भूपेश बघेल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई... ED को दी चुनौती
Kanak Durga Jha | Aug 06, 2025, 10:21 IST
Hearing Bhupesh Baghels petition Supreme Court today
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्यशैली और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 44 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पक्ष रखेंगे।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की कुछ धाराओं के खिलाफ दाखिल याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक दांवपेंच नहीं, बल्कि केंद्र और विपक्ष के बीच संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई बनता जा रहा है।
बघेल ने
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्यशैली और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 44 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पक्ष रखेंगे। यह सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भूयानंद और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की तीन-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष होगी। इससे पहले 4 अगस्त को कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी, लेकिन अब याचिका को धारा 44 के अन्य मामलों से जोड़ दिया गया है।
बघेल ने चैतन्य मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि जहां पुराने मामलों को नए तरीके से खोलकर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं जिन पर पहले से ही गैर-जमानती वारंट जारी हैं, वे आज़ाद घूम रहे हैं। उन्होंने इसे जांच एजेंसियों की दोहरी नीति बताया।
शराब-कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दायरे में आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। गिरफ्तारी से बचने से बघेल ने सुप्रीम कोर्ट अग्रिम जमानत याचिका लगाई है। अपनी याचिका में उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
दायर याचिका में पूर्व सीएम ने कहा कि जैसे उनके बेटे चैतन्य बघेल को राजनीतिक द्वेष में फंसाकर गिरफ्तार किया गया, वैसे ही उन्हें भी टारगेट किया जा सकता है। बघेल का कहना है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जल्द सुनवाई होगी।
इसके अलावा शराब घोटाला मामले में जेल में बंद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई है। चैतन्य की याचिका में कहा गया है कि न तो उनका नाम ED की FIR में है और न ही किसी गवाह के बयान में, फिर भी उन्हें राजनीतिक मकसद से गिरफ्तार किया गया है।
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बघेल ने ईडी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
ईडी की मंशा पर भूपेश का सवाल मंगलवार को मीडिया से चर्चा में बघेल ने कहा कि ईडी बिना कोर्ट की अनुमति के दोबारा जांच कर रही है, जो कानूनन गलत है। उन्होंने कहा कि धारा 50 के तहत किसी भी आरोपी से खुद की गवाही लेना न्याय सिद्धांतों के विपरीत है। "कोई अपने खिलाफ कैसे गवाही दे सकता?" – उन्होंने सवाल उठाया।
सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
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गैर-जमानती वारंट के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं?
ये है पूरा मामला
दायर याचिका में पूर्व सीएम ने कहा कि जैसे उनके बेटे चैतन्य बघेल को राजनीतिक द्वेष में फंसाकर गिरफ्तार किया गया, वैसे ही उन्हें भी टारगेट किया जा सकता है। बघेल का कहना है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जल्द सुनवाई होगी।
चैतन्य बघेल ने भी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका
FAQ
- भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में कौन-सी धारा को चुनौती दी है?
उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 44 को चुनौती दी है। - कोर्ट में उनकी ओर से कौन वकील पेश होंगे?
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल उनका पक्ष रखेंगे। - बघेल का आरोप क्या है ED पर?
उन्होंने कहा कि ED बिना कोर्ट अनुमति दोबारा जांच कर रही है। - धारा 50 पर उनका क्या कहना है?
यह धारा आरोपियों से खुद की गवाही लेने की इजाजत देती है, जो न्याय के विपरीत है।
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