमार साहू, पीयूष कुमार साहू, रानू साहू के भाई पूनम साहू, रानू साहू की बहन, अरुण कुमार साहू (रानू साहू के पिता), लक्ष्मी साहू (रानू साहू की मां), सहलिनी साहू (पीयूष कुमार साहू की पत्नी) और रेवती साहू (रानू साहू की आंटी) की संपत्ति शामिल है।

ईडी ने इन सभी रिश्तेदारों पर मनी लॉन्ड्रिंग और अपराध से संबंधित आर्थिक लाभ को छिपाने का आरोप लगाया है। इसके खिलाफ इन लोगों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाओं में यह दावा किया गया था कि ईडी ने रानू साहू के कोरबा कलेक्टर रहने से पहले खरीदी गई संपत्ति को अटैच किया है, जो गलत है। इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना था कि एफआईआर में उनका नाम नहीं था और अटैच की गई संपत्तियों को मुक्त करने की मांग की गई थी।

कोर्ट का आदेश

हाईकोर्ट ने इस मामले में अपने आदेश में कहा कि जुर्म से पहले खरीदी गई संपत्ति PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत अपने आप अटैचमेंट से सुरक्षित नहीं होती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्शन 2(1)(u) के तहत "जुर्म से हुई कमाई" की परिभाषा में न केवल गलत संपत्ति शामिल है, बल्कि उसकी बराबर कीमत भी शामिल है।

कोर्ट ने कहा कि यदि किसी अपराधी के पास वास्तविक कमाई का कोई ठोस प्रमाण नहीं होता है, तो अधिकारी उतनी ही कीमत की दूसरी संपत्ति अटैच कर सकते हैं, भले ही वह संपत्ति पहले कानूनी रूप से खरीदी या हासिल की गई हो। इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराधी जुर्म से होने वाले आर्थिक लाभ को अपने पास न रखें।

मनी लॉन्ड्रिंग की प्रकृति

कोर्ट ने यह भी कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में काम करने का तरीका अक्सर जटिल और स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता, जिससे सीधे तौर पर सबूत प्राप्त करना कठिन हो जाता है। इसके कारण, एनफोर्समेंट अथॉरिटी के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह सीधे सबूतों से यह साबित करे कि जिस संपत्ति को अटैच किया गया है, वह जुर्म से प्राप्त हुई कमाई है।

याचिकाएं खारिज

अंततः, कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ईडी की कार्रवाई कानूनी रूप से सही है और अटैचमेंट से संबंधित सभी दावों को अस्वीकार कर दिया। इस फैसले के बाद, अब रानू साहू के रिश्तेदारों के लिए संपत्ति मुक्त कराने का कोई रास्ता नहीं बचा है, और ईडी की कार्रवाई वैध मानी गई है। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ गंभीर कानूनी कदमों का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें भ्रष्टाचार और अपराध से हुए आर्थिक लाभ को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

ये खबरें भी पढ़ें...

अब PWD करेगी आरोपी IAS रानू साहू की संपत्तियों की जांच... कोयला घोटाला मामले में निलंबित

निलंबित IAS रानू साहू की बढ़ी मुश्किलें, PWD करेगा संपत्ति की जांच, ACB ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

coal levy case: हाईकोर्ट ने ठुकराई नवनीत तिवारी की जमानत खारिज, रानू साहू का करीबी है आरोपी

ये दिवाली-जेल वाली...विधायक यादव और पूर्व IAS Ranu Sahu की रिमांड बढ़ी

Tags:
  • IAS Ranu Sahu
  • coal levy case
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • निलंबित IAS रानू साहू
  • IAS रानू साहू
  • जस्टिस रमेश सिन्हा
  • रानू साहू की संपत्ति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा